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मेरी कटी हुई बालों को देख रहे हैं कविता सब मेरी कटी हुई बालों को देख रहे हैं मेरी थकी हुई आंखों को नहीं सब मेरे कटे हुए बालों को देख रहे हैं मेरे बेजान परे हुए जिस्मो को नहीं कहते हैं बाल काटने के बाद मैं अच्छी नहीं दिख रही मेरी सुंदरता गायब हो गई है लोग मेरी सुंदरता को देख रहे हैं मेरे अंदर चल रही हलचल को नहीं लोग मेरे कटे हुए बालों को देख रहे हैं मेरे दर्द को नहीं देखने का बहुत कुछ है एक बदले हुए इंसान के अंदर एक भटकते हुए रुह के अंदर पर लोग वही देखना चाहते हैं जो नारी के जिस्म में सजावट के काम करते हैं काले घने बाल सुंदर कपड़े सजी हुई चेहरे पर जो नहीं देखते रुह का तरपन नहीं देखते थके हुए जिस्म को नहीं देखते टूटती हुई हिम्मत को नहीं देखते अटकती हुई सांसों को नहीं देखते धक-धक धड़कते हुई धड़कनों को नहीं देखते उसके कंपन को जो हजारों उमिद टूट जाने के बाद होती है जो हर जाने के बाद उठाती है एक सेहरन सी पूरी बॉडी में डर गुटन तरफ अकेलापन हताशा निराशा नाउम्मीद फिर भी ठेहरते हुए सांस धीरे-धीरे ले रहे हैं कैसे वह जी रहे हैं वह नहीं देखते एक इंसान जो चल रहा है वह अंदर से जिंदा है डरा हुआ है अकेला है या कब की मर चुका है वह कभी नहीं देखते वह बस देखते हैं रूप रंग चेहरे हर ऊपरी बदलाव को वह मन के अंदर की दुनिया को नहीं देखते वो देखते हैं इस समाज में चल रही उन औरतों को जो खूबसूरती और लंबी वालों को सुंदरया मान चुके हैं उन्हें नहीं भाता वो औरतें जो खुद से परेशान होकर खुद की ही बाल काट देती हैं राहत पाने के लिए अपनी सर की बोझ थोड़ा कम कर देती है पर अफसोस वह या नहीं देखते
थके हो तो सुनो तुम अकेले नह ींहो कविता थके हो तो सुनो थोड़ा आराम कर लो आराम करना आलस नहीं है दिल में बहुत कुछ दबे है तो बोलो दिल की बात बताना कमजोरी नहीं है अगर रोना आता है तो रो लो जी भर रो लो रोना कोई गुनाह नहीं है तुमसे कोई नहीं कहेगा कि तुम विक्टिम कार्ड प्ले कर रहे हो बस कहाँ एक बार मैं थक गया हूं और मैं आराम करना चाहता हूं मुझे गले लगाओ मैं तुम्हारे बाहों में सोना चाहता हूं तुम्हारी कमजोरी को कोई नहीं जाचेगा नहीं तो तुम्हारी गलती को कोई गिनबाने बैठेगा बस वह तुम्हारे साग तुम्हारे गम में तुम्हारे हो ले गा तुम्हारी गलतियों को भूल कर तुम्हें गले से लगाएगी तुम्हें प्यार से गले लगाएगा कोई तो होगा मत दिखाओ अपनी कठोर चेहरा हर बार जो तुमसे प्यार करता है उसके आगे थोड़ा नरम रहना कोई कमजोरी नहीं
तुम अकेले तो नहीं पार्ट 1 सच कहते हैं खतरनाक वह लोग नहीं जो सचमुच में खतरनाक दिखते हैं सबसे ज्यादा खतरनाक वह लोग होते हैं जो हम आम इंसानों की तरह रहते हैं जिस मे उसकी ही टूटन भारी होती है और उसे जब भी मौका मिलता है किसी और पर उतरने की कोशिश करता है अपने दर्द अपने फर्स्टशन को अपने गमों को समझने की वजह वह अपनी तकलीफों की वजह किसी और को ठहर आता है वे अपने दर्द को समझने और संभालने के बजाय वो किसी और को चोट पहुँचाकर हल्का करने