"बिल्कुल। हम इसे properly handle करेंगे।"
तारा ने decide किया कि पहले वह खुद Karan से बात करेगी। Aggressive नहीं, लेकिन clear।
अध्याय 36: सीमाएं तय करना
अगले दिन lunch break में तारा ने Karan को aside ले जाकर बात की।
"Karan, मुझे तुमसे कुछ बात करनी है।"
Karan ने casually कहा, "हाँ बोलो, Tara।"
"देखो, मैं directly बोलूंगी। Shreya को तुम्हारा repeatedly approach करना uncomfortable लग रहा है। उसने politely refuse किया है। Please respect her boundaries।"
Karan का चेहरा थोड़ा red हो गया। "अरे, मैं तो बस friendly हो रहा था। कोई बुरा intention नहीं था।"
तारा ने उसकी आँखों में देखा, concentrate किया...
"यह लड़की क्यों बीच में आ गई? मैं तो बस थोड़ा flirt कर रहा था। इतनी serious लेने की क्या बात है? लेकिन अगर issue बनाया तो मेरी reputation खराब हो सकती है। Better है कि back off कर जाऊं।"
कम से कम Karan में कुछ sense तो थी।
"Karan, मुझे पता है तुम्हारा intention bad नहीं है। लेकिन sometimes हम realize नहीं करते कि हमारा behavior दूसरों को कैसा feel करा रहा है। Shreya ने clearly indicate किया है कि वह interested नहीं है। बस उसकी space को respect करो।"
Karan ने सिर हिलाया। "ठीक है, Tara। Sorry अगर मैंने कोई discomfort create की। मैं ध्यान रखूंगा।"
और सच में, उसके बाद Karan ने Shreya को unnecessarily approach करना बंद कर दिया। Professional distance maintain करने लगा।
Shreya ने grateful होकर तारा को धन्यवाद दिया। "तूने मेरे लिए खड़े होकर... मुझे नहीं पता क्या कहूं। Bangalore में किसी ने ऐसा नहीं किया था।"
"Shreya, यह तो basic है। हर किसी को workplace पर safe और respected feel करना चाहिए। और हाँ, अगर कभी भी ऐसा कुछ हो, तो चुप मत रहना। हम सब हैं तेरे साथ।"
अध्याय 37: अनन्या का नया मोड़
कुछ हफ्ते बाद, अनन्या ने एक दिन बहुत खुशी-खुशी announce किया कि उसकी माँ की health में काफी improvement आया है। Treatment काम कर रहा था।
"और Tara, तूने जो financial schemes के बारे में बताया था, उससे बहुत मदद मिली। Medical loan मिल गया और EMI भी manageable है। पापा का भी थोड़ा क़र्ज़ clear हो गया है।"
तारा को खुशी हुई। कम से कम एक अच्छी news तो थी।
लेकिन उसी हफ्ते, तारा ने notice किया कि अनन्या किसी से phone पर बहुत secretly बात कर रही थी। Lunch breaks में बाहर जाकर long calls करती।
तारा ने सोचा - शायद कोई personal matter होगा। उसे interfere नहीं करना चाहिए।
लेकिन एक दिन जब अनन्या अपनी seat पर बैठी कुछ सोच रही थी, तारा ने accidentally उसकी ओर देखा और उसके विचार सुन लिए...
"क्या मैं सही कर रही हूँ? Amit अच्छा लगता है, लेकिन उसने अभी तक अपनी wife के बारे में कुछ नहीं बताया। वह कहता है कि वे separate रह रहे हैं, divorce process चल रही है। लेकिन क्या पता सच है या झूठ? मुझे नहीं पता क्या करूं। प्यार हो गया है लेकिन..."
तारा चौंक गई। अनन्या किसी married आदमी से relationship में थी? और वह आदमी कह रहा था कि divorce हो रहा है?
यह complicated situation थी। तारा को नहीं पता था कि उसे कुछ करना चाहिए या नहीं।
उसने प्रिया से discuss किया।
"Priya, अगर तुझे पता चले कि तेरी कोई friend किसी married आदमी के साथ relationship में है, तो तू क्या करेगी?"
"Depends. अगर वह आदमी सच में अपनी wife से separate है और genuine divorce process में है, तो शायद okay है। लेकिन अगर वह झूठ बोल रहा है, तो यह बहुत wrong है।"
"हाँ, exactly। लेकिन सच कैसे पता करें?"
"तू किसके बारे में बात कर रही है?"
