संघर्षों से निखरता जीवन
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अच्छा हुआ जो मिली हमे कठिन राहे,
कदम -कदम पर उलझी कई चाहे|
अगर आसान होता हर एक सफर तो निखरता कैसे जीवन का असर|
अच्छा हुआ जो हाथो मे कठिनाई आई
वरना मेहनत की कीमत कैसे समझ पाई।
रुकवटे आई, पर रोकी नही राह, ठोकरों ने ही दी हमे आगे की चाह|
एक-एक शौक को हमने गॅवाया ,
जिम्मेदारियो को अपना श्वंंगार बनाया।
तब समझ आया जीवन का अर्थ गहरा,
संघर्ष बिना नही होगा जीवन सुनहरा।
बिना ऑधी के उड़ान नही होती,
बिना तपिश के पहचान नही होती।
_____ आकांक्षा श्रीवास्तव