सुबह का समय था अजय सिंह और विजय डोभाल दोनों इंतजार कर रहे थे ,तभी अन्दर एक महिला आती है उसके पैरो को आवाज सुन कर दोनो खड़े हो जाते है ।
महिला ___ चलिए आपको मैडम ने भुलाया है ,
दोनो एक दूसरे के मुंह की तरफ देखते है और उस के पीछे पीछे चल देते है ,
अजय सिंह (धीरे से) आज शाम को केसे भी करके हमे यहा से बाहर जाना है और सरदार भूपसिंह से मिलना है ।
विजय ढोभल ___शाम तो अभी दूर है ,उससे पहले यहां के नाटक तो देख ले , देखे आगे क्या होता है ,, यार कुछ भी बोल यहां की लड़किया बहुत ही सुन्दर है ,कसम से
अजय सिंह विजय को हल्के से मुंह बंद रखने को कहता है दोनो थोड़ी देर में नूर जहां के बाहर पहुंच गए ,वहा पर और कई महिलाएं खड़ी थी जिस में एक बुजुर्ग महिला भी थी जिसको देख कर लग रहा था शायद नूर जहां की दादी है ,वो आपस में बहस कर रही थी।
बुजुर्ग महिला ___नूर जहां ये तुमने सही नही किया किसी अनजान आदमी को तुम यहां कैसे रख सकती हो ,वो भी मालिक को बिना बताए,,बताओ भला ये कोई बात नही हुई ,,पता नही कोन है कहा से आए है ।
नूर जहां ___ आप शांत हो जाए ऐसा, वैसा कुछ नही है आप कुछ भी सोचे जा रहे हो ,
(तभी दोनो वहा आ जाते है उन दोनो को देख कर नूर जहां बोलते बंद हो जाती है और उनकी तरफ देखती है
नवीदा इनको वहा सामने बैठा दो मैं अभी भुलाती हु,,
नवीदा ____जी मैडम,,,, सलाम चलिए अभी मैडम बिजी है आप वहा बैठिए,,
बुजुर्ग महिला ____अगर तुम्हारे भाई जान और अब्बू को पता चला तो , जानती हो इसका अंजाम क्या होगा
नूर जहां ____ फूफी,, ये लड़के कोई आम आदमी नही है ,आपको पता है जब हम पिकनिक पर गए थे तो रास्ते में हमे कुछ लोगो घेर लिया था ,, तभी इन दोनो ने हमारी हेल्प करी थी ,बहुत हिम्मत है दोनो में
बुजुर्ग महिला _____या अल्लाह,,तुमने ये सब हमे पहले क्यों नहीं बताया,, कही कुछ लगा लगी तो नही हुई तुझे ,,, तू ना खुद मरेगी और मुझे भी मरवाएगी किसी दिन ,,अगर ये बात तेरे अब्बू और तेरे भाई को पता चली तो मेरी खैर नहीं ,,,
नूर जहां _____ ये बात आप किसी से नहीं बोलेगी समझी ,,बाकी हम अपने आप संभाल लेगी ,,और हा इनकी कबलियत देख कर इन दोनो को मैने अपना बोर्डी गार्ड रखा है , जांच परखने के बाद रही बात अब्बू की तो मैं सही समय पर उनको बता दुगी,आप पर कोई आंच नहीं आयेगी ,,,अगर अभी सब बता दिया तो मेरे बाहर जाने का सारा मज़ा खराब हो जायेगा, फूफी जान,,
बुजुर्ग महिला _____चल ठीक है जैसा तुझे अच्छा लगे कर ,,लेकिन अपना खयाल रखा कर , तू बहुत सीधी है मेरी जान हर किसी पर बिलीव कर लेती है , बिलकुल अपनी मां पर गई है । अच्छा खुदा हाफिज,,
नूर जहां ____खुदा हाफिज,,,(फूफी के जाते ही नूर जहां ने दोनो को आने का इशारा दिया ,,लेकिन अजय सिंह उन दोनो की बाते ध्यान से सुन रहा था , क्युकी उसको दूसरे लोगो की लिप्सिंग के हर वार्ड को पकड़ने में महारथ हासिल है ,,दोनो नूर जहां के सामने आकर खड़े हो जाते है ,,।
जावेद तुम अंदर आओ ,,और तुम,तुम यही रुको ,,
विजय का दिल टूट गया वो बाहर ही खड़ा रहा ,।
रूम के अन्दर
