अपनी पसंद का जीवन साथी चुनने की आजादी, बच्चों के हाथ में सौंपना कतई गलत नहीं है, लेकिन उनकी पसंद ना पसंद के सही मायने क्या है ? वह देखना, जानना, हर मा-बाप की सबसे बड़ी जिम्मेदारी होती है, और जो मा-बाप, अपना जीवनसाथी पसंद कर रहे अपने संतान के दिल में क्या चल रहा है ? यह जान सकते हैं, तो फिर उनकी संतान ने अपने जीवनसाथी के रूप में की हुई पसंद, कभी गलत नहीं होगी.
- Shailesh Joshi