Free Hindi Motivational Quotes by Sarvesh Saxena | 111787566


कभी कभी
ओझल हो जाती है
नींदआंखों से,
संवेदनाएं मन से,
पाषाण की तरह
रह जाता है ये शरीर
बस एक आस में,
एक उम्मीद में,
बोझिल टूटते तारे सा
जीवन के अंतरिक्ष में....

-Sarvesh Saxena