लगते हैं उसका दर्द तब किसी और की तकलीफ बन जाता है हम किसी टूटे हुए इंसान के लिए सहानुभूति रख सकते हैं लेकिन उसके उस व्यवहार का समर्थन नहीं कर सकते यह नैतिक नहीं है कोई भी यह नहीं मान सकते कि वह अपने दर्द की वजह से किसी और चोट पहुंचा हां मैं जानती हूं कि लोग अपने तकलीफों से ऊभर नहीं सकते पर और साथ में जरूरी यह भी है कि धीरे-धीरे उसे दर्द को खुद की जिंदगी से निकाल कर दूर फेंकना सीखे अपने दर्द के लिए अपने आय हुई जिंदगी में दूसरे इंसान को तकलीफ नहीं दे सकते ऐ कहे के की मुझे भी दर्द हुआ है दर्द सबको होता है उसे इंसान को भी जो खुद टूट जाते हैं पर दूसरों को तकलीफ नहीं देता इस दुनिया में तुम अकेला विक्टिम नहीं हो बात को समझो जिंदगी सचमुच में खूबसूरत है अपने दर्द से बाहर निकाल कर दुनिया की तरफ देखो वह पार्टनर जो तुम्हारे प्यार से बातें करने के इंतजार कर रही है जरा उसकी तरफ देखो क्या सचमुच में तुम्हें लगता है कि दुनिया में कहीं भी प्यार नहीं है
कविता मैं सब जानती हूं मैं सब जानती हूं और मान भी चुकी हूं फिर भी तकलीफ हो रही है इस बात से नहीं की मुझे अब भी किसी से उम्मीद है इस बात से तकलीफ हो रही है की सच्चाई को स्वीकार करके भी मैं भूल नहीं पा रही बीते हुए समय को या तो जो हो रहा है उन सबको मैं स्वीकार तो कर रही हूं पर वह मुझे तकलीफ दे रही है मुझे चोट पहुंचा रही है मैं नहीं सोच रही की किसी और के लिए अवेलेबल है तो मेरे लिए क्यों नहीं मैं जानती हूं कि सबके लिए हो सकती है पर मेरे लिए नहीं फिर भी तकलीफ हो रही है सब कुछ जानते हुए सबको पहचानते हुए भी तकलीफ हो रही है और सब जान भी मैं इस तकलीफ से बाहर खुद को नहीं निकल पा रही मैं इस दर्द को छोटा नहीं कह सकती नहीं तो खुद के दर्द को नाकर पा रही हूं सब कुछ ऐसा ही है ऐसा ही होता है मैं मानती हूं की समाज परिवार यह दुनिया सब ऐसे ही है हमेशा से और मुझे भी उम्मीद नहीं किसी से क्यों यह सब ऐसे हैं नहीं तो मेरे अंदर किसी के लिए शिकायत है पर अंदर है बस निराश गहरा निराश और उदासी जिसमें कोई उम्मीद नहीं है किसी से भी नहीं पर अकेले छोड़े जाने का गम सबसे ज्यादा है शांति बिल्कुल नही है है तो बस गहरी खामोशी राहत बिल्कुल नहीं है है तो बस चुप्पी उम्मीद से छुटी हुई अंदर से टूटी हुई अकेलेपन में पड़ा हुआ सब जानकर भी रोता हुआ मैं यहां
कविता तू रहता कौन से शहर में है क्या तेरे पास जाने की कोई और रास्ता है है तो बताना मुझे सचमुच में तेरे पास जाना है तू रहता कौन से शहर में और तुम्हारा घर का पता क्या है मुझे नहीं मालूम बताना मुझे तुझे ढूंढते हुए तुम्हारे शहर तक जाना है तुम्हें गले लगाने के लिए तुम्हारे घर तक आना है तू है इस दुनिया की या तेरा दुनिया कही और है सच-सच बताना तू किस दुनिया से है मुझे सचमुच में तुमसे मिलना है तेरी एहसासों में जीती रही आज तक मैं तुम्हें सपनों में देखती रही आज तक में पर अब ऊब गई हूं मैं इस नियंत्रर एक जैसे चलते हुए जिंदगी से अब मुझे तुम्हारे पास आकर तुम्हें महसूस करना है क्या-क्या