Quotes by Zakhmi Dil AashiQ Sulagte Alfaz in Bitesapp read free

Zakhmi Dil AashiQ Sulagte Alfaz

Zakhmi Dil AashiQ Sulagte Alfaz

@loveguruaashiq.661810


🦋...𝕊𝕦ℕ𝕠 ┤_★__
वो लौट आया है अश्क लेकर मगर
           हम तो मर चुके थे,

उसे खबर ही नहीं हुई कि हम कब
             के गुज़र चुके थे,

तलाशता है वो अब पुराने, निशान
              मेरे मकान पर,

वो  छत  कहाँ से  बचा  के रखता
     दीवार-ओ-दर गिर चुके थे,

उसे लगा कि वो हाथ थामेगा और
        मैं फिर से मुस्कुराऊँगा,

वो धूप लेकर तब आया  छत पर
        जब साए ढल चुके थे,

अजीब  जि़द है  ये  उसकी  देखो
    कि प्यास बुझाएगा मेरी अब,

घड़ा  तो  उसने  भरा  है  लेकिन
        दरिया ही सूख चुके थे,

कहाँ की  वफ़ा  और  कैसा  रंज
    अब ये सब फ़िज़ूल बातें हैं,

वो ख़त वो अब  पढ़  रहा है बैठ
कर, जिनके हर्फ़ मिट चुके थे...🔥
╭─❀💔༻ 
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#Zakhmi -E-Zubani..✍🏼
#LoVeAaShiQ_SinGh
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🦋...𝕊𝕦ℕ𝕠 ┤_★__
कमाल है न तुम कहते हो कि बहुत
            छोटी है ये ज़िंदगी,

दो  पल  का  क़िस्सा, ज़रा  सी  ये    
                 कहानी है,

मगर  मैं  तो  ऊब   चुका  हूँ,  इस
         बे-मतलब के जीने से,

मेरे लिए तो ये हर सांस, एक भारी
              बोझ पुरानी है,

अजीब ज़िद है  इस  वक़्त का भी
जो गुज़रता नहीं बस सीने पर ठहर
             जाना जानता है,

थक चुका हूँ मैं खुद को ज़बरदस्ती
                  ढोते-ढोते,

थक गई हैं  आँखें  वही  मंज़र फिर
              से देखते-देखते,

जिसे तुम मुख़्तसर, कह कर डराते
               हो ज़ख़्मी को,

ज़ख़्मी उसे काट रहा है तिल-तिल
             कर जीते-जीते,

कमबख़्त ये ख़त्म होने का नाम ही
                 नहीं लेती,

ये शाम  ढलती  क्यों नहीं,  ये  रूह
             सोती क्यों नहीं,

अजीब मज़ाक है, सब कहते हैं कि
             वक़्त भाग रहा है,

पर मेरे आँगन  में तो ये  पाँव पसार
                 कर बैठा है,

अब और नहीं खिंचती ये थकी हुई
             साँसों की लकीरें,

ये  जर्जर  कश्ती  अब  बस  किसी
        अंधेरे किनारे लग जाए,

बहुत जी लिए, बहुत देख लिया ये
               तमाशा हमने,

अब तो  बस ये  साँस थमे, और ये
    सफ़र यहीं थम जाए…🥀🔥
╭─❀💔༻ 
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♦❙❙➛ज़ख़्मी-ऐ-ज़ुबानी•❙❙♦
 #LoVeAaShiQ_SinGh
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🦋...𝕊𝕦ℕ𝕠 न┤_★__
तुम अक्सर पूछती हो न कि क्या
       अहमियत है तुम्हारी.?

तो सुनो मैं एक सूखा हुआ शजर
था, जिसे  अपनी  ही छाँव से डर
                लगता था,

मेरी जड़ों में खारापन था और रूह
   में सिर्फ़ एक ख़ामोश पतझड़,

फिर तुमने छुआ  और मेरी रगों में
     लहू नहीं, वसंत दौड़ने लगी,

तुम मेरी अहमियत मत पूछो, तुम
बस  ये  देखो  कि,  तुम्हारी   एक
                 छुअन ने,

