Dangers Girl - 8 in Hindi Drama by neha books and stories PDF | Dangers Girl - 8

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Dangers Girl - 8

Aab tak

राधा एक बहुत ही अच्छी लड़की है लेकिन नैना राधा को बिल्कुल ही पसंद नहीं करती है  राधा नैना की ही उम्र  की थी मतलब 18 साल  की है ये मीना ओर राजीव (नैना  के मम्मी पापा ) को पापा ओर मम्मी कहती है ये इन की खुद की बेटी  नहीं है ये इन के दोस्त की बेटी है जो 12 साल पहले चल बसे थे उस के बाद नैना की मम्मी ओर पापा ने इसे गोद ले लिया  और बाते हम बाद में बताए गए

राधा ने बड़े ही प्यार से पूछा मम्मी पापा आप यह क्या कर रहे है 

तो मीना ने राधा की बात को टालते हुए कहा वैसे तुम सब क्लास के समय कहा घूम रहे हो

मीना की बात पूछने पर वह पर सब के सब लोगे एक दम चुप हो गए 

तभी नैना की बड़ी मां(काव्या)ने कहा ओर तुम सब ने आज नाश्ता भी नहीं की तो कही ऐसा तो नहीं है कि तुम सब बारह खाना खाने गए थे अगर ऐसा था तो हम आप से बहुत नाराज है हम ने आज आप सब के लिए खीर बनाई थी

मीना ओर काव्य ये पूरी कोशिश कर रही थी कि सब बच्चों का ध्यान नैना से चला जाये ओर ऐसा तो ता लभी है काव्य की बात सुन कर माया  कहती है मां आप ने बताया क्यों नहीं कि आज आप ने खीर बनाए है हम सब बाहर खाना नहीं खाते

माया को तुरंत अपनी गलती का एहसास हुआ कि उसने क्या कहा

हर्ष ने कहा मैने कहा था न कि इस मोटी को मत लेकर जो ये मां को बता दे गी 

हर्ष माया को मोटी कहता है हल्की माया मोटी नहीं तब भी  हर्ष उसे हमेशा चिढ़ता है कि वो मोटी है 

ऐसे। ही सब की नोक जोक चलती रहती है ओर सब का ज्ञान नैना से हट जाता है 

काव्य कहती है कि जाओ जा कर अपनी क्लास ले लो 

सब चले जाते है 

वहीं दूसरी तरफ नैना नैंसी के साथ अपने फ्लैट में आ गए थी नैना तब से बस रोए जा रही थी

नैना का रोना अब थोड़ा धीरे हो गया था नैंसी ने नैना को पानी दिया तो नैना ने नैनसी के हाथ से पानी ले कर

पानी के गलास को फैंक कर मारा नैंसी ने एक सेकंड के लिए नैना की तरफ देखा फिर नैना से कहा तुम्हे गुस्सा किस बात का आ रहा है तुम्हे गुस्सा इस बात का है कि तुम्हारे मां बाप ने तुम्हारी बात नहीं सुनी नैंसी कि आंखों में कोई गुस्सा नहीं था 

नैना ने चिल्लाकर कहा मुझे तुम पर गुस्सा आ रहा है तुम ने मुझे कैफे में कहा था कि तुम अब से मेरी दोस्त हो तो मेरा हमेशा साथ दोगी तो तुम ने पापा ओर मा को क्यों नहीं कहा कि मैने कुछ नहीं कहा तुम्हे ने तो मुझे उन के सामने ओर खराब दिखाया जैसे कि में इतनी बिगाडी हुई  हु कि कभी  शूद्र ही  नहीं सकती ओर तुम भगवान का भेजा हुआ मेरे लिए एक फरिश्ता हो जो  अब सब ठीक कर दो गी तुम ने कैफे में कहा था कि  तुम ऐसा करो गी क्या है न में इसे लोगों से बात नहीं करना चाहती ओर ना ही रिश्ता रखना चाहती जो मुझ से झूठ बोले नैना।इतना कहा कर गुस्से से नैनसी की ओर देखा