🌺 माँ दुर्गा को समर्पित 🌺
नवरात्रि: शक्ति जागरण का पर्व
एक प्रेरणादायक हिंदी कविता
जब-जब जीवन में अंधियारा छाए,
जब मन हारकर आँसू बहाए,
तब माँ दुर्गा का नाम पुकारो,
अपने भीतर की शक्ति को निखारो।
माँ के हाथों में त्रिशूल की शक्ति,
आँखों में करुणा, हृदय में भक्ति,
सिंह की गर्जना हमें समझाती है,
सच्चाई की राह विजय दिलाती है।
नवरात्रि केवल व्रत नहीं है,
यह सोई शक्ति का अंत नहीं है,
यह अन्याय से लड़ने का संदेश है,
हर नारी में दुर्गा का निवास है।
जो गिरकर फिर से उठ जाता है,
जो दुःख में भी मुस्कुराता है,
जो सत्य के पथ पर चलता है,
उसके भीतर माँ का साहस पलता है।
न धन से महान, न रूप से न्यारा,
महान वही जिसका कर्म है प्यारा,
जो निर्बल का सहारा बन जाए,
जो दूसरों के जीवन में आशा जगाए।
माँ! मुझे ऐसा ज्ञान प्रदान करना,
भटके हुए मन को सही राह दिखाना,
मेरे शब्द किसी के घाव भरें,
मेरे कर्म मानवता के दीप धरें।
न नाम की चाह, न यश की अभिलाषा,
बस सबके जीवन में जगती रहे आशा,
तेरी कृपा से इतना कर पाऊँ,
दुखियों के चेहरे पर मुस्कान लाऊँ।
हे माँ दुर्गा! इतना आशीष देना,
हर मुश्किल में साहस और धैर्य देना,
अहंकार मिटे, सद्बुद्धि जागे,
प्रेम और करुणा हर हृदय में जागे।
जय-जयकार हो माँ शेरावाली की,
जय हो शक्ति, जगत की रखवाली की,
नवरात्रि का पावन संदेश यही—
सत्य की जीत हो, अधर्म का अंत सही!
जय माता दी! 🙏🌺
जय माँ दुर्गा!
### 🙏 कविता का संदेश
माँ दुर्गा की सच्ची आराधना केवल पूजा में नहीं, बल्कि साहस, सत्य, करुणा और अच्छे कर्मों में भी है। अपने भीतर की शक्ति को पहचानिए और दूसरों के जीवन में आशा का दीप जलाइए।
रचनात्मक प्रस्तुति: SKP Divine Creation 🌺