और जब सफल हो जाऊँगी,
तो सबको बताऊँगी कहानी अपनी
कुछ अच्छी, कुछ कच्ची,
कुछ झूठी, कुछ सच्ची।🫠
कौन साथ रहा,
किसने ताने दिए,
कौन खिलाफ रहा,
किसने सिर्फ
अपने होने के बहाने दिए।😇
कौन बना हमराही,
कौन राहों में काँटे बोता रहा,
कौन मेरे गिरने पर हँसा,
कौन चुपके से हौसला देता रहा।
किस कदर सफ़र कठिन था,
कहाँ किस मोड़ पर दिल ग़मगीन था।
कितनी रातें जागकर काटीं,
कितनी सुबहें ख़ुद से ही लड़ीं।
किसने मेरी ख़ामोशी पढ़ी,
किसने शोर में भी दर्द न जाना,
किसने हाथ पकड़कर चलाया,
किसने बीच सफ़र में साथ छुड़ाया।
और जब सफल हो जाऊँगी,
तो सबको बताऊँगी कहानी अपनी।🙂
बताऊँगी कि मंज़िल यूँ ही नहीं मिली थी,
हर मुस्कान के पीछे एक रात जली थी,
हर जीत के पीछे हारों का सिलसिला था।
मुझे हराने को खड़ा
पूरा काफ़िला था।
ArUu ✍️