बताऊं तुम्हें तुम्हें गले लगाना है तुम्हें चूमना है तुम्हारे साथ पूरी दुनिया घूमना है मेरी ख्वाहिश तुझसे शुरू होती है और तुम्हें तक जाती है पर मैं निराश हूं इन ख्वाहिशों से जो हकीकत होते हुए मुझे कभी ना देखा तू है कहीं पर इन आंखों के सामने तू कभी ना दिखा क्या यही मुकद्दर है हमारी या बस यह मेरी किस्मत है तुम्हें सोचते रहना और सोचते रहना पागलों की तरह सोचते रहना और सोच सोच कर तुम्हें पाने की झूठी ख्वाब बुनना उफ कितनी पागलपन से भरी हुई मेरी ऐ दिमाग है जिससे तुम कभी जाते ही नहीं पर क्या करूं अगर तुम्हें भुलाना आसान होता तो भुला दिया होता और दिल मै किसी और से कब की लगा लिया होता सच कहूं तो तुम्हें भुलाने सच में बहुत ही मुश्किल है मेरे लिए पर अब सोचती हूं तुम्हें ढूंढती रहूं या तुम्हें ढूंढना छोड़ कर थोड़ी ध्यान खुद पर दे दु ऊफ तुम्हारा नाम लेकर मेरे लिए यह डिसाइड करना भी मुश्किल है क्या करूं तुम्हारा नाम लेना छोड़ दूं पर तुम्हारा नाम से ही तो यह धड़कन धड़कती है यह थम जाएगी तो मैं मर ही जाऊंगा आ कितना मुश्किल है मेरे लिए ऐ जहां मे तुम्हें ढूंढना और खुद को संभालना
एक लड़की अपनी अधूरी यादों के लिए किसी को ढूंढती फिर रहा है शेहरो शेहरो गलियों गलियों उसकी आंखें एक जगह नहीं टिक रही बस भटकती जा रही है बेहती जा रही है वो जिसे ढूंढ रहा है वह उसे मिल नहीं रहा कहीं भी नहीं ना शहरों में ना गलियों में ना गांव में ना चलती फिरती कहीं भी राहों में कहां जाकर छिप है उसे नहीं पता बस वह पागलों की तरह से ढूंढ रही है गीत निर्मोही बलिए बावरी हो गई मैं बीरहा बीरहा मारा फिरती नैना बस तुमको निहारा करती कहा कहा ना मैंने तुमको ढूंढा बलिए तू है की बड़ी निर्मोही कहां जा छुपा बलिए नैना बस तुमको डगर डगर निहार करती डगर डगर मटका कहीं ना तो मुझको मिला बलिए तू है बड़ी निर्मोही बलिए तू है बड़ी निर्मोही बलिए हु हु हु हाआ। हाआ। हाआ नैंन मोही बिरहा बिरहा मारे रोते। नयनं सूख गई पनिया मोहि कुछ नहीं भावे जोगी रे तोहरे सुरतिया बिन जागे नैन कटे रतिया याद करतो रहित तोहरे तिरत्या हु। हु। हु हु। हु। हू 3 मैं तो भूली बीछरी यादों के सहारे हाथों में बिखरे हुए लेकर लकीरों के सहारे फिरता फिरता बंजारों की तरह बिरहा मारे मारे विचारों की तरह फिरता फिरता बंजारों की तरह बिरहा मारे मारे बंजारों की तरह हा। हा। हा। बाबरी मैं इश्क के जोक ना जानू बीना जाने बिना पहचाने सोची ना समझी में पर गई उलझी सी नयनं हमें अपना नयनं मिला ते रोई मैं बिना आंसू अंखियों से रोई मैं मैं बाबरी बिरहा बिरहा मारे फिरती नैनो से तुमको नहारे फिरती तू है कि बलिए निर्मोही मिलता ही नहीं मुझको कहीं हा। हा। हा। कहां जा छिपा है मेरे निर्मोही बलिए अल्फाज जगह-जगह ढूंढा मैंने तुझे पागलों की तरह ढूंढा और ढूंढता रहा तू निर्मोही मुझे कहीं ना मिला शायद तुम्हें मुझे इस हाल में देखकर अच्छा लगता है अगर मजा आ रहा है तो छिपकर ही देखा करो और मुझे देखा करो तब तलक देखा करो जब तलक मेरी बहेम टूट नहीं जाती की मोहब्बत में मोहब्बत पागलों की तरह करना मेरे हिस्से में आई और यह हिस्सा तुम्हारे लिए कोई खास नहीं उसे दिन से मेरा घुटना मेरा मरना बस मेरी किस्मत है जब नैंन तुम्हें देखकर और कुछ देखना चाहा ही नहीं अगर गीत आप सबको अच्छी लगे तो आगेपढ़ते रहिए मैं आपके प्रिया राइटर अभिनिशा 🦋❤️💯
