सजल√√
नैन उनके झुके तो नमन हो गया....
नैन उनके झुके तो नमन हो गया।
भावना का सहज, निर्गमन हो गया।।
राह में कल मिले, मुस्कराते हुए।
सामने आ गए, दिल चमन हो गया।।
प्रेम की राह कंटक भरी है प्रिये।
वासना में फँसे, तो पतन हो गया।।
द्वार में बैठकर, थी प्रतीक्षा हमें।
आँख पथरा गईं सच कथन हो गया।।
चाँदनी रात मिलने का वादा प्रिये।
तुम न आए मन में चुभन हो गया।।
देश की बात पर हम सभी एक हों।
सिर निछावर किया वह रतन हो गया।।
शूर होता वही जो मिटे देश पर।
वीर बलिदानियों का वतन हो गया।।
मनोज कुमार शुक्ल मनोज
16/6/26