Free Hindi Poem Quotes by Darshita Babubhai Shah | 111804378

मैं और मेरे अह्सास

मेरी सारी कविताएं तेरी बदोलत है l
मेरी यही तो जिंदगीभर की दौलत है ll

मुहब्बत मे मिला जो दर्द मुझको सो l
ग़ज़लें - कलाम उसी की नौबत है ll

सखी
दर्शिता बाबूभाई शाह

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