मेरे  अंदर के  उस  मरे हुए इंसान
  को फिर से ज़िंदा कर दिया है,

तुम वो नमी हो, जिसके  बिना मैं
              रेत हो जाता,

तुम वो  रोशनी हो, जिसके बिना
     मेरा हर रास्ता अँधेरा था,

जब तुम पूछती हो कि मैं कौन हूँ
        तो मुझे लगता है कि,

तुम अपनी  ही दी हुई  साँसों का
         हिसाब माँग रही हो,

तुम सिर्फ़ मोहब्बत नहीं हो, तुम
वो वजह हो जिसने मुझे ख़ुद से
              मिलवाया है,

अब  कभी  मत  पूछना  अपनी
जगह, क्योंकि आइना चेहरा तो
           दिखा सकता है,

पर वो रूह नहीं जो तुम्हारी रूह
    में घुल चुकी है...😌🫶❤️
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#Zakhmi -E-Zubani..✍🏼
#LoVeAaShiQ_SinGh
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#Zakhmi -E-ZUBANI...✍🏼

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🦋...𝕊𝕦ℕ𝕠 ┤_★__
वो पहली नज़र का झुक जाना, वो
        पहली दफ़ा का शर्माना,

गर आख़िरी दम तक साथ रहे, तो
       समझो तुमने इश्क़ किया,

चहरे की  रंगत  ढल जाए, दुनिया
        की आदत बदल जाए,

पर दिल का  जो  पहला ज़ुबाँ था
वो आख़िरी दम  तक साथ रहे तो
      समझो तुमने इश्क़ किया,

न शिकवा हो  ढलती उम्रों का, न
  अफ़सोस छूटे हुए लफ़्ज़ों का,

जो रूह में उतरा था अव़्वल दिन
वही  आख़िरी  दम तक साथ रहे
   तो समझो तुमने इश्क़ किया,

वो  मिलना  सिर्फ़  इत्तेफ़ाक़  नहीं
वो बिछड़ना भी कोई फ़िराक़ नहीं,

एक  जज़्बा जो मर कर भी न मरे
वही आख़िरी  दम  तक  साथ रहे
तो समझो तुमने इश्क़ किया…🫶
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🦋...𝕊𝕦ℕ𝕠 ┤_★__
कलम उठी थी कि सारा सरापा
                लिख दूँ,

उसके लब, उसकी आँखें, हर
           नज़ारा लिख दूँ,

मगर, उलझ कर रह गया मैं उन
        बदन की लकीरों में,

अब तुम ही बताओ-अब तुम ही
बताओ, कि

उस मखमली कयामत को कैसे
अधूरा लिख दूँ...🔥🙈?
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#zakhmi -e-zubani..✍🏼
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अजब तमाशा है, कि वो खामोश
                  बैठें हैं,

और यहाँ, यहाँ मेरी धड़कनों ने
          कोहराम मचाया है,

अब गलती उसकी थी या ज़िद
मेरी थी छोड़ो,

पर इस तन्हाई को मेरे घर किसने
                बुलाया है.?

वो तो मसरूफ होंगे अपनी दुनिया
               की रौनक में,

मगर मेरी नींदों पर तो जैसे ग्रहण
                सा छाया है,

Oye बाबल, ज़रा देख तो आकर
      मेरी इन वीरान आँखों को,

तूने एक छोटे से झगड़े में मेरा पूरा
        सुकून गँवाया है...🥀🖤
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#Zakhmi -e-zubani..✍🏼
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🦋...𝕊𝕦ℕ𝕠 ┤_★__
अगर इतना ही सब्र-ए-सुकून इस
             इश्क़ में होता,

तो ज़हर-ए-जुदाई किसी ने भी
            चखा नहीं होता,

सँभल जाते हम भी  वक़्त  की
         आहट को सुन कर,

अगर  तुमने भी  आँखों में पर्दा
             रखा नहीं होता,

ये जो बिखरे पड़े हैं, काग़ज़ों पे
              लहू के कतरे,

कलम  में  दर्द  कोई  भी  इतना
            तीखा नहीं होता,

मज़ा  तो तब था  कि  तुम साथ
          चलते मंज़िलों तक,

सिर्फ़  यादों का  साथ  हमने  ही
           चखा नहीं होता,

बड़े सलीके से तुमने किया है कत्ल-
                 ए-तम्मना,

वरना हमने भी मौत का ये मंज़र
             देखा नहीं होता,

शायरी  तो  बस  एक  बहाना  है
        दुनिया को बताने का,

कि अगर तुम वफ़ा करते तो हमने
  भी कुछ लिखा नहीं होता…🔥
╭─❀💔༻ 
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