Free Hindi Shayri Quotes by Dinkal | 111587866

सूखी पड़ी है दिल की ये ज़मीन,
जाने कहां गुम हो गई है नमी,
बंजर इस ज़मीन पे उम्मीद है तेरी बारिशें,
भीग जाएं फ़िर से प्यार की हो साजिशें।

-Dinkal

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