सांसे गहरी गहरी सांसे गीत अल्फाज मेरी दुनिया रंगीन हो गई किसी के आने से मेरी आंखें एक इसी चेहरे पर ठेहर गई जिसे देखकर मेरी सांसे गहरी हुई अब दिल बस कर रहा है उसकी बाहों में समा जाने को उम्र भर उसके हो जाने को हां सांस गहरी गीत मेरी दुनिया दुनिया में रंग भरी सारी दुनिया से दूर जाकर मेरी नजर तुम पर ठेहरी और हुई सांसे गहरी गहरी सांसे सांसे गहरी आ जा मेरी जाने जिगर आके मेरी बाहों में समा गहरी सांसे सांसे गहरी सांसे गहरी सांसे गहरी तेरे संग घूमु मैं घूमु दिन दुपहरी दु। पहरी तुझे मांगा है दुआओं में ऐ मेरे साथिया मेरे साथ चल दिन से रात तक साथिया बनके मेरे साथ चल चल दिन रात तक तक दिन रात तक तेरे साथ भटकु खुले आसमान के नीचे हरी धरती के बीचों-बीच मैं भटकु सारी उम्र तेरे पीछे पीछे ओ ओ ओ ओ ओ ओ 3 साथिया मांग ले मुझसे मेरी उम्र सभी दे दूंगी तुझे अपनी जिंदगी साथ तेरे चलने को हूं मैं बेताब बड़ी मैं हूं कहां। हूं यहां तेरी बाहों में समाऐ तेरी राहों में बंके तेरे साऐ सांसे गहरी गहरी सांसे सांसे गहरी गहरी सांसे हु हू हु हु। मैं दुनिया भूल गई तेरी बाहों में आके मेरी दुनिया में रंगीन हुई तेरे साथ पा के सांसे गहरी गहरी सांसे तेरे संग चल दूं मैं कहीं भी जब भी कहे तु दिन हो या रात ऐ मौसम ऐ हवा ऐ चांदनी सब गवाह है मेरे मेरे इश्क मैंने किया है वादा मेरे ढलते उम्र तक मैं निभाऊंगी ढलती उम्र तक तुम्हें चाहूंगी दूर तेरी बाहों से और कहीं ना जाऊंगी हां कहीं ना जाऊंगी सांसे गहरी गहरी सांसे मैं मुकम्मल हो गई तेरी बाहों में आ के सांसे गहरी गहरी सांसें अब ऐ निगाहें तुम पर ही ठहर ठेहरी उम्र भर आ के सांसे गहरी गहरी सांसे हु। हु हू हू। हु हु सांसे गहरी गहरी सांसे हु। हु। हु। 2 अगर यह गीत आप सबको पसंद आए तो आगे पढ़ते रहिए मैं आपकी प्रिय लेखक अभीनिशा ❤️🦋💯
दृश्य मुरझाए हुए फूल एक बड़ा सा बगीचा और सूखी धरती पर कुछ छोटे-छोटे फूल खड़े हैं उनकी पंखुड़ियाँ कमजोर हैं और वह पूरी तरह से निराशा में डूब चुकी है उन फूलों की खुशबू लगभग खत्म हो चुकी है वे आसमान की ओर देख रहे हैं बारिश के इंतजार करते हुए और कुछ फूल बगीचे के गेट की तरह देख रहे हैं माली की कदमों की आहट सुनने के लिए उन्हें नहीं पता कि माली लौटेगा भी या नहीं फिर भी वे जड़ों को छोड़े बिना खड़े हैं उन्हें नहीं पता की बारिश होंगे या नहीं फिर भी वह बारिश के इंतजार करते हुए जिंदा रहने की उम्मीद बना रहे हैं पर हैरानी के बात यह है कि उसके साथ-साथ पूरा दुनिया सुख कर रहे हैं ना हवा ना पानी ना कोई देख भाल फिर भी पलके खोल कर आसमान की तरफ देखते हुए एक लंबा इंतजार कविता फूल तो खिले हैं बगीचों से खुशबू उड़ता जा रहा है फूल तो खिल रहे हैं पर वह फूल खिलते ही मुरझा