Quotes by Zakhmi Dil AashiQ Sulagte Alfaz in Bitesapp read free

Zakhmi Dil AashiQ Sulagte Alfaz

Zakhmi Dil AashiQ Sulagte Alfaz

@loveguruaashiq.661810


🦋...𝕊𝕦ℕ𝕠 ┤_★__
दीवारों में दरार आए, तो मरम्मत की
जाती  है,  पूरी  बस्ती  को  उजाड़ा 
                  नहीं  जाता,

कपड़ा कहीं से फट जाए, तो रफू
किया जाता है, बदन से  लिबास
            उतारा नहीं जाता,

शिकायतें कितनी भी हों, ज़रा बैठ
            कर सुलझा लेना,

उलझनों की वजह से हाथ उम्र भर
       का छोड़ा नहीं जाता…🤏

शुभ रात्रि..😴
╭─❀💔༻ 
╨──────────━❥
♦❙❙➛ज़ख़्मी-ऐ-ज़ुबानी•❙❙♦
#LoVeAaShiQ_SinGh
╨──────────━❥

Read More

🦋...𝕊𝕦ℕ𝕠 ┤_★__
{{शाम की दहलीज और तेरा
एहसास}}
━❥
उतरती शाम का मंज़र सुहाना कर
                 दिया तूने,

ख़याल  आया  तेरा  और  दिल को
         दीवाना कर दिया तूने,

हवा की  नर्म लहरों  में तेरी ख़ुशबू    
                महकती है,

फ़ज़ा के रंग को जैसे, आशिक़ाना
             कर दिया तूने,

कभी जो  फासले थे, वो सिमटने
           लग गए ख़ुद ही,

मेरे वीरान लम्हों को ठिकाना कर
                दिया तूने,

तेरी आँखों  की ज़द  में  आ  गई
          जब से मेरी दुनिया,

हक़ीक़त   को   भी  इक  हसीं
     अफ़साना कर दिया तूने,

मोहब्बत की इबादत में झुकाया
              सर जो मैंने,

मेरी  हर  इक   दुआ  को  अब
  जताना कर दिया तूने…❤️
╭─❀💔༻ 
╨──────────━❥
♦❙❙➛ज़ख़्मी-ऐ-ज़ुबानी•❙❙♦
#LoVeAaShiQ_SinGh
╨──────────━❥

Read More
epost thumb

🦋...𝕊𝕦ℕ𝕠 ┤_★__
सब कुछ गया है हाथ से, बस एक
               तेरा नाम है,

धड़कन थमी सी रह गई बस साँस
              लेना काम है,

तूने तो कुछ  पहना नहीं, न हार है
              न बिंदिया है,

तेरी  सादगी  के  सामने, हर  रूप
             अब बदनाम है,

दर्पन  जो  टूटा  फर्श  पर, तो  सौ
          जगह तू ही दिखा,

मैं खुद  को  ढूँढूँ  भी  कहाँ?  मेरा
            वजूद नीलाम है,

वो नूर चेहरे का तेरे, अब भी मुझे
                सोने न दे,

बिना  कजरे  की  वो  आँखें,  मेरे
             लिए पैग़ाम हैं,

जीने  की  कोई  वजह नहीं, मरने
           का कोई डर नहीं,

जब  तू  ही  बिछड़  गई  तो  फिर
   सुबह भी अब शाम है…💔
╭─❀💔༻ 
╨──────────━❥
♦❙❙➛ज़ख़्मी-ऐ-ज़ुबानी•❙❙♦
#LoVeAaShiQ_SinGh
╨──────────━❥

Read More
epost thumb

https://youtube.com/shorts/_J5lYG2OIHA?si=nksc7OFuaq7n6jll

🦋...𝕊𝕦ℕ𝕠 ┤_★__
बिछा कर लफ़्ज़ काग़ज़ पर, मैं अपना
               हाल लिखता हूँ,

पढ़ेंगे सब इसे पर मैं सिर्फ तेरा ख़याल
                  लिखता हूँ,

ज़माने  भर  को  दिखती  है,  महज़
               कारीगरी मेरी,

मैं हर इक शेर में तेरी छुपी इक ढाल
                 लिखता हूँ,

मेरी तहरीर में शामिल है तेरी साँस
                की खुशबू,

मैं अपने लफ़्ज़ में तुझको, मिसाल-
            ए-हाल लिखता हूँ,

हज़ारों शोर दुनिया के मुझे छू कर
              निकल जाए,

मैं सन्नाटे में भी तेरे लबों की चाल
               लिखता हूँ,

नहीं है ये कोई काग़ज़, ये टुकड़ा है
              मेरे दिल का,

मैं लफ़्ज़ों की शक्ल में तेरा दीदार
            लिखता हूँ…🔥
╭─❀💔༻ 
╨──────────━❥
♦❙❙➛ज़ख़्मी-ऐ-ज़ुबानी•❙❙♦
#LoVeAaShiQ_SinGh
╨──────────━❥

Read More
epost thumb

🦋...𝕊𝕦ℕ𝕠 ┤_★__
एक खत ऐसा भी...

