क्या कुछ नहीं किया होगा उसने तुम्हारे साथ...
तुम्हारे गालों पर बिखरी लट को हटाया होगा, फिर उन्हीं गालों को छूते हुए तुम्हारे होंठों तक आया होगा। तुम्हारी कमर को अपनी ओर खींचकर, तुम्हारी आँखों में देखते हुए, प्यार से तुम्हारे बदन को चूमा होगा।
उफ़...! मेरी कल्पना ही मुझे कितना तड़पा रही है, लेकिन तुम तो उस कल्पना को हक़ीक़त में बार-बार जी रही हो।