Free Hindi Shayri Quotes by Nirali Kamboya | 111522974

सूरत देख लो बेशक
सीरत पहचान नहीं सकते
चंद दिनों की दोस्ती में
मुझे तुम जान नहीं सकते

Nirali Kamboya 1 year ago

Ji sirji bilkul sahi kaha aapne

shekhar kharadi Idriya 1 year ago

बिलकुल सही... क्योंकि वक्त को वक्त देना पड़ता है , किसिके चेहरे देखने से ज्यादा हृदय कि निस्वार्थ सुंदरता दिखनी पड़ती है, सही, गलत का फर्क हमें ही दिखना पड़ता है, क्योंकि इस भीड में सच्चे रिश्तें को तलाशना मानों सुई में धागा पिरोना जैसा है, कदाचित.. कोई अच्छा मिल जाए यथार्थ प्रेम का स्वरूप बनकर किंतु.. उसकीं कदर भी करनी चाहिए क्योंकि कभी कभी परखना भी भावनात्मक से नहीं मस्तिष्क से निर्णय लेकर करना चाहिए ।। धन्यवाद

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