तारा ने सोचा कि क्या उसे बताना चाहिए। उसने decide किया कि अभी नहीं।
"बस ऐसे ही। एक hypothetical situation।"
लेकिन तारा के मन में यह बात घूमती रही। उसे लगा कि उसे कुछ करना चाहिए - कम से कम यह पता तो लगाना चाहिए कि वह Amit सच बोल रहा है या नहीं।
अध्याय 38: सच की तलाश
अगले कुछ दिन तारा ने casually अनन्या से बातचीत में पता लगाने की कोशिश की।
"Ananya, तू इन दिनों बहुत खुश लग रही है। कुछ special?"
अनन्या ने blush करते हुए कहा, "कुछ नहीं... बस माँ की health अच्छी हो रही है।"
"सिर्फ इतना ही? कोई और reason नहीं?" तारा ने mischievously पूछा।
अनन्या ने हिचकिचाते हुए कहा, "Actually... हाँ। मुझे कोई मिला है।"
"Really? बता ना!"
"उसका नाम Amit है। हम एक common friend के through मिले थे। वह बहुत अच्छा है, Tara। Caring, understanding।"
"Wow! यह तो बहुत अच्छी बात है। वह क्या करता है?"
"वह एक IT company में काम करता है। Senior position में है।"
"और... उसकी family?"
अनन्या ने थोड़ा pause किया। "Actually, वह थोड़ी complicated situation में है। उसकी पहले शादी हुई थी, लेकिन वह काम नहीं कर रही थी। अभी separation चल रही है।"
तारा के suspicions confirm हो गए।
"तो अभी technically वह married है?"
"हाँ, लेकिन बस technically। Practically तो वह और उसकी wife अलग रह रहे हैं। Divorce papers file हो गए हैं।"
तारा ने carefully कहा, "Ananya, मैं यह advice के तौर पर बोल रही हूँ - इन चीज़ों में थोड़ा careful रहना चाहिए। Sometimes लोग जो बताते हैं, वह पूरी सच्चाई नहीं होती।"
"तू क्या कहना चाह रही है?"
"बस यही कि तू एक बार verify कर ले। Divorce papers देख ले, या फिर उसकी situation की पूरी clarity ले ले। तेरी protection के लिए।"
अनन्या थोड़ी defensive हो गई। "Tara, Amit मुझसे झूठ नहीं बोलेगा। मैं उस पर trust करती हूँ।"
तारा ने महसूस किया कि push करने से काम नहीं बनेगा। "ठीक है। मैं बस चाहती हूँ कि तू safe रहे। बाकी तेरा decision है।"
लेकिन तारा का मन नहीं माना। उसने decide किया कि वह खुद investigate करेगी।
अध्याय 39: Investigation में तारा (फिर से)
तारा ने अनन्या के phone से (जब वह washroom गई थी) Amit का number note कर लिया। फिर उसने online investigation शुरू की।
Amit का full name पता करना थोड़ा मुश्किल था, लेकिन तारा ने अनन्या की social media posts को carefully देखा। कुछ hints मिले और finally उसे Amit की LinkedIn profile मिल गई - Amit Saxena।
LinkedIn पर तो सब professional था। लेकिन जब तारा ने Facebook पर search किया, तो interesting चीज़ें मिलीं।
Amit की profile partially public थी। उसकी कुछ photos visible थीं - और उनमें से कुछ में एक औरत भी थी। Tagged था - "Priya Saxena"। Relationship status नहीं दिखाई दे रही थी (hidden थी), लेकिन photos देखकर लग रहा था कि यह उसकी wife थी।
तारा ने Priya Saxena की profile खोली। उसकी profile ज़्यादा open थी। और वहाँ clearly लिखा था - "Married to Amit Saxena"।
और सबसे shocking - सिर्फ दो महीने पहले की एक photo थी जिसमें Amit और Priya साथ में थे, किसी party में। Caption था - "Anniversary celebration with my love ❤️"
तारा का दिल बैठ गया। तो Amit झूठ बोल रहा था! वह अपनी wife के साथ अभी भी था, कोई separation नहीं था!
अब सवाल था - यह अनन्या को कैसे बताए?
