Berang Ishq Gahra Pyaar - 8 in Hindi Love Stories by kajal jha books and stories PDF | बेरंग इश्क गहरा प्यार - एपिसोड 8

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बेरंग इश्क गहरा प्यार - एपिसोड 8

नया सवेरा और पुरानी परछाइयां
बालकनी पर छाई वह शांति सुकून देने वाली थी, लेकिन देब के मन में अभी भी एक चुभन बाकी थी। जब आर्यन और राधिका अपनी नई शुरुआत के सपने बुन रहे थे, देब लिविंग रूम में बैठकर समीर के पास से मिले उस फोन को देख रहा था जो पुलिस को सौंपने से पहले उसने अपने पास रख लिया था।
पाखी धीरे से उसके पास आई और उसके कंधे पर हाथ रखा। "सब ठीक हो गया देब, अब इतना मत सोचो।"
देब ने फोन की स्क्रीन उसकी तरफ घुमाई। "सब ठीक नहीं हुआ है पाखी। समीर सिर्फ एक मोहरा था। उसे जानकारी अंदर से मिल रही थी। कोई है जो खन्ना मेंशन की दीवारों के भीतर रहकर गद्दारी कर रहा है।"
एक अनचाही दस्तक
अभी सूरज की पहली किरणें पूरी तरह फैली भी नहीं थीं कि मेंशन के मुख्य द्वार पर एक काली गाड़ी आकर रुकी। गाड़ी से एक अधेड़ उम्र का व्यक्ति उतरा, जिसकी आँखों में एक अजीब सी ठंडी चमक थी। यह मिस्टर सिंघानिया थे—समीर के पिता और शहर के सबसे रसूखदार बिज़नेस टायकून।
आर्यन और राधिका भी शोर सुनकर नीचे आ गए। सिंघानिया ने सीधे आर्यन की आँखों में देखा।
"मेरे बेटे ने गलती की, उसे सजा मिल रही है," सिंघानिया की आवाज़ में कोई पछतावा नहीं था, बल्कि एक चुनौती थी। "लेकिन आर्यन खन्ना, तुमने उसे थप्पड़ और पुलिस के हवाले करके सिर्फ समीर से नहीं, बल्कि पूरे सिंघानिया साम्राज्य से दुश्मनी मोल ली है। और याद रखना, खन्ना खानदान की खुशियाँ अक्सर बहुत छोटी होती हैं।"
आर्यन का जवाब
राधिका का हाथ आर्यन की पकड़ में थोड़ा कस गया। उसे डर था कि कहीं फिर से कोई तूफान न खड़ा हो जाए। लेकिन आर्यन ने पीछे हटने के बजाय एक कदम आगे बढ़ाया।
"मिस्टर सिंघानिया, धमकियाँ कमज़ोर लोग देते हैं। अगर आपने और आपके बेटे ने मर्यादा सीखी होती, तो आज आपको यहाँ सफाई देने नहीं आना पड़ता। जहाँ तक हमारी खुशियों की बात है... तो उन्हें छीनने के लिए आपको पहले मुझसे और मेरे भाई देब से गुज़रना होगा।"
देब ने समीर का फोन अपनी जेब में डाला और सिंघानिया के करीब जाकर धीमे स्वर में कहा, "इस फोन में बहुत कुछ ऐसा है जो आपके साम्राज्य को राख कर सकता है। अगली बार कदम सोच-समझकर उठाइएगा।"
सिंघानिया बिना कुछ कहे मुड़ा और अपनी गाड़ी में बैठ गया, लेकिन जाते-जाते उसकी नज़र राधिका पर टिकी थी, जो एक नए खतरे का संकेत दे रही थी।
आने वाले खतरे का संकेत
जैसे ही गाड़ी आँखों से ओझल हुई, राधिका ने आर्यन की तरफ देखा। "क्या यह कभी खत्म होगा, आर्यन? क्या हम कभी चैन से जी पाएंगे?"
आर्यन ने उसके माथे को चूमा और मुस्कुराया। "जब तक हम साथ हैं, हर तूफान थम जाएगा। लेकिन अब हमें सिर्फ प्यार नहीं, बल्कि सतर्कता की भी ज़रूरत है।"
उधर, देब ने पाखी को एक कोने में ले जाकर फुसफुसाते हुए कहा, "पाखी, समीर के फोन में आखिरी कॉल 'घर' (Home) के नाम से सेव है। और वह नंबर हमारे ही लैंडलाइन का है।"
पाखी के चेहरे से रंग उड़ गया। गद्दार घर के अंदर ही था

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