अजय सिंह एक चेयर पर बैठा है , नूर जहां अपने बाथरूम से निकल कर आती है , उसको देख कर अजय सिंह खड़ा हो जाता है ,अभी तक अजय सिंह ने उसको दूसरे कपड़ो में देखा था लेकिन आज इसके बदन पर मात्र दो कपड़े थे ,और उसके ऊपर एक अन्य तरीके का कपड़ा डाला हुआ था ,जिस में आर पार साफ नजर आ रहा था ।
नूर जहां हल्के कदमों से अजय सिंह के पास आती है और उसके सामने खड़ी हो जाती है ।
नूर जहां के गालों की लाली नजर को उसके चेहरे पर टिकने नहीं दे रही थी, अजय सिंह नूर जहां की सास को बहुत करीब से महसूस कर सकता है एक अलग तरह का परफ्यूम की महक नाक के माध्यम से अजय के दिमाग में समा गई । शायद नूर जहां की तड़प ही ऐसी थी की अजय सिंह को कुछ भी हरकत ना करने के लिए मजबूर कर रही थी।
नूर जहां ____जावेद,, क्या हुआ कहा खो गए जनाब ,,
अजय सिंह (जावेद उस्मानी) ____कही तो नही
नूर जहां ___ आओ,
(अजय सिंह का हाथ पकड़ लेती है और उसको अपने बैड की तरफ ले जाती है , नूर जहां भी जवान थी अभी तक उसका सामना इतने गबरू जवान से नही हुआ , उधर अजय सिंह का हाथ जेसे ही नूर जहां ने पकड़ा अजय सिंह के सारे शरीर में एक बिजली का करंट दौड़ गया , ठंडे कमरे के अंदर भी उसको पसीना आने लगा । नूर जहां ने अजय सिंह को अपने बैड पर धक्का दे कर पटक दिया और अपने शरीर से जालीदार वस्त्र हटा दिया , अजय सिंह को अभी भी बहुत तेज पसीना आने लगा ,,
अपने आप से बाते करने लगा ,,, क्या करे अब ये तो आज हुस्न की बहुत तेज बरसात करने के मुंड में है लेकिन कर भी क्या सकता हर, मिशन अगर कंप्लिट करना है तो ये भी करना पड़ेगा लेकिन मैंने सिर्फ और सिर्फ उसको अपने दिल में जगह दी है ,ये सब क्यों सोच रहा है पहले मिशन है पहले राष्ट्र है उसके बाद बाकी चीजे है ,, जो हो रहा है होने दे ,,।
(तभी नूर जहां ने एक हल्की सी आवाज लगाई ) क्या हुआ मेरी जान तबियत तो ठीक है ना,,
अजय सिंह ____जी,, हा मैं ठीक हु
नूर जहां ____तो इतना पसीना केसे आ रहा तुम्हे ???
अजय सिंह ____ बात दरसल ये है की पहली बार इतना अलीशान रुम देखा है हमारे यहां कहा ऐसा बैडरूम, कितनी ठंड है आपके रूम में ।
नूर जहां ____(हंसते हुए अजय सिंह के बगल में लेट जाती है )
इतनी ठंड है फिर भी पसीना आ रहा है ,,, कमाल हो तुम भी यार ।
अजय सिंह ____बात ठंड की नहीं है पहली बार किसी के साथ इस तरह , इस लिए थोड़ा डर सा लग गया इसी करना पसीने आ गए, मैडम जी
नूर जहां ____ये मैडम कहना बंद करो पहले ,,, तुम मुझे नूर जहां भुला सकते हो,, या फिर कोई और नाम से जो तुम्हे अच्छा लगे ,,लेकिन मैडम नही प्लेज़,,।
अजय सिंह _____ नहीं मैडम जी आप मेरी मालिन है और मैं आपका एक नौकर ,ये हमे अच्छा नही लगेगा
नूर जहां ____ऊ ,फ ,ये क्या मालिक नौकर लगा रहे हो तुम यार ,, जस्ट चिल्ल,, नई सदी में ये मालिन नौकर नहीं चलता है ।
शायद तुम अभी तक नही समझे हमे,ये नौकर, नौकरी तो मात्र एक बहाना है हमे तो पास तुम्हारे आना है ,,जब तुम्हे पहली बार देखा तभी मैं तुम्हें अपना दिल हार बैठी थी जान ,,, क्या बदन है क्या अदा है क्या एक्शन है आपका, चहेरा तो माशा अल्लाह कितना अच्छा बनाया है खुदा ने और आंखे तो मानो,,या अल्लाह, क्या तारीफ करू इनकी ,,।
