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SARWAT FATMI

SARWAT FATMI Matrubharti Verified

@sarwat
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दिल को छू गया कोई

एक ऐसा इंसान मिला,
जो अनजाने ही मेरे दिल को छू गया,
सोचा था उससे थोड़ा दूर हो जाऊँ,
पर जाने क्यों उसका हर लफ़्ज़ अच्छा लगने लगा।

उसकी बातें दिल में उतरने लगीं,
उसकी हँसी चेहरे पर मुस्कान ले आई,
उसका गुस्सा भी अपना-सा लगा,
और उसकी प्यारी बातें दिल को भा गईं।

कभी सोचा था कि दूरी बना लूँ,
पर दिल हर बार उसकी ओर खिंचता गया,
पता ही नहीं चला कब उसकी बातें,
मेरे दिल का एक खूबसूरत हिस्सा बन गईं।

शायद कुछ रिश्तों की कोई वजह नहीं होती,
बस एक मुलाकात दिल में जगह बना जाती है,
और कोई इंसान…
बिना कुछ कहे ही बहुत खास बन जाता है। ❤️
❤️sarwat fatmi❤️

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“यूँ दिल में बस गई”

एक लड़की से पहली मुलाक़ात यूँ दिल को भा गई,
जैसे कोई अनजानी सी खुशी ज़िंदगी में आ गई।

उसकी मासूमियत दिल में कुछ ऐसी उतर गई,
कि वो धीरे-धीरे मेरी अपनी सी बन गई।

उसकी नोक-झोंक भी अब अच्छी लगने लगी,
उसकी हर छोटी बात दिल को छूने लगी।

पता ही नहीं चला कब उसका साथ खास हो गया,
कब मैं उसकी हमराज़ और हमसफ़र-सी बन गई।

कुछ रिश्ते नाम के मोहताज नहीं होते,
बस दिल से जुड़ते हैं और हमेशा के लिए अपने हो जाते हैं।

वो पहली मुलाक़ात आज भी याद है मुझे,
क्योंकि उसी दिन एक प्यारी-सी लड़की
मेरे दिल में हमेशा के लिए बस गई। ❤️
❤️sarwat Fatmi❤️

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कभी लगता है,
कोई बस गले लगा ले,
और मैं रो लूँ…
ज़ोर-ज़ोर से,
बिना कुछ कहे,
बिना कुछ समझाए

थक गई हूँ
अपने अंदर के शोर से,
हर रोज़ खुद को संभालते-संभालते,
मुस्कुराते-मुस्कुराते,
और अपनी ही खामोशी से लड़ते-लड़ते।

कभी कोई बस इतना कह दे—
“आज मत संभलो,
बस रो लो…”
तो शायद ये दिल
थोड़ा हल्का हो जाए,
और आँखों में ठहरे आँसू
आख़िरकार बह जाएँ।
कभी-कभी
खुद को भूलकर
सुकून से रो सके।
❤️sarwat fatmi❤️

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ख़ामोशियों का शहर

आज दिल कुछ ज़्यादा ही उदास है,
आँखें बिना वजह नम हैं…
कहने को बहुत कुछ है,
मगर लफ़्ज़ जैसे कहीं थम गए हैं।

समझ नहीं आता,
किस बात से शुरू करूँ,
किस दर्द को पहले कहूँ…
इसलिए शायद ख़ामोशी को ही
अपना हमराज़ बना लिया है।

रात आँखों में गुज़र जाती है,
और सुबह फिर चेहरे पर मुस्कान होती है…
लोग पूछते हैं— “सब ठीक है?”
और हम हमेशा की तरह कहते हैं—
“हाँ… बिल्कुल ठीक हूँ।”

बस दिल जानता है,
उस मुस्कान के पीछे
कितनी अनकही बातें छुपी हैं।
❤️sarwat fatmi❤️

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मन उदास सा है😔

मन उदास सा है आज,
जाने क्यों कुछ खोया-खोया सा लगता है,
दिल बार-बार खुद से पूछता है—
क्या मुझसे कुछ गलत तो नहीं हुआ?

हर बात को फिर से याद करती हूँ,
हर लफ़्ज़ को मन में दोहराती हूँ,
कहीं मेरी कोई बात
किसी को चुभ तो नहीं गई…
बस इसी सोच में खुद को उलझाती हूँ।

काश कोई इतना कह दे—
“नहीं, तुमसे कोई गलती नहीं हुई,
बस आज मन थोड़ा थका हुआ है।”

क्योंकि कभी-कभी
बिना किसी वजह के भी
दिल भारी हो जाता है…
और इंसान को बस
थोड़ा सा अपनापन चाहिए होता है। ❤️
❤️sarwat fatmi❤️

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कभी बातों-बातों में कोई अपना सा लगने लगता है,
अनजाना होकर भी दिल के करीब रहने लगता है।
पता ही नहीं चलता कब समझने लगे एक-दूजे को,
बस हर बात में एक सुकून सा मिलने लगता है।
शायद रिश्तों की खूबसूरती यही तो होती है—
बिना कहे भी कोई बहुत कुछ समझने लगता है।
- SARWAT FATMI

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एक ही पता, एक मीठा इत्तिफ़ाक़

एक ही पता था, रास्ते भी वही,
एक लड़का था, एक लड़की थी कहीं।
मुलाक़ातें कम थीं, मगर यादें हज़ार,
छोटी-सी वो दुनिया, लगती थी ख़ास।

इत्तिफ़ाक़ था या किस्मत की बात,
एक ही पते ने जोड़ दिए जज़्बात।
वक़्त गुज़र गया, रास्ते बदल गए,
पर वो मीठी यादें आज भी साथ रह गए। ❤️
- SARWAT FATMI

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माँ… चोट तो आज भी वही लगती है

चोट लगी तो सबसे पहले तुम्हारा ही ख़याल आया, माँ।
याद आया, कैसे तुम घबराकर कहती थीं,
“अरे… इतनी ज़ोर से चोट लग गई?”

फिर बिना कुछ कहे
रसोई की ओर भाग जाती थीं।
हल्दी वाला दूध बनाती थीं,
गर्म पानी से सिकाई करती थीं,
और अपने प्यार भरे हाथों से
हर दर्द को धीरे-धीरे चुरा लेती थीं।

आज भी चोट लगी है, माँ…
फ़र्क बस इतना है कि
हल्दी वाला दूध मैं ख़ुद बना रही हूँ,
गर्म पानी की सिकाई भी ख़ुद ही कर रही हूँ।

लेकिन तुम्हारे हाथों का वो स्पर्श,
तुम्हारी दुआओँ की गर्माहट,
तुम्हारी घबराहट में छिपा प्यार—
वो कहीं नहीं मिलता।

दर्द तो शायद वक़्त के साथ कम हो जाए,
मगर तुम्हारी कमी…
हर चोट के साथ और गहरी हो जाती है।

काश, आज तुम मेरे पास होतीं, माँ।
तो शायद ये चोट इतनी नहीं चुभती।

अब हर ज़ख्म बस यही कहता है—
दवा तो मिल जाती है,
पर माँ का स्पर्श कभी नहीं मिलता।

तुम्हारी याद ही अब मेरी मरहम है, माँ…
और तुम्हारा एहसास ही
हर दर्द में मुझे संभाल लेता है।
🥹Miss u Ammi🥹💕love u alot💕
❤️sarwat Fatmi❤️

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माँ ❤️

आज एक बात समझ आई…
माँ एक शब्द नहीं, सिर्फ एक रिश्ता नहीं,
वह हमारे लिए पूरी दुनिया है… बल्कि यूँ कहें, हमारी दूसरी दुनिया है।

वह हमें सिर्फ जन्म नहीं देती,
हर रोज खुद को मिटाकर हमें बनाती है।
उसकी नींद अधूरी रहती है,
पर उसकी दुआएँ कभी अधूरी नहीं होतीं।

माँ हमारी पहली आवाज, पहला सहारा
और आख़िरी उम्मीद होती है।
जब दुनिया हम पर उंगलियाँ उठाती है,
तो माँ ढाल बनकर खड़ी हो जाती है।

जब हर रिश्ता साथ छोड़ देता है,
तो माँ खामोशी से हमारा हाथ थाम लेती है।
वह टूटती तो है, पर बिखरती नहीं,
रोती भी है, पर अपने आँसू छुपा लेती है।

माँ कोई शब्द नहीं…
वह हमारी पूरी कायनात है।
खुद अधूरी रहकर भी हमें पूरा कर देती है।

❤️ Love you Maa ❤️
🥰 Sarwat Fatmi 🥰

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रिश्ते

रिस्तो में एक दूसरे की समझदारी ज्यादा जरूरी होती है
किसी भी रिश्ते में ये सवाल अकसर पूछ लेना चाहिए
"क्या हुआ,सब ठीक है ना, कोई परेशानी तो नहीं "
ताकि कभी खुद में भी सवाल ना खड़ा हो
के काश.... पूछ लेते" क्या हुआ था "???
क्यों की खामोशी अचानक नहीं आती
धीरे धीरे आपके रिश्ते में पन्मति है
इसलिए जो बातें हो वह पूछ लो
कल का क्या है???...
अक्सर कोई आपका है और वह पूछ रहा है
"क्या हुआ सब ठीक है कोई दिक्कत तो नहीं "
तो आप बहुत किस्मत वाले हो
वरना कुछ रिश्ते में ऐसा होता नहीं
और अफसोस ही रह जाता है
की क्या हुआ था हमें पता ही नहीं चला
🥰Sarwat Fatmi🥰

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