Most popular trending quotes in Hindi, Gujarati , English

World's trending and most popular quotes by the most inspiring quote writers is here on BitesApp, you can become part of this millions of author community by writing your quotes here and reaching to the millions of the users across the world.

New bites

# પ્રેમ....

હું શું કરું....??

તારા દિલને મારા દિલથી થયો પ્રેમ તો....

હું શું કરું....??

આ નાદાન દિલની વાતો દિલ જ જાણે....

આ સમજુ માનવીની સમજ....
બહારનો હોય છે આ પ્રેમ....

પાગલ બની કરો પ્રેમ તો સમજાય....
બાકી લાગે બધુંય વ્યર્થ જ....

# સાંઈ સુમિરન....

simranmis33gmail.com14470

હાય, માતૃભારતી પર વાંચો ભારતની સૌથી મોંઘી ફિલ્મ રોબોટ 2 નો સચોટ અને પરફેક્ટ રીવ્યુ. 'રીવ્યુ ઓફ રોબોટ 2.O' વાંચો
https://www.matrubharti.com/book/19861997/

jatinpatel2292

મોબાઇલ માં તો રમીને બધા જીતે,

જીતવાનો બવ જ શોખ હોય તો હાચા અખાડા માં જાઓ અને જીતો...

મેદાન તરફ ની લાગણી ઓછી થતી જાય છે ભારતના યુવાની ,એ જ મુખ્ય કારણ છે કે હજુ ભારત વિકાસશીલ દેશો માં આવે છે.

એક વાર દેશ ના બધા યુવા નક્કી કરે ને કે ભારત ને વિશ્વગુરુ બનાવવું છે તો દુનિયા માં કોઈ ના બાપા ની તાકાત નથી કે ભારત ને રોકી શકે વિશ્વગુરુ બનતા.

કહીયે છીએ આપડે #યુવા નો દેશ છે આ #ભારત ,
પણ #જૂઆ માંથી ઊંચો જ નથી આવતો આ #ભારત .

સમજી જાઓ હજુ પણ સમય છે.

જય હિન્દ ??

hrsuthar17

dhrutidave202018

वे महकमे में ऊंचे पद पर थे। देखते-देखते उन पर भ्रष्टाचार के आरोप लगने लगे।एक दिन प्रेस कांफ्रेंस में मीडिया द्वारा घेर लिए गए-"आपके ख़िलाफ़ शिकायतें बढ़ती क्यों जा रही हैं?"
कभी बचपन में किसी कारण थोड़ी  रामायण पढ़ी थी। उन्हें याद था कि लांछन लगने पर सीता ने धरती माता को पुकारा था और धरती फट गई थी। सीता उसमें समा गई थी।
उन्होंने भी धरती मां को पुकारा। और शिकायत करने वाले एक - एक कर धरती में समाने लगे।
-प्रबोध कुमार गोविल
B 301, मंगलम जाग्रति रेसीडेंसी
447 कृपलानी मार्ग, आदर्श नगर
जयपुर-302004 (राजस्थान)
मो 9414028938

prabodhgovilgmailcom

घेराव (लघुकथा)
उनकी उम्र अट्ठासी को पार कर रही थी। दैनिक कार्यों के अलावा बिस्तर पर ही रहते। थोड़ी लिखा -पढ़ी और देखभाल के लिए डॉक्टर बेटे ने उनके लिए एक सहायक रख छोड़ा था जो सुबह शाम अा जाता।
वे खाना खाकर लