दिल को ठोकर लगी, तो लगा कि इसी की ज़रूरत थी हमें,
तब जाकर जाना कि हर आशिक़ इश्क़ में अंधा ही होता है।
बदनाम हो गए थे कई रिश्ते इश्क़ की दुहाई में,
तब समझ आया कि छोड़ जाने का ये तरीक़ा बहुत पुराना है।
घर भी जल जाते हैं कभी मोहब्बत के चराग़ों से,
फिर लिखा जाता है कि ये मोहब्बत का महज़ एक फ़साना है।
- MASHAALLHA