अध्याय 40: कठिन सच्चाई
तारा ने पूरी रात सोचा। अगर वह अनन्या को सच बताती है, तो वह टूट जाएगी। लेकिन अगर नहीं बताती, तो वह और गहरे इस relationship में फंस जाएगी।
आखिरकार तारा ने decide किया कि सच बताना ही सही होगा।
अगले दिन after office, तारा ने अनन्या को coffee के लिए बुलाया।
"Ananya, मुझे तुझसे कुछ बात करनी है। बहुत ज़रूरी।"
"हाँ बोल ना।"
तारा ने गहरी साँस ली। "यह Amit के बारे में है। मैं... मैंने थोड़ी investigation की।"
अनन्या का चेहरा बदल गया। "क्या मतलब? तूने क्यों investigation की?"
"क्योंकि मुझे तेरी चिंता है। Ananya, Amit तुझसे झूठ बोल रहा है।"
"क्या बकवास है यह?"
तारा ने अपना phone निकाला और वे screenshots दिखाए - Amit और Priya की photos, anniversary celebration वाली post।
अनन्या ने photos देखीं। उसका चेहरा पीला पड़ गया।
"यह... यह कब की photo है?"
"दो महीने पहले की। Ananya, उसकी wife के साथ कोई separation नहीं है। वह एक साथ happy married life जी रहे हैं।"
अनन्या की आँखों में आँसू आ गए। "नहीं... नहीं यह झूठ है। Amit ने मुझसे कहा था..."
"मुझे पता है यह सुनना तेरे लिए बहुत मुश्किल है। लेकिन Ananya, मैं तेरी friend हूँ। मैं तुझे hurt में नहीं देख सकती।"
अनन्या फूट-फूटकर रोने लगी। "मैं... मैं इतनी stupid हूँ। मुझे शक करना चाहिए था। लेकिन मैं... मुझे लगा कि finally कोई तो मिला जो मुझे समझता है, मेरी problems को जानता है।"
तारा ने उसे गले लगा लिया। "तू stupid नहीं है। तुझे manipulate किया गया। यह तेरी गलती नहीं है।"
"अब मैं क्या करूं?"
"पहले तो इस relationship से बाहर निकल। Amit से सारे contacts cut कर। And if possible, उसकी wife को भी inform कर। उसे भी जानने का हक है कि उसका husband क्या कर रहा है।"
अध्याय 41: न्याय और करुणा
अगले कुछ दिन अनन्या के लिए बहुत मुश्किल रहे। उसने Amit को confront किया। पहले तो उसने deny किया, फिर जब तारा के proofs दिखाए, तो उसने admit किया।
"हाँ, मैं married हूँ। लेकिन मेरी wife मुझे समझती नहीं। तुम अलग हो, Ananya। तुम मुझे समझती हो।"
अनन्या ने उसे साफ़ शब्दों में कहा, "मुझे तुम्हारी excuses नहीं चाहिए। तुमने मेरे साथ धोखा किया। यह relationship खत्म हुई।"
लेकिन सबसे मुश्किल decision था - क्या Priya को बताया जाए?
तारा और अनन्या ने इस पर लंबी बात की।
"Ananya, मुझे लगता है Priya को जानने का हक है," तारा ने कहा।
"लेकिन Tara, अगर मैंने बताया, तो उनकी शादी टूट जाएगी। शायद उनके बच्चे भी हों।"
"या फिर, Priya को पता चलेगा और वह decide कर सकेगी कि उसे क्या करना है। उसे अपनी ज़िंदगी के बारे में सच जानने का हक है।"
आखिरकार, अनन्या ने हिम्मत करके Priya को एक detailed email भेजा - अपना introduction दिया, माफी माँगी, और पूरी सच्चाई बताई।
तीन दिन बाद Priya का जवाब आया:
"Dear Ananya,
Thank you for telling me the truth. I know this must have been very difficult for you. I'm not angry with you - you were lied to and manipulated, just as I have been.
This is not the first time Amit has done something like this. I've suspected for a while but had no proof. Your email has given me the clarity I needed.
I'm going to take action. Thank you for your honesty.
Priya"
अनन्या ने यह email तारा को दिखाया। दोनों की आँखों में आँसू थे।
"मैंने सही किया ना?" अनन्या ने पूछा।
"हाँ। तूने absolutely सही किया।"
अध्याय 42: खुद का ध्यान
इन सब events के बाद, तारा खुद थकी हुई थी। हर किसी की problems solve करते-करते, वह अपना ध्यान भूल गई थी।
एक शाम जब वह घर पहुंची, तो उसे realize हुआ कि उसने पूरे दिन में ठीक से कुछ खाया नहीं था। सिर में दर्द हो रहा था और body पूरी तरह से exhausted थी।
उसने प्रिया को call किया।
"Priya, मुझे लग रहा है मैं burn out हो रही हूँ।"
"Tara, तू इतना सब कुछ एक साथ handle कर रही है। Obviously तुझे rest चाहिए।"
"लेकिन इतना कुछ हो रहा है... लोगों को मेरी ज़रूरत है..."
"Tara, सुन। तू superhero नहीं है। हाँ, तेरे पास एक special शक्ति है, लेकिन तू भी एक normal इंसान है। तुझे भी rest चाहिए, self-care चाहिए।"
"मुझे पता नहीं कैसे balance करूं।"
"तुझे boundaries set करनी होंगी। हर किसी की हर problem तू solve नहीं कर सकती। और नहीं भी करनी चाहिए। लोगों को अपनी problems खुद solve करना भी सीखना होगा।"
तारा को Priya की बात समझ आई। वह हर किसी को बचाने की कोशिश में खुद को भूल रही थी।
अगले कुछ दिन तारा ने खुद पर focus किया। उसने अपनी favorite books पढ़ीं, movies देखीं, अच्छा खाना बनाया। Meditation और yoga को regular practice में लाया।
और सबसे important - उसने अपनी शक्ति का इस्तेमाल consciously reduce किया। सिर्फ जब absolutely ज़रूरी हो, तभी किसी के मन की बात सुनने की कोशिश करती।
अध्याय 43: नया challenge
कुछ हफ्तों की इस self-care के बाद, तारा refreshed feel कर रही थी। लेकिन तभी एक नया challenge सामने आया।
Office में announcement हुई - company को एक बड़ी international company acquire कर रही थी। इसका मतलब था बड़े changes - restructuring, कुछ departments merge होंगे, और हाँ, layoffs की भी possibility थी।
याद है Mr. Khurana के विचार? जो तारा ने कुछ महीने पहले सुने थे - 30% layoffs की बात?
अब वह reality बनने जा रही थी।
Pure office में panic फैल गया। लोग nervous थे, insecure थे।
तारा ने सोचा - क्या उसे अपनी शक्ति का इस्तेमाल करके पता लगाना चाहिए कि किसकी job जाने वाली है? ताकि वह लोगों को warn कर सके?
लेकिन फिर उसे पंडित जी की बात याद आई - boundaries set करनी होंगी।
उसने decide किया कि वह सिर्फ अपने close friends - Priya, Ananya, Shreya - को general advice देगी कि वे prepare रहें। लेकिन specific information नहीं निकालेगी।
उसने उन तीनों को बुलाया।
"Guys, मुझे लगता है आने वाले महीनों में company में बड़े changes होंगे। Layoffs हो सकती हैं। मैं suggest करूंगी कि तुम सब अपने resumes update करो, LinkedIn profiles active रखो, और networking करो। Worst case scenario के लिए prepare रहो।"
"तुझे कैसे पता?" Shreya ने पूछा।
"बस... मुझे कुछ indications मिले हैं। Trust me on this।"
तीनों ने तारा की advice seriously ली।
अध्याय 44: असली test
दो हफ्ते बाद, HR ने एक-एक करके कुछ employees को बुलाना शुरू किया। जिन्हें बुलाया गया, वे grim faces के साथ वापस आए - उन्हें layoff notice दिया गया था।
Office का mood बहुत somber था। लोग रो रहे थे, कुछ shock में थे।
तारा की team में से किसी को अभी तक notice नहीं मिला था, लेकिन tension थी।
फिर उस दिन की दोपहर, HR ने अनन्या को बुलाया।
तारा और Priya ने tensely wait किया। 20 मिनट बाद अनन्या वापस आई। उसका चेहरा देखकर लग रहा था कि उसे layoff notice मिल गया है।
लेकिन जब वह पास आई, तो वह mildly smiling थी।
"मुझे layoff नहीं हुई। Actually, मुझे एक different department में transfer कर रहे हैं - बेहतर position पर। Apparently मेरा performance बहुत अच्छा रहा है।"
तारा और Priya ने राहत की साँस ली।
फिर Shreya को बुलाया गया। वह भी safe थी।
Priya को भी बाद में बुलाया गया - उसे भी retain किया गया।
तारा को भी finally बुलाया गया। HR head ने कहा, "Tara, आपकी performance exceptional रही है। Not only are you retained, but we're offering you a senior position in the new structure।"
तारा को relief हुई, लेकिन साथ ही guilt भी। उसके बहुत से colleagues - अच्छे लोग - अपनी jobs खो रहे थे।
उस शाम, office में जो लोग बचे थे, वे मिले। कुछ लोग grateful थे, कुछ survivor's guilt से परेशान थे।