तारीख: आज की एक अकेली शाम,
पता: मन का वो कोना, जहाँ कोई
झाँकता नहीं,

सुनो,

उम्मीद है तुम बाहर से ठीक होगे
क्योंकि आजकल हम सबने ठीक
होने का एक बेहतरीन हुनर सीख
लिया है,

आज दिल कुछ भारी था, तो सोचा
तुम्हें वो बातें लिखूँ जो हम महफिलों
में हँसते हुए भी नहीं कह पाते,

तुमने सच ही तो कहा था, यहाँ हर
कोई अपना ज़ख्म छिपाए फिर रहा है,

हम सब एक ऐसे मेले में हैं जहाँ भीड़
तो बहुत है, पर हर इंसान अपनी अधूरी
कहानी का अकेला किरदार है,

हम एक-दूसरे को तसल्ली तो देते हैं पर
सच तो ये है कि हम खुद अपनी थकान
से चूर हैं,

ये जो चेहरे पर मुस्कान हम चिपकाए
रखते हैं न, वो दरअसल एक ढाल है
ताकि कोई हमारी असुरक्षा को देखकर
हमें कमज़ोर न करार दे दे,

हम उस समाज का हिस्सा हैं जहाँ टूटना
मना है और हारना उससे भी बड़ा गुनाह,

कितना अजीब है न,?
हम जानते हैं कि कोई किसी का बोझ
नहीं उठा सकता, फिर भी एक उम्मीद
की डोर पकड़े बैठे हैं,

शायद वो झूठी उम्मीद ही है जो हमें रोज़
सुबह बिस्तर से उठाती है और रात को
थपकियाँ देकर सुला देती है,

हम एक-दूसरे पर तंज कसते हैं अपनी
कुंठाएँ थोपते हैं, सिर्फ इसलिए ताकि
खुद को बेकार होने के एहसास से बचा
सकें,

भीतर एक शोर है जो कभी थमता नहीं
और बाहर एक सन्नाटा है जिसे हम
नॉर्मल कहते हैं,

हम रोज़ हारते हैं, रोज़ टूटते हैं, और
फिर अगले दिन एक नया मुखौटा पहन
कर दुनिया के सामने खड़े हो जाते हैं,
सिर्फ ये दिखाने के लिए कि हम मज़बूत हैं,

पर कभी-कभी सोचता हूँ... कब तक,?

खैर, ये खत बस एक ठहराव था,
उन चंद लम्हों की गुफ्तगू जो शायद
तुम्हारे घाव तो नहीं भरेगी, पर तुम्हें ये
ज़रूर महसूस कराएगी कि इस अंधेरे
में तुम अकेले नहीं हो, हम सब अपनी
अपनी हार को ठीक है कहकर ढो रहे हैं,

अपना ख्याल रखना
तुम्हारा ही एक अक्स,,🥀🔥
╭─❀💔༻ 
╨──────────━❥
♦❙❙➛ज़ख़्मी-ऐ-ज़ुबानी•❙❙♦
 #LoVeAaShiQ_SinGh
╨──────────━❥

Read More

🦋...𝕊𝕦ℕ𝕠 ┤_★__
मैं पागल हूँ, तो फिर ये कैसी शराफ़त
                 पाल बैठा हूँ,

कि ज़िल्लत सह रहा हूँ, और तुझको
                 टाल बैठा हूँ,

मेरा  दिल  साफ़ है, शायद  इसीलिए
               कमज़ोर हूँ मैं,

कि आस्तीन में अपनी, मैं अपना ही
                काल बैठा हूँ,

मेरा बस चलता तो, अब  तक उसे
          मिट्टी में मिला देता,

मगर वो  शख्स अच्छा  है, ये  कैसे
              ढाल बैठा हूँ.?

