🌸मोहब्बत भूल जाते है🌸
गजल
चलो फिर से हम मोहब्बत भूल जाते हैं
न हो परेशॉं मेरी जान, हम धूल हो जाते हैं।
होगी न खबर अब तूमको मेरे होंने का कभी
हम बनके धुँआ हवाओं में, मशगूल हों जाते हैं।
जमाने भर की दस्तक होगी दिल पे तेरे हमदम
हम छोड़ तेरे दहलीज, बहुत दूर हो जाते हैं।
माफ करना मेरे गुस्ताखियों का फेहरिस्त जो भी हो
मेरी वफा ही मेरे , अब शूल हो जाते हैं।
कभी तो आएगी नींद आंखों को सुकून मिलेगा
तुम हरगिज न बदलो, हम ही फिजूल हो जाते हैं।
✍️बेनी सागर