नूर जहां एक ही सास में अपने दिल की बात अजय सिंह को बताती चली गई और उसकी बाहों में अपने आपको उतार चुकी थी
अजय सिंह_____ मैं एक गरीब आदमी और आप इतने बड़े बिजनेश मैन की अमीर घर की लड़की हम दोनो में जमीन आसमान का फर्क है मैडम जी ,,
नूर जहां _____(अजय सिंह की छाती से दूर हट कर गुस्से से)
क्या लगा रखा है यार तुमने ये राग ,,चले जाओ यहां से और ये शक्ल हमे कभी मत दिखाना ,, मै ही पागल थी जिसे मैंने मर्द समझा वो तो दरसल अंदर से ना मर्द निकला,,
अजय सिंह समझ गया ये अमीर जादी वाला गुस्सा है या अस्थिर दिमाग ,, जहां दो मिनट पहले प्यार प्रेम बरसा रही थी एक पहल में गुस्सा हो गई ,, अजय सिंह खड़ा होता है और जाने लगता है ,तभी पीछे से जोर से चिल्लाती है ।
नूर जहां _____और हा ,,,,जब में अगली बार भुलाऊ तो ये गरीबों वाला चेहरा मत लेकर आना ,next time मुझे उस जावेद उस्मानी से मिलना है जिसने भरे बाजार में एक लड़की की बहादुरी से जान बचाई,,।
अजय सिंह ____जी जरुर,, खुदा हाफिज
(उस जगह से अजय सिंह चल देता है और रास्ते में सोच रहा था ,,)
अगर इसको आज उस जावेद उस्मानी यानी अजय सिंह से मिलवा देता तो पता नही नूर जहां मेरा रेप ही कर देती ,, फुल मुंड में थी ।
(जेसे ही बाहर निकला तो देखा कि विजय सामने नवीदा के खांधे पर हाथ रख कर खड़ा था और हस हस कर बाते कर रहा था , उसने आस पास दाया बाया देखा, कोई नजर नही आ रहा था , अचानक नवीदा की नजर अजय सिंह पर पड़ती है और वो भाग जाती है , उसको अचानक इस तरफ जाते देख विजय सोचने लगता है फिर और मुड़ कर देखता है की सामने उसके अजय सिंह खड़ा हुआ है ।
अजय सिंह _____ये सब क्या हो रहा था ,,
विजय ____वही तो मैं पूछ रहा हु , अंदर क्या हो रहा था तुम दोनो के बीच,तुम जानते हो ना मैं उसे बहुत प्यार करता हु ,,।
अजय सिंह _____प्यार और तू,,और कब से
विजय _____उसी दिन से जिस दिन कमरे में देखा उसका बदन तब से ही ,,। कही तू भी सच बता कही तुझे तो प्यार नहीं हो गया उससे
अजय सिंह _____ मुझे तो नही हुआ ,लेकिन उसको मुझ से हो गया,,
तभी वहा नूर जहां आ जाती है उसको देख कर दोनो सावधान मुद्रा में खड़े हो जाते है
नूर जहां ____आज से तुम अपनी ड्यूटी संभाल सकते हो और हा कोई भी प्रॉब्लम हो तो मुझे बता सकते हो ,, ओके,, ओर तुम
(अजय सिंह की तरफ मुंह करके )
जो बोला है उसका ध्यान करना, खुदा हाफिज,,
दोनों वही खड़े रहते है और नूर जहां को जाते हुए देखते है विजय ढोभल अजय सिंह की तरफ मुंह करके कहता है ।
विजय ढोभल ____ये कोन सी बात का ध्यान करने के लिए बोली मैं कुछ समझा नहीं ,,, मामला क्या है ,,क्या खेल करके आया है तू,,
अजय सिंह ____मत पूछ यार तुझे पता है अंदर क्या हुआ,,,, ये तो यार बहुत प्यासी है , इसने हमे यहां नौकरी पर इसे ही नही रखा है ।
विजय ____तो ,,तो फिर??
अजय सिंह ____इसको मुझ से प्यार हो गया है ,,इसके जिस्म में बहुत आग लगी हुई है ,। मुझ पर मर मिटी है ये अपनी प्यास बुझाना चाहती है ये ,आज तो मैं जैसे तैसे बच गया वरना आज तेरा भाई यहां खड़ा नही रहता ,,।
विजय _____(हस्ते हुए) मतलब आज तेरा रेप हो जाता ,,
(दोनों एक साथ हंसने लगते है )
लेखक भगवत सिंह नरूका 📝📝📝