हवस  होती  तो  शायद  कब  का
         तुझको छीन लेता मैं,

मगर  इस  पाकीज़ा  उल्फ़त  का
         लेकर जाल बैठा हूँ,

वो  मेरे  सामने  तेरा  हाथ  थामे
             घूमता है अब,

और मैं कम्बख़्त उसकी नेकी का
            मलाल बैठा हूँ,

बड़ी रुसवाई है इसमें बड़ी ज़िल्लत
               की ये हद है,

कि एक शरीफ़ की खातिर अपना
       कफ़न डाल बैठा हूँ…🔥
╭─❀💔༻ 
╨──────────━❥
♦❙❙➛ज़ख़्मी-ऐ-ज़ुबानी•❙❙♦
#LoVeAaShiQ_SinGh
╨──────────━❥

Read More

🦋... SuNo ┤_★__
{{ प्रेम एक इबादत }}

मोह के कच्चे धागों से, जब रूह
          ये आजाद होती है,

तभी तो सच्चे प्रेम की, असल में
          बुनियाद होती है,

ये महज़ जज़्बात नहीं, ये तो एक
            पावन पूजा है,

इस  इबादत के  सिवा, न कोई
           मज़हब दूजा है,

इस प्रेम में तड़प तो हो, पर पाने
         की कोई ज़िद न हो,

जहाँ बंदिशें न हों कोई, और न
            ही कोई हद हो,

ये वो  दरिया है  जिसका, कोई
         किनारा नहीं होता,

प्रेम में डूबा  हुआ शख्स, कभी
          बेचारा नहीं होता,

न ये ‘Gender, को  देखे, न ये
        अपना-पराया जाने,

ये तो बस रूह की भाषा, और
     निस्वार्थ होना पहचाने,

कभी ये दोस्त की हँसी में, सुकून
         बनकर झलकता है,

तो कभी ये माँ की ममता में अटूट
           बनकर बहता है,

पिता के उस भरोसे में भी, ये प्रेम
           ही तो शामिल है,

भाई-बहन के रिश्तों की ये प्रेम ही
              तो मंज़िल है,

बड़ा ही  खूबसूरत सा, ये रूहानी
                एहसास है,

बिना  स्वार्थ के जो किया जाए
    वही सबसे खास है…❤️

🌹 राधे  राधे 🌹
#Ꮆᴏᴏᴅ_𝕄𝗼𝗥𝗻𝕚𝗡𝕘
╭─❀💔༻ 
╨──────────━❥
♦❙❙➛ज़ख़्मी-ऐ-ज़ुबानी•❙❙♦
#motivatforself 😊°☜
╨──────────━❥

Read More

ye Jo yaha par meko DM kar rahe hain
unko ek jankari Dena chahunga ki aapke
messages ka jawab dene ke liye meko
membership leni padegi, aur Main is
ghatiya se app par paise kharch
karne wala hun nahin ittu 🤏🏼 sa bhi nahi,
to kahana yah tha ki dusra option bhi hai
aap post per comment ke jariye bhi apni
baten rakh sakte hain..✍🏼✅

Read More

🦋...𝕊𝕦ℕ𝕠 ┤_★__
ये जो  महफ़िल में,  ज़ख्मों  की
           नुमाइश कर रहे हैं,

यकीनन ये मोहब्बत नहीं साज़िश
                कर रहे हैं,

कहाँ मुमकिन है, सच को सिर्फ़
           बातों से परखना,

लोग  तो  काबे  में  भी  झूठ  की
          गुंजाइश कर रहे हैं,

खुले मंज़र पे जो  रुमाल रखकर
                 रो रहे हैं,

वही  पीठ  पीछे  मेरे  कत्ल की
           रंजिश कर रहे हैं,

वो जिनके अपने दामन पर लहू
            के हैं सैकड़ों धब्बे,

वही अब मेरे किरदार की पैमाइश
                 कर रहे हैं,

अदालत चुप, गवाह चुप, मुंसिफों
             के होंठ भी चुप,

मगर  सब  मिलके  मुजरिम की
        सिफारिश कर रहे हैं,

चरागों को बचाना, अब हवा के
            बस में कहाँ है, कि

खुद घर के ही कोने अब तपिश
               कर रहे हैं,

जिन्हें हक़ की सदाओं से, हमेशा
            खौफ़ आता था,

वो अब  सरे-आम  सच की ही
     नुमाइश कर रहे हैं…🔥
╭─❀💔༻ 
╨──────────━❥
♦❙❙➛ज़ख़्मी-ऐ-ज़ुबानी•❙❙♦
 #LoVeAaShiQ_SinGh
╨──────────━❥

Read More

🦋...𝕊𝕦ℕ𝕠 ┤_★__
अपनी कामयाबी की सीढ़ियाँ, इतनी
मज़बूत बनाओ कि,

किसी के हक़ के कंधों पर, पैर रखने
की ज़रूरत न पड़े…🤞🔥

#𝐉𝐀𝐈_𝐒𝐇𝐑𝐄𝐄_𝐑𝐀𝐌 ..🚩
#𝗴𝕠𝕠𝗱_𝕄𝗼𝗥𝗻𝕚𝗡𝕘_ ..🌸
╭─❀💔༻ 
╨──────────━❥
#motivatforself 😊°  
⎪⎨➛•ज़ख़्मी-ऐ-ज़ुबानी°☜⎬⎪
╨────✥}}{{✥───━❥

Read More