Row Agent - 1 - 22 in Hindi Detective stories by bhagwat singh naruka books and stories PDF | रॉ एजेंट सीजन 1 - 22

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रॉ एजेंट सीजन 1 - 22


हाफिज ___(काम ना बनते देख)

ये क्या कर रहे हो पगल हो गए हो क्या ,,पैसे मिल गए ना , चलो,, रशीद भाई जान पिस्टल नीचे करो,,

हाफिज को इस तरह बोलते देख अविनाश मेहरा और दिग्विजय चौटाला एक दूसरे के मुंह की तरफ देखते है ,,।

अविनाश मेहरा ____ एक बात तो पक्की हो गई ,, ये ख़बर भारत देश की है और pok जो की एक विवादित एरिया है तो पक्का ये ख़बर आतंकवादी संगठन के मुखिया, हाफिज सईद तक जरूर पहुंचेगी, और तुम हाफिज सईद आतंकवादी संगठन जो की मुंबई बम ब्लास्ट का मास्टर माइंड था उसके लिए काम करते हो ,, हा या ना 

रशीद मसूद _____(गुस्से से लाल पीला ) अब तुम अपनी सारी हदें लांघ चुके हो ,,, तुम अंदर तो आ चुके लेकिन यहां से जिंदा बाहर नहीं जा पाओगे,,, ।

दिग्विजय चौटाला ____ (खड़ा हो कर कहता है )

बाहर जिंदा तो हम जायेगे और साथ में तुम दोनो भाईयो को भी जिंदा लेकर ,, 

(अपने पीछे कमर में लगी पिस्टल निकाल कर रशीद मसूद पर तान देता है है ,, कमरे के अंदर का माहौल गर्मा गया हाफिज डर के बारे खड़ा हुआ और एक तरफ हो गया ,और डरते हुए कहता है )

हाफिज ____ये,,,, ये,, क्या कर रहो ,,तुम्हारा दिमाग हिल गया है क्या ,, अविनाश तू ,,,,तुम ही समझाओ इसको ये 300 करोड़ पर लात मार रहा है ,,।


अविनाश मेहरा भी खड़ा हो जाता है और अपनी कमर से पिस्टल निकालता है और कान में एक ब्लू टूथ लगता है और कहता है 

अविनाश मेहरा ____ अब मैं क्या कहूं इसको ,,ये है ही ऐसा है ,, इसको रोकना मतलब अपनी मौत को बुलाना है ,,ये हरियाणवी जाट है हाफिज मिया ,,, । 


हामिद मसूद जो शांत खड़ा था ,,वो धीरे धीरे कदम पीछे बढ़ाने लगता है , अविनाश मेहरा एक फायर करता जो उसके कदमों के नजदीक जाकर लगता है ,)

अपनी जगह से बिलकुल हिलाना नही ,,,वरना हरियाणवी जाट का निशाना चुकता नही है ,,और इसका चुक भी गया तो जरा सामने बिल्डिग पर एक नजर देख ले ,,, वो इतनी दूरी पर है लेकिन उसका निशाना कभी नही मिस होता है ,,,

रशीद मसूद _____ हमारे साथ धोखा ,, धोका किया हमारे साथ ,,, गद्दार ,,, प्यार प्रेम बड़ा कर हमारे साथ गद्दारी की तुमने,,, ।

दिग्विजय चौटाला ____ अरे गद्दार तो तुम हो ,,जिस थाली में खाया उस में छेद करते हो तेरा बाप यूपी के फरुकाबाद में रहता है ना ,, तीन भाई हो तुम ,, चार साल पाकिस्तान के कराची में रह कर आया है ना ,, हाफिज सईद से तेरी मुलाकात लाहौर में हुई वही से तूने 3 साल की ट्रेनिंग ली है ,,, छ शादी तूने अभी तक की है और सब बीवी से तेरे 22 बच्चे है । ओर ये तेरा भाई जो तेरे जैसा दिखता है , इसको भी तूने  साऊदी अरब नौकरी के बहाने भेजा फिर इसकी भी एंट्री हाफिज सईद के संगठन में कराई और दो साल की ट्रेनिंग दिलाई ,,, । अब यहां भारत में रह कर पाकिस्तान के लिए एजेंट का काम करते हो ,,दिन में जगह जगह रेडी पटरी लगाते हो और रात में हवाले के पैसे को इधर से उधर करते हो ,,।

