Free Hindi Poem Quotes by Bhumika | 111651227

वीरानीसी छाई है मेरे दिल में,

आज कल मशरूफ बहुत हो,

तुम गैरोंकी महफ़िल में...

- "लिहाज"

Er Bhargav Joshi 1 year ago

मशरुफी का आलम न पूछो साहब। उनकी यादों में खोए है खुली आंखो से।।

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