अंतर्राष्ट्रीय नृत्य दिवस की सभी को हार्दिक शुभकामनाएँ 💐💐
आज अंतर्राष्ट्रीय नृत्य दिवस है । हर साल 29 अप्रैल को दुनिया भर में नृत्य दिवस मनाया जाता है।
अंतर्राष्ट्रीय नृत्य दिवस मनाने का
उद्देश्य नृत्य के माध्यम से अपनी अभिव्यक्ति को बढ़ावा देना है उसे सार्वभौमिक करना है ताकि सब उसका लाभ उठा सकें।
इस दिवस की स्थापना 1982 में अंतर्राष्ट्रीय रंगमंच संस्थान की डांस कमेटी द्वारा की गई थी।
यह दिन आधुनिक बैले के जनक, जीन-जॉर्ज नोवेरे की जयंती (29 अप्रैल 1727) को समर्पित है।
यह दिन नृत्य प्रेमियों, कलाकारों को समर्पित है। नृत्य केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक संतुलन के लिए एक बेहतरीन माध्यम है।
"नृत्य" शब्द का नाम सुनते ही हमारी आँखों के सामने कई तरह की नृत्य मुद्राएँ दिखाई देने लगती हैं । नृत्य सदियों पुरानी कला है जो लोगों को प्रभावित करती चली आ रही है । हमारी भारतीय संस्कृति एवं धर्म नृत्य कला से जुड़े हुए हैं । देव इंद्र की अप्सराओं के नृत्य से लेकर राधा- कृष्ण की रासलीला का वर्णन हमारे ग्रंथों में मिलता है । नृत्य हमारे जीवन को मनोरंजन प्रदान करते ही है, पर नृत्य कला धर्म, अर्थ ,काम ,मोक्ष प्राप्ति का भी साधन माना गया है। भारतीय शास्त्रीय नृत्य और लोकनृत्य दोनों ही नृत्यों ने पूरे विश्व में अपनी एक अलग ही पहचान बनाई है ।
भारतीय शास्त्रीय नृत्य-कथक, ओडिसी , भरतनाट्यम, कुचिपुड़ी, मणिपुरी एवं कथकली बहुचर्चित नृत्य है जो विश्व भर में होते चले आ रहे हैं ।
लोकनृत्यों में गुजरात का डांडिया,गरबा , पंजाब का भांगड़ा ,असम का बिहू , महाराष्ट्र का लावणी , छत्तीसगढ़ का पांडवानी , उत्तरप्रदेश का पखाउज नृत्य लोकप्रिय है । भारत के हर प्रांत में लोकनृत्य रचा बसा है ।
शरीर को निरोग रखने में भी नृत्य महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है । गीत, वाद्य , नृत्य मिल कर ही संगीत का रुप लेते हैं जो हमारे जीवन को आनंद से भर देते हैं ।सारे देवी-देवता संगीत का आनंद लेते हैं ऐसा हमारे ग्रंथों में उल्लेख मिल ही जाता है । नृत्य जहाँ हमें खुशी देता है वहीं वह अपना क्रोध भी दर्शाता हैं ।शिव जी का तांडव नृत्य इसी के अन्तर्गत आता है । इस प्रकार हमारे नृत्य का इतिहास बहुत पुराना है चाहे शास्त्रीय नृत्य हो या पाश्चात्य ।
हमारी भारतीय फिल्मों में नृत्य के सभी रुपों के दर्शन हो जाते हैं जो कि नौ रसों पर आधारित है । मुझे भारतीय नृत्य बहुत प्रभावित करते हैं । जब भी मौका मिला इसका भी लुत्फ उठाया।
आभा दवे
मुंबई