शाम का समय होता है अजय सिंह और विजय डोभाल दोनों अपनी ड्यूटी खत्म करके अपने रूम में कपड़े बदल रहे होते है ,कुछ समय बाद दोनो फ्रेश हो गए ।
अजय सिंह ____ तो चले जनाब।
विजय ढोभल ____ नहीं यार मेरा मन नही ,एक काम करो तुम ही चले जाओ आज मैं थक गया हु थोड़ा आराम करना चाहता हु , ओर वैसे भी एक को तो यहां भी होना चाहिए पता नही कब क्या खबर हाथ लग जाए ।
अजय सिंह ____ठीक है फिर तू आराम कर मैं चलता हू ,,और हा मेरे जाने के बाद कही उस नवीदा के चक्कर में मत पड़ना ओके,,।
विजय ढोभल ____क्या बात करता यार ,।
अजय सिंह ____सही बोल रहा हू,मैं रात दिन जानता हु तेरी आदत जहा हरियाली नजर आई वही तेरा योगासन शुरू हो जाता है ,,, ख्याल रखना ओके बाय,,
नूर जहां प्लेस का मैन गेट ______
अजय सिंह चलते हुए सीधा मैन दरवाजे पर पहुंच गया वहा पर एक गार्ड खड़ा होता है अजय सिंह उसको देख कर सलाम करता है उससे थोड़ी दोस्ती बढ़ाने की कोशिश करता है उसके पास जाता है ।
गार्ड ____केसे हो दोस्त ??
अजय सिंह ___ठीक हु अल्लाह का कर्म है ,आप ,आप कैसे हो ?
गार्ड ____मै भी ठीक हु , बस काट रहे जीवन
(उदास चेहरे से कहता है अजय उसके भाव को तुरंत समझ गया )
मेरा नाम जय सूर्या उर्फ पप्पू मोहमद है , तुम यहां शायद नए आए हो ???
अजय सिंह ____जी कल शाम हो ही आए थे आज पहली ड्यूटी थी जो खत्म हो गई । मन नही लग रहा था तो सोचा थोड़ा यहां का मार्केट घूम आए और कुछ जरूरत की चीज भी ले आए ।
गार्ड _____ सही बात है आपकी , घूमना भी जरूरी है ,, मैं तुम्हें सारा बाजार दिखा सकता था लेकिन , यहां ड्यूटी है और मेरे सिवाय और कोई अभी सुबह तक नही है
अजय सिंह ____मुझे ऐसा लगता है तुम यहां बहुत पुराने गार्ड हो ??
गार्ड _____हा सात साल ये इनके यहां गार्ड की ड्यूटी कर रहा हु ,जन्म तो यही हुआ पाकिस्तान में लेकिन मेरे पिता एक भारतीय थे।
अजय सिंह ____इसका मतलब तुमने तो फिर अब्बू कासिम पीएम थे तब का सफर भी देखा है ।
गार्ड ____हा,,
(फिर इधर उधर देखा और धीरे से बोला )
अब तुम्हें अब्बू कासिम के बारे में क्या बताए,,, खैर जाने दो तुम्हे रात हो जायेगी जल्दी जाओ, मै यही मिलुगा,, भाईजान
अजय सिंह समझ गया कुछ ये बताना चाहता है मतलब ये वो सब जानता है जिसके बारे में अजय सिंह को तलाश है ।
अजय सिंह ____तो ठीक है ,,अब तुमने भाई बोला है तो जरूर मिलेगी यही,
,(कहते हु अजय सिंह बाहर निकल गया पाकिस्तानी वेश भूषा पहने हुए बाजार की तरफ कदम बढ़ाते हुए अजय सिंह बहुत जल्दी ही अकबर चौक पर पहुंच गया ,उसको एक दुकान नजर आई जो अपनी शॉप के सामन को अंदर रख रहा था उसके पास गया ।
अजय सिंह ____चाचा जान यहां भूप सिंह सरदार जी का घर कोन सा है
(दुकान वाले पहले अजय सिंह को ऊपर से नीचे तक देखा और हाथ के इशारे से उसको बताया )
दुकानवाला _____ यहां से सीधे जाओ और पांच मकान छोड़ कर अगला मकान उनका ही है जिस पर लोहे का बड़ा दरवाजा लगा हुआ है और उस पर उर्दू जवाब में लिखा हुआ भी है ।
अजय सिंह ___ जी, बहुत बहुत आभार आपका ,,,, खुदा हाफिज
भूप सिंह सरदार का घर _
(अजय सिंह घर के दरवाजे पर पहुंच कर दरवाजा हल्के से बजाया ,उसके बाद फिर बजाया,तभी अन्दर से एक बुजुर्ग महिला बाहर आती है और दरवाजा ओपन करती है ।
बुजुर्ग महिला ____ जी बोलिए किस्से मिलना आपको ???