जा रहा है अब पहले की तरह बगिया में सुगंध नहीं अब पहले की तरह बगिया की धरती हरी भरी नहीं अब पहले की तरह फूल खिल रहे नहीं ना अब भवर आता है फूलों की महक से बगिया में ना अब फूल भवरा को रिझाता है खुशबू बिखोर कर हरी भरी धरती सुख गए अब ना माली अपने बगिया निहारने तक आता है अब ना माली उन पौधों में पानी दे दिया आता है अब ना माली उन फूलों के पौधों को पोषण देने आता है अब ना माली दूर खड़े रह कर फूल को खेलते देखा मुस्कुराता है अब ना माली फूलों के सुंग को महसूस करते हुए आनंद से भर जाता है अब कुछ भी नहीं पहले की तरह सब बदल गया है हवा पानी के बिना धरती बंजर हो गई और माली के देखभाल के बिना सारे फूल मुरझा गऐ जो बचा खुचा फूल है उसकी आयु कम हो गया है वह बस किसी तरह अपने जरो से धरती को जकड़ रख कर उगाने की कोशिश करते हैं वह बस किसी तरह थोड़ी सी खेलने की कोशिश करते हैं वह खुशबू बिखोना चाहते हैं किस लिए की फिर से माली का ध्यान उस पर जाए और वह मंत्र मुक्त हो जाए फूलों की सुगंध महसूस करके भबरा भी आ जाऐ और उसके प्यार में पड़ जाए और हरी भरी धरती देखकर और सभी पंछी आए जो उसे थोड़ी और पोषण देने में मदद करें पर ऐसा अब नहीं होता अब बंजर जमीन हो चुकी है अब फुल बस रो रही है खुद को बचाने के लिए बारिशों से उम्मीद कर रही है वह बारिश जिसे अब भरोसा नहीं
दृश्य के साथ गजल बारिश के दिन चांदनी अंधेरी रात और सड़कों के किनारे दौड़ते हुए लाइट कुछ घरों से दूर एक घर एक लड़का जो बैठा है अपनी जिंदगी की खुशनुमा पलों में वो अपने बरांदे मे चेयर पर अपने वाऐ पाऊ पे दाई पाऊ रखते हुए बढ़िया आराम से बैठा है वही बाहर तेज बारिश हो रही है वह चेयर पर बैठते हुए अपने हाथों में रखी हुई पेन से कॉपी की तरह देखते हुए कुछ लिख रहा है और अभी अचानक वह नजर उठा कर बारिश की तरह देखा है और वह बारिश की तरह दिखते ही वो मुस्कुराता है और वह अचानक से उस पेन को उसी कॉपी के बीच में रखते हुए उठ खड़ा होता है वही सामने रखी टेबल पर एक और कॉपी होती है जिस पर उसकी नजर जाता है और हल्के झुकते हुए वह धीरे-धीरे अपने हाथ नीचे करता है और उसकॉपी और पेन को उसी टेबल पर साइड में रखता है और अचानक हल्के हाथ बढ़ाकर उसी टेबल पर रखी हुई एक और कॉपी को उठना है और उठते ही उस कॉपी को पलटते हुए उस कॉपी से एक पन्ना फार कर निकलता है और फिर इस कॉपी को वही रखते हुए वो और खुशी-खुशी उस पाने से एक नाऊ बनता है और नाऊ बनते ही वो चलकर बरांडे के किनारे आता है और वो वहां बैठते हुए तेज बारिश में अपने हाथ बड़ाते हुए अपने बनाए हुए नाऊ को बारिश की पानी में वहां देता है बिना सोचे कि उसने उसे पन्नों में क्या लिखा था उसने देखा भी नहीं बस वह खुश था उस वक्त नाऊ को पानी में बहते देखा वह मुस्कुराते हुए आपने दोनों गाल पर हाथ रखते हुए अपनी नाऊ को अपने द्वारा से बेहे कर सड़क की तरफ जाते हुए देख रहा है गजल थी कहां तुम्हारे जिंदगी में मैं हमसफर की तरह थी बस एक ग़ज़ल की तरह किसी शाम बैठकर तुमने लिखा था एक डायरी में मुझे एक मदहोशी सी धड़कन ने