दीप से दीप जलाए जा,
अंधेरा तू मिटाए जा।
हो सबके घर रोशन,
आंगन द्वार सजाए जा।
हो खत्म सबका इंतजार
मिलें गले सब दिल में हो प्यार।
किसी की आँख में न आँसू आए,
महंगाई न किसी को रुलाए।
भूले-बिसरे सब घर को आए,
हर चौखट पर दिया जगमगाए।
मन से बैर मिटाए जा,
दीप से दीप जलाए जा।
छोड़ सारे गिले-शिकवे,
आज तू मुस्कुराए जा।
हैप्पी दीवाली गाए जा,
आ गई दीपावली अब तो
जग से सारा अंधियारा जा।
जय श्री राम, जय श्री राम,
राम आगमन की खुशी मनाए जा।
डॉ वंदना शर्मा नई दिल्ली