अजय सिंह ____ आंटी जी ,,मुझे भूप सिंह जी मिलना है
बुजुर्ग महिला ____आइए, अंदर आइए,
,(कहते हुए महिला ने उसको अंदर आने दिया और बाहर एक बार इधर उधर देखा और दरवाजा बंद कर लिया , अजय सिंह अंदर गया और एक कुर्सी पर बैठ गया महिला पानी का गिलास लेकर आई और अजय सिंह को दे दिया ।
अजय सिंह ____(पानी खत्म करने के बाद ) भूप सिंह जी कहा है ??
महिला ____अभी आ रहे है ,ऊपर है रूम में आप इंतजार करे
(कहते हुए महिला अंदर चली गई कुछ समय बाद एक सरदार आए जिनके सर पर पगड़ी थी लंबी दाढ़ी थी जो बिलकुल सफेद हो चुकी थी उनको आते देख अजय सिंह खाद हो गया और उनके पैर छुए।
भूप सिंह सरदार _____बैठिए,,,बोलिए कोन हो और कहा से आए हो ?
अजय सिंह _____ जी मेरा नाम अजय सिंह है , मैं चंद्रभान सिंह तोमर का बेटा हु,।
भूप सिंह सरदार _____(खुश होते हुए बोले )
अजय,तुम तो बहुत बड़े हो गए ,, मैं तो तुम्हे पहचान ही नही पाया पुत्तर, बहुत साल पहले देखा था तुम्हे जब तुम छोटे थे ,,आज तो तू गबरू जवान हो गया ,,और बता भारत में केसे है सब और चंद्रभान केसा है ??
अजय सिंह ____वो सब ठीक है भारत में भी सब ठीक ही है ।
भूप सिंह सरदार ____मुझे ये समझ नही आया तुम यहां पाकिस्तान में ,,, केसे ???
अजय सिंह _____वो सब मैं आपको बाद में विस्तार से बता दुगा ,उसके लिए हमारे पास बहुत समय है ,लेकिन अभी बहुत इंपोर्टे काम है ।
भूप सिंह सरदार ____हा हा, बोलो,जो मेरे लायक हो
अजय सिंह ____अभी मैं यहां से भारत नही जा
सकता,और ना ही कॉल कर सकता , इस लिए मेरा एक मैसेज pmo ऑफिस में पहुंचना है और वो बहुत जरूरी है ,आप अगर कर सकते हो तो बताओ ।
भूप सिंह सरदार ____ क्यों नही , समझो हो गया तेरा काम पुत्तर,लेकिन तुम यहां रुके कहो?
