Hindi Quote in Poem by Skp divine

Poem quotes are very popular on BitesApp with millions of authors writing small inspirational quotes in Hindi daily and inspiring the readers, you can start writing today and fulfill your life of becoming the quotes writer or poem writer.

इंसानियत कहाँ खो गई?

कभी-कभी किसी की छोटी-सी मदद, इंसानियत पर टूटता हुआ विश्वास फिर से जगा देती है।

एक बरसाती शाम थी। एक बुज़ुर्ग व्यक्ति भीड़भाड़ वाली दुकान के बाहर खड़ा था। उसके कपड़े बारिश से भीग चुके थे, हाथ काँप रहे थे और आँखें किसी ऐसे इंसान को तलाश रही थीं जो उसकी बात सुन सके।

लोग जल्दी-जल्दी उसके पास से गुजर रहे थे। कुछ उसे देखकर मुँह फेर लेते, तो कुछ ऐसे आगे बढ़ जाते जैसे उन्होंने उसे देखा ही न हो।

तभी एक युवा व्यापारी दुकान से बाहर निकला। उसके हाथ में महँगे सामान का बैग था। उसने बुज़ुर्ग को देखा और गुस्से से बोला, “यहाँ क्यों खड़े हो? रास्ते से हटो!”

बुज़ुर्ग ने अपनी नज़रें झुका लीं और बिना कुछ कहे एक तरफ हो गया।

कुछ मिनट बाद एक छोटी-सी बच्ची उसके पास आई। उसके हाथ में रोटी का एक टुकड़ा था। बच्ची ने अपना पुराना छाता बुज़ुर्ग के सिर पर कर दिया और प्यार से बोली, “बाबा, यह रोटी खा लीजिए। आपको भूख लगी होगी।”

बुज़ुर्ग की आँखों में आँसू भर आए।

उन्होंने कहा, “बेटी, आज तुमने मुझे सिर्फ खाना नहीं दिया, बल्कि यह विश्वास भी दिलाया है कि दुनिया में इंसानियत अभी जीवित है।”

बच्ची मुस्कुराई और बोली, “मेरी माँ कहती हैं कि हम सबकी मदद नहीं कर सकते, लेकिन जिसकी मदद कर सकते हैं, उसे कभी अनदेखा नहीं करना चाहिए।”

उसकी बातें सुनकर वह व्यापारी रुक गया।

पहली बार उसने बुज़ुर्ग के काँपते हाथों और थके हुए चेहरे को ध्यान से देखा। उसे अपने व्यवहार पर शर्म महसूस हुई।

वह वापस आया, बुज़ुर्ग से माफी माँगी, उनके लिए गर्म भोजन की व्यवस्था की और उन्हें सुरक्षित घर पहुँचाने में सहायता की।

उस शाम तीन लोगों ने जीवन का एक अनमोल सबक सीखा।

बुज़ुर्ग को विश्वास हुआ कि इंसानियत पूरी तरह समाप्त नहीं हुई है।

व्यापारी समझ गया कि करुणा के बिना दौलत और सफलता अधूरी हैं।

और उस छोटी बच्ची ने साबित कर दिया कि दया दिखाने के लिए न उम्र की आवश्यकता होती है, न धन की और न ही किसी बड़े पद की। इसके लिए केवल एक संवेदनशील हृदय चाहिए।

हम अक्सर इंसानियत को बड़े-बड़े भाषणों, धार्मिक आयोजनों और दान-पुण्य के कार्यक्रमों में खोजते हैं। लेकिन कभी-कभी इंसानियत रोटी के एक टुकड़े, साझा किए गए छाते, दिल से माँगी गई माफी या प्यार भरे दो शब्दों में छिपी होती है।

हो सकता है कि एक व्यक्ति पूरी दुनिया को न बदल सके, लेकिन उसकी छोटी-सी दयालुता किसी दूसरे व्यक्ति की दुनिया बदल सकती है।

इसलिए केवल यह मत पूछिए कि इंसानियत कहाँ खो गई।

खुद से भी पूछिए—

“क्या मेरे व्यवहार में आज भी इंसानियत जीवित है?”

क्योंकि अंत में लोग यह भूल सकते हैं कि हमारे पास कितना धन था, हमने कितनी सफलता पाई और हमारे पास कितना बड़ा पद था।

लेकिन वे उस व्यवहार को कभी नहीं भूलेंगे, जो हमने उनके कठिन समय में उनके साथ किया था।

सीख: दया में अमीर बनिए, करुणा में उदार बनिए और सफलता में विनम्र रहिए। केवल इंसान के रूप में जन्म लेना पर्याप्त नहीं है; अपने व्यवहार में इंसानियत को जीवित रखना ही सबसे बड़ी उपलब्धि है।

— SKP Divine Creation

यदि यह कहानी आपके दिल को छू गई हो, तो Like, Share, Subscribe & Follow ज़रूर करें

Hindi Poem by Skp divine : 112039182
New bites

The best sellers write on Matrubharti, do you?

Start Writing Now