💫“साथ का एहसास”💫
हम चुपचाप अपनी ही धुन में चलते थे,
बूढ़े दादा बोले — “कुछ समझ नहीं आया।”
पर हमारी दुनिया में शब्दों की ज़रूरत नहीं थी,
हर कदम में बस एक दूसरे का साथ था।
एडमिशन के हर फॉर्म में उसने राह आसान बनाई,
हर मुश्किल मेरे लिए हल्की कर दी।
और आज भी जब मन में तूफान उठता है,
वो जट से पूछता है — “क्या हुआ?”
हर छोटी‑छोटी बात में उसका एहसास दिखता है,
हर पल उसकी care और प्यार मेरे साथ था।
कभी teasing, कभी silent, लेकिन हमेशा साथ,
ऐसा रिश्ता बस किस्मत में लिखा होता है। 💛