मुझे छुआ था एक एहसास हूं मैं जो कभी तुम्हें हुआ था आदतें नहीं मैं तुम्हारी जो मैं तुम्हारे संग रह जाऊं किसी दिन भूलकर तुमने डायरी से वही पन्ना फार कर कागज के नाऊ बनाकर बारिश में बहा दिया बस तुम खुश थे छोटे बच्चों की तरह कागज की नाऊ से बारिश में खेलते हुए तो शिकायत मैं तुमसे क्या करता ग़जल तो शिकायत मैं तुमसे क्या करता ग़जल जो दे तू मुझको गम शौक से ले जाऊं मैं बारिश में नाऊ बनकर तेरे ख्यालों से बहें जाऊं हा मैं बारिश में नाऊ बनकर तेरे ख्यालों से बहें जाऊं ऊपर लिखी गई दृश्य बस एक नाटक्या इस ग़ज़ल की असली कहानी नहीं गजल के अंदर कोई है जिसे दर्द हो रहा है पर वह शिकायत नहीं कर रही वह खुश है उसे खुश देख कर पर वो गजल नहीं है उसकी जिंदगी में ग़ज़ल की तरह ही है
है नहीं यकिन फिर भी मोहब्बत किया जा रहे हैं गीत अल्फाज बातें बरे हैं आपके जनाब ख्वाब दिखाकर कहीं छोड़ तू न जाओगे वादा करो की कभी दिल तोड़ तो ना जाओगे तुम औरों की तरह तो नहीं कहीं औरों की फितरत लेकर तो ना आओगे गीत साऐ से नहीं चलती जिंदगी वादा करो कि साथ निभा ओगे हु हु। हु। हु २ साऐ से नहीं चलती जिंदगी वादा है कि साथ आओ गे हा। हु हा हु हु हु 2 बातों से शायरी जानी हो तुम बातें करते हो फरेबी हो तुम तेरी बातों पे कैसे करूं मैं यकी बातों से नहीं मिलती खुशी वादा करो कि साथ निभाओ गे सा। थि ।या मेरे साथ आओ गे हु। हु। हु। हु। हु। 2 अखियां तेरी देख ऐ अखियां मेरी जानती है अंखियों को तेरी हा यकीन नहीं फिर भी मोहब्बत किया जा रहे हैं मन नहीं जिंदगी फिर भी मारे जा रहें हैं हां यकीन नहीं तुम पे फिर भी तुमसे मोहब्बत किया जा रहे हैं मन नहीं जिंदगी फिर भी तुम मर जा रहे हैं हुं हु। हु हु हु 2 तुम्हारे लिए अपनी कीमती वक्त जाया किया जा रहे हमने तो तुमको दुनिया जन्नत बनाया अब इरादे पे तेरे सारे फैसले हाला की इरादों से मैं वाकिफ हूं तेरे हां फिर भी मैं खुद को थाम कर बैठी ख्वाहिशों को लेकर बैठी बैठी में राहों पर तेरी इंतजार करते हु। हु। हु। हु। हु 2 है तू चालबाज बरे फिर भी मैं तुम पर यकीन करती हूं करती हूं हा करती हूं करती हूं। हा मैं तुमसे प्यार करती हूं हु हु। हू। हू। हू2 नसीहत देती दुनिया झूठे वादा तेरा पर एक तेरे संग ही दिल लगी करने का करने का दिल करता है मेरा हा। हा। हा। हा। हु। हु। हु। हु। 2 मैं जानती हूं हर पल दर्द सहना होगा नहीं चाह कर भी नैनो को रोना होगा फिर भी ए नैना एनैना तेरे रहा तेरे रहा नीहरता जा रहा हु। हु। हु। हु। हु 2 तुम कसम खाते हो कभी रुलाओगे नहीं वादा है कि इंतजार कभी कराओगे नहीं हु हु हु। हु। हु। हु हु। हु। हु हु। 2 तुम कसम खाते हो कभी रुलाओगे नहीं वादा है कि इंतजार कभी कराओगे नहीं हां इंतजार कभी कराओगे नहीं है नहीं यकीन फिर भी हा भरे जा रहे हैं है नहीं जिंदगी फिर भी तुम पर मारे जा रहे हैं हा बस करो जा रहे हैं बस कर जा रहे हैं तुमसे मोहब्बत कर जा रहे हैं तुमसे मोहब्बत कर जा रहे हैं हा तुम पर हम मर जा रहे हैं
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