अजय सिंह ____ये समझ लो अभी मैं अब्बू कासिम के नूर जहां प्लेस में गार्ड की नौकरी कर रहा हू और मेरा एक दोस्त भी है ,जो अभी वही है ।
भूप सिंह सरदार ____ मुझे पीएम साहब और रॉ एजेंसी पर बिलीव था जरूर कोई ना कोई कदम जरूर उठायेगी,,लेकिन जहां तुम रह रहे हो वहा सावधानी से रहना वो बहुत ही शातिर आदमी है , ISI के लोग वहां आते जाते रहते है ,नजर हटी दुर्घटना घटी,, जितनी भी भारत के अंदर लव जेहाद जेसी घटनाएं सामने आ रही इनका संचालन यही से हो रहा , सोशल मीडिया पर इनके गुर्गे काम कर रहे ,भारत में भी कई शहरों में इनके गुर्गे है
अजय सिंह ____उसकी आप चिंता न करे , मैं सभ संभाल लूंगा, आपने जो बात अभी कही उसका हमे पक्का यकीन था की लव जेहाद और हिंदू मुस्लिम का खेल सारा पाकिस्तान में बैठे इनके आका कर रहे है , ओर सारा पैसा यही से जाता है या फिर वहीं भारत से कोई फैंडिंग कर रहा उन लव जेहादियों को इसका पक्का पता नही चल रहा है
(गहरी सांस लें कर )
,फिलहाल ये लिफाफा है जिसे आपको पहुंचाना है और जितनी जल्दी हो ये काम होना चाहिए,,
भूप सिंह सरदार _____ इसकी चिंता ना करो ,अब ये मेरी जिम्मेदारी है जितना प्यार तुम्हे भारत राष्ट्र से उतना ही मुझे ,, ओर हा अभी तुमने कहा था की फंडिंग,,तो सुनो इसकी सच्चाई,,ये फंडिंग पाकिस्तान से नहीं जाति है बल्कि वही भारत देश से होती है ,और इस के पीछे हाथ है , मदरसे और बड़ी बड़ी मज्जीद,अब चाहे वो दिल्ली की की मजीद हो या राजस्थान की अजमेर शरीफ दरगाह,,वो सारा पैसा भारत में आतकवाद फैलाने के काम आता है ,,और ये मैं कोई इसे ही नही बोल रहा हू पूरी फाइल है मेरे पास , किस महीने कितने का एक मस्जिद से पैसे का लेन देन कहा और केसे हुआ ,,,, मैं रहता जरुर पाकिस्तान में हु लेकिन नजर भारत में भी घूमती है मेरी ,,
अजय सिंह_______ ये अगर सच है तो इसका भी कोई इंतजाम करेगे हम,,सबसे पहले ये काम ,,,,,,, ओर अब मुझे चलने की अनुमति दे ,,
भूप सिंह सरदार ____कुछ खा पी जाते, वैसे भी रात हो गई है ,
अजय सिंह ____बहुत बहुत आभार आपका ,,,जल्दी जाना वरना लेट हो गया तो उनको शक हो जायेगा ,, मैं आप से अब तो मिलता ही रहुगा,, और आप से बहुत कुछ सीखना भी जो है , पिता जी आपके कार्यों की बहुत बाते किया करते थे मुझ से बहुत सुना है आपके बारे में ,, अच्छा तो अब अनुमति दे , जय हिन्द सर
भूप सिंह सरदार ____(मुस्कुराते हुए) जय हिन्द,, अच्छे से जाना ,और मैं कल ही तुम्हारा काम कर दुगा,कभी कोई चीज की जरूरत हो तो मुझे जरूर याद करना ,
अजय सिंह _____जी सर,,
(अजय सिंह भूप सिंह सरदार के घर से निकल कर तेज कदमों से नूरजहां प्लेस की तरफ बढ़ता है और गेट पर पहुंच जाता है गेट पर खड़ा गार्ड अजय सिंह को आते देख खड़ा हो जाता है )
गार्ड ____ अच्छा किया आप जल्दी आ गए भाईजान,, वरना ये गेट बंद करने का समय होने वाला था ,,एक बार बंद तो सुबह ही खुलता है
अजय सिंह _____अच्छा,,, तो ये बताओ अगर रात में कोई आया तो ,, मतलब इस घर का कोई आदमी या बाहरी दोस्त तो क्या तब भी नही खोले जायेंगे गेट ,,
गार्ड ____नहीं,,, कभी नही ,,पहली बार तो कोई आता नही है , क्युकी रात में अगर कोई मेहमान आता है उसके लिए पिछले दरवाजे हमेशा खुले रहते है वो भी खास मेहमानो के लिए ,,,,,, खैर अभी तुम जाओ अगर किसी ने यहां देख लिया तो मेरी खैर नहीं ,,,
अजय सिंह _____जी जरूर ,,, खुदा हाफिज,,
आगे कहानी जारी रहेगी,, दोस्ती कॉमेंटऔर फॉलो करना ना भूले,,,आपका प्यार ही हमारे लिए वरदान है 🙏🙏🙏
लेखक __भगवत सिंह नरूका 📝🖊️