मोहब्बत की प्यास
आपकी बाँहों में लिपटकर महसूस करना है,
आपके जिस्म में उतरकर खो जाना है।
है ख़याल ऐसा मेरे हमदम,
कि हर फ़ासले को आज मिटाना है।
बरसों से जो प्यास लिए बैठी हो दिल में,
उस सूखी-सी चाहत को आज भिगो आना है।
मै बारिश बनकर तेरी रूह पर बरस जाऊं,
तुझे प्यार की हर बूँद में डूब जाना है।
बरसों की प्यासी ज़मीं हो तुम,मेरे हमदम,
अपनी मोहब्बत से तुम्हे सींच आना है।
✍️बेनी सागर