सपनों से हक़ीकत तक
सपनों की राह में चलता रहा,
हर मोड़ पर कुछ नया मिलता रहा।
कुछ नया मिलने से मैं सीखता रहा,
जिसमे तजुबी बड़ता रहा ।।
तजुर्बा जोड़ा तो हौसला बढ़ गए,
सपने अब और भी चमकन लग गए।
चमकने लगे तो बेहतर बन गए,
जिंदगी में आनंद आ गए ।।
आनंद में रंग ऐसे घुलने लगे,
हर एक पल अब और प्यारे लगने लगे।
प्यार से लोग हमें अपना बनाने लगे,
सपनों की तलाश को हम हकीकत बनाने लगे ।।
राहों में अब कोई रुकावट नहीं,
सपनों के संग अब कोई भी जंग नहीं।
जिंदगी की इस किताब का हर पन्ना सजा,
हमने खुद को जीने का तरीका पा लिया ।।