1. खौफनाक खुलासा
"गिरीश अंकल, आपने ऐसा क्यों किया?" राधिका ने खांसते हुए पूछा। "पापा तो आप पर सबसे ज़्यादा भरोसा करते थे!"
गिरीश का चेहरा नफरत से विकृत हो गया। "भरोसा? उन्होंने मुझे अपना नौकर बनाकर रखा! २५ साल पहले वो आग मैंने लगाई थी ताकि रणवीर रास्ते से हट जाए और मैं कंपनी के शेयर हड़प सकूँ। लेकिन उस दिन रणवीर बच गया और तुम्हारा ससुर 'ईमानदार' बन बैठा। आज कोई नहीं बचेगा!"
रणवीर ने अपनी बंदूक गिरीश की तरफ तानी, लेकिन उसकी आँखों में धुंध छा रही थी। "गिरीश... तूने मेरे भाई को मुझसे दूर किया... तूने मेरी ज़िंदगी तबाह की!"
2. आर्यन और देब का रेस-अगेन्स्ट-टाइम
वहीं दूसरी ओर, देब ने राधिका के फोन को ट्रैक कर लिया था। आर्यन की गाड़ी हवा से बातें कर रही थी।
"देब, अगर राधिका को कुछ हुआ, तो मैं खुद को कभी माफ नहीं कर पाऊँगा," आर्यन के हाथ स्टीयरिंग व्हील पर कांप रहे थे।
"साहब, हिम्मत मत हारिए। हम पहुँचने वाले हैं," देब ने अपनी गन लोड करते हुए कहा। जैसे ही वे फैक्ट्री के पास पहुँचे, उन्होंने वहां से उठती आग की लपटें देखीं।
3. धमाका और जांबाजी
आर्यन ने बिना सोचे अपनी गाड़ी फैक्ट्री के मुख्य दरवाज़े में दे मारी। दरवाज़ा टूट गया। अंदर का नज़ारा भयावह था। आर्यन चिल्लाया—"राधिका!"
अंदर, आग के बीच एक खंभा गिरने ही वाला था कि रणवीर ने राधिका को धक्का देकर हटा दिया और वह भारी खंभा रणवीर के पैर पर आ गिरा। रणवीर दर्द से कराह उठा।
"बड़े पापा!" राधिका चिल्लाई और उन्हें निकालने की कोशिश करने लगी।
तभी गिरीश ऊपर से गोलियां चलाने लगा। देब ने तुरंत मोर्चा संभाला और जवाबी फायरिंग की। "साहब, आप राधिका मैडम को संभालिए, मैं इसे देखता हूँ!"
4. रणवीर का बलिदान
आर्यन लपटों को पार करता हुआ राधिका तक पहुँचा। "आर्यन! देखो, बड़े पापा फंसे हुए हैं!" राधिका ने रोते हुए कहा।
आर्यन और राधिका ने मिलकर खंभा हटाने की कोशिश की, लेकिन वह बहुत भारी था। छत का हिस्सा गिरने वाला था। रणवीर ने आर्यन का हाथ पकड़ा, उसकी आँखों में पहली बार ममता और पश्चाताप था।
"आर्यन... बेटा... इसे यहाँ से ले जाओ। मेरा समय आ गया है। मैंने २५ साल नफरत में गुज़ार दिए, अब कम से कम मरते वक्त तो अपनों के काम आ सकूँ।"
"नहीं! हम आपको छोड़कर नहीं जाएंगे!" आर्यन ने ज़ोर लगाया।
"जाओ!" रणवीर ने चिल्लाकर कहा। "तुम्हारे पिता की मौत का असली सबूत मेरी जेब में है... उसे ले जाओ और खन्ना मेंशन की इज़्ज़त बचाओ। जाओ!"
धमाका हुआ और छत का एक बड़ा हिस्सा उनके बीच गिर गया। आर्यन को मजबूरन राधिका को खींचकर बाहर ले जाना पड़ा। फैक्ट्री एक बड़े धमाके के साथ ढह गई।
5. राख से निकला सच
बाहर, राधिका और आर्यन बदहवास ज़मीन पर बैठ गए। देब ने गिरीश को ज़िंदा पकड़ लिया था, जो भागने की कोशिश कर रहा था।
अगले दिन, रणवीर की दी हुई उस डायरी और सबूतों से यह साबित हो गया कि २५ साल पहले की आग और वर्तमान की साज़िश, दोनों का मास्टरमाइंड गिरीश और सिंघानिया थे। ऋषभ मल्होत्रा को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया क्योंकि उसकी फंडिंग 'अंडरवर्ल्ड' से जुड़ी थी।
6. क्लाइमैक्स: एक नया राज़
खन्ना मेंशन में शांति लौट आई थी। रणवीर को एक शहीद की तरह विदा किया गया। लेकिन जब आर्यन ने रणवीर की जेब से मिले उन आखिरी दस्तावेज़ों को पढ़ा, तो उसके चेहरे का रंग उड़ गया।
दस्तावेज़ों में लिखा था कि आर्यन के पिता ने एक वसीयत और बनाई थी, जिसमें लिखा था कि खन्ना मेंशन का एक हिस्सा किसी ऐसी लड़की के नाम है, जो उनकी अपनी बेटी थी—आर्यन की बहन, जिसके बारे में दुनिया को कभी पता ही नहीं चला।
तभी मेंशन की घंटी बजी। देब ने दरवाज़ा खोला। सामने एक युवती खड़ी थी, जिसकी आँखों की चमक बिल्कुल आर्यन जैसी थी।
वह मुस्कराई और बोली, "नमस्ते, भाई। क्या आप मुझे अंदर नहीं बुलाएंगे?"