एक लाख पुरुषों के बीच
खड़ी होकर भी बिना तप
साधन साधना के भावना प्रधान
स्त्री केवल देह से नहीं मन
और आत्मा से भी शुद्ध होती है
वहीं एक पुरूष नित्य
घंटों तप साधना ,
भोजन साधना और नाना
प्रकार के साधन के पश्चात
स्त्री से भयभीत रहा है
भाड़- मास से चिपकी चमड़ी
के अन्तर से
उसकी वृत्ति नहीं हटती,,,
- Ruchi Dixit