श्री मद् भगवत गीता में कहा गया है -
जो आपकी भावनाओं को जानकर भी आप को तकलीफ दे, वो अपना हो ही नहीं सकता।
और हाँ, मैं तो उसकी हो ही गयी थी पर वो तो बस मुझे छलता रहा, अपनी बातों की चाशनी में...
मुझे तो बस ये समझ नहीं आता - आखिर मिला क्या उसको ये सब कर के ???
पर हाँ उसने बहुत अमूल्य व्यक्ति जरूर खो दिया।