रविकांत sir, जो अभी भी company में थे, ने सबको address किया।
"दोस्तों, यह एक मुश्किल समय है। हमने अपने कई colleagues को खो दिया है। लेकिन जो हम में से बचे हैं, हमारी ज़िम्मेदारी है कि हम अपने काम को और बेहतर करें। और हाँ, जिन colleagues ने company छोड़ी है, हम उनकी मदद करेंगे - references देंगे, networking में help करेंगे।"
यह सुनकर तारा को एक idea आया।
अध्याय 45: नया initiative
अगले हफ्ते तारा ने एक proposal बनाया। उसने HR और management को suggest किया कि company एक "Alumni Support Program" शुरू करे - जिसमें laid-off employees को job search में help की जाए, career counseling दी जाए, और networking opportunities provide की जाएं।
Management को यह idea पसंद आया। यह company की image के लिए भी अच्छा था।
तारा को इस program को set up करने की responsibility दी गई। उसने एक team बनाई और program design किया।
अगले दो महीनों में, इस program के through 15 में से 10 laid-off employees को नई jobs मिल गईं। बाकी के लिए भी अच्छे leads थे।
तारा को realize हुआ - यह भी एक तरीका था अपनी शक्ति का सही इस्तेमाल करने का। Direct intervention नहीं, बल्कि systemic change create करना।
इस पूरे process में तारा ने बहुत कुछ सीखा। उसे समझ आया कि:
हर problem को तुरंत solve करने की ज़रूरत नहीं है - कभी-कभी लोगों को अपनी problems से लड़ना सीखना होता है।
Boundaries important हैं - अपनी mental और emotional health का ध्यान रखना ज़रूरी है।
Systemic changes ज़्यादा impactful होते हैं - Individual cases solve करने से ज़्यादा, systems को बेहतर बनाना important है।
Compassion और Justice दोनों ज़रूरी हैं - सिर्फ सच्चाई जानना काफी नहीं, उसे सही तरीके से handle करना भी ज़रूरी है।
अध्याय 46: नए रिश्ते
कुछ महीनों बाद, एक शाम office के बाद team dinner plan हुआ। तारा, Priya, Ananya, Shreya, और कुछ और colleagues एक नए restaurant में गए।
खाना खाते-खाते बातें चल रहीं थीं - office की gossip, weekend plans, movies।
उसी restaurant में तारा की नज़र एक आदमी पर पड़ी। वह अकेला बैठा था, laptop पर कुछ काम कर रहा था। तारा को वह कहीं से familiar लग रहा था।
फिर उसे याद आया - यह वही व्यक्ति था जिसे कुछ महीने पहले तारा की company से layoff किया गया था। उसका नाम Sameer था।
तारा उसके पास गई। "Sameer? आप यहाँ?"
Sameer ने ऊपर देखा और smile दी। "अरे Tara! हाँ, मैं यहाँ रहता हूँ पास में। तुम?"
"हम team dinner के लिए आए हैं। आप कैसे हैं? Job मिल गई?"
"हाँ! Actually बहुत अच्छी job मिली - एक startup में। Salary भी पहले से better है। और सबसे अच्छी बात - work culture बहुत अच्छा है। Honestly, वह layoff मेरे लिए blessing in disguise निकली।"
तारा को खुशी हुई। "यह तो बहुत अच्छी बात है!"
"और Tara, वह Alumni Support Program - उससे बहुत मदद मिली। References और networking opportunities... बिना उसके शायद यह job नहीं मिलती। So, thank you।"
"अरे, यह तो हम सबकी effort थी।"
बात करते-करते Sameer ने कहा, "वैसे, तुम्हें अगर कभी career guidance या कुछ चाहिए, तो बताना। Startup ecosystem में मेरी अच्छी networking है।"
तारा ने उसका contact save किया।
जब वह अपनी table पर वापस आई, Priya ने mischievously कहा, "कौन था? बातें करते-करते बहुत खुश लग रही थी।"
"अरे, वह Sameer था - हमारी company से layoff हुआ था। अब उसे अच्छी job मिल गई है।"
"Single है?" Shreya ने पूछा।
"मुझे नहीं पता। और मुझे interest भी नहीं है," तारा ने हंसते हुए कहा।
लेकिन अग