अविनाश मेहरा ____और जन्म कुंडली बताए या इससे काम चल जाएगा ,,,।

इतना सुन कर उन तीनो के पैरो से जमीन सरका जाति है ,, ।

हाफिज दरवाजा खोलो,,, सुना नही तुमने दरवाजा खोलो,, 

हाफिज खड़ा खड़ा घबराया हुआ था ,उसको समझ नही आ रहा क्या करे ,,।

रशीद मसूद ____ हाफिज मिया ,देख लिया ना आपने ,,,आपके दोस्तों को आपने कहा था विश्वाश वाले आदमी है ,,। खुदा कभी आपको माफ नही करेगा ,,, । 

अविनाश मेहरा ____अपनी जुबान बंद कर ,,और हाफिज दरवाजा ओपन कर ,,, ।

जैसे ही हाफिज कदम आगे बढ़ता है छोटा हामिद मसूद उसको अपनी पकड़ में ले लेता है ,,, 

हामिद मसूद ____ अपनी गन नीचे रख दो वरना इसको गर्दन सर से लग कर दुगा,,, ।

दिग्विजय चौटाला ____(मुस्कुराते हुए ) अच्छा ,,, तो कर दे ,,

उधर अविनाश मेहरा कुछ बोलता है कान में लगे सिस्टम के माध्यम से ,,। 

अविनाश मेहरा ____दरवाजे को तोड़ कर अंदर आ जाओ ,,, टारगेट ok,,

तभी एक गोली आती है जो हामिद मसूद के कंधे पर लगती है और वो नीचे गिर जाता है हाफिज उसकी पकड़ से छुट जाता है और एक कोने में खड़ा हो जाता है ,तब तक दरवाजे को तोड़ कर कुछ सैनिक अंदर आ जाते है , सभी nsg के कमांडो होते है ,, ।

इस तीनो को पकड़ पर बाहर लेकर आओ ,,,, रशीद मसूद तेरा खेल खत्म ,,, और तुझे एक अच्छी खबर और  दे देते है ,,अब तेरे बाप हाफिज सईद के दिन जायदा नही है , खबर तो तू सुनता ही होगा ,,कोई तुम्हारे बापो को चुन चुन कर पाकिस्तान में मार रहा है ,,कल ही तेरे बाप के बेटे को हमारे एजेंट ने जन्नत पहुंचा दिया है बेहतर हुर्रो के पास ,,, । 

दिग्विजय चौटाला _____ अब चलो तुम्हे भी वही पहुंचाने के लिए ढोली रेड्डी करते है ,,, इन पैसे को भी उटाओ और इस मकान को सील कर दो ,, 

हाफिज ____(डरते हुए) ,,मुझे क्यू पकड़ रहे हो ,मुझे तो छोड़ दो ,, मैने तो आपकी हेल्प की है ,,

अविनाश मेहरा ____ छोड़ देगे,, अभी कुछ दिन जेल की हवा तो खा लो मिया ,,, सही कहा है किसी ने कुत्तो को कभी भी धी हजम नही होता है ,, साले हाफिज तुझे भारत सरकार ने सरकारी जॉब दी, जिस थाली में खाया उस में ही छेद करने चला तू ,,, गद्दार,, ले चलो इसको भी ,,

रशीद मसूद ____ एक मुझे पकड़ लेने से कुछ नही होगा ,,इतना खुश होने की जरूरत नहीं है काफिर,,, हम दोनो अंदर चले गए तो क्या हुआ और भी हमारे भाई जो भारत के अंदर रह कर तुम काफिरो की कब्र खोदने की तैयारी कर रहे है ,,वो दिन दूर नही है जब पूरे भारत में जेहाद का परचम लहराया जायेगा ,, । 

दिग्विजय चौटाला ____ सही कहा तूने ,,, कब्र तो तैयार हो चुकी है बस तुम्हारे जैसे गद्दारों को उस में दफनाया जाना बाकी है ,,जिस की शुरुवात तुम से हम करेगे,,, और रहे बाकी तुम्हारे एजेंटो की बात तो जैसे तुम को पकड़ा है उनको भी जल्दी ही तुम्हारे पास वाली कब्र में भेज देगे ,, ।





Countinue _________


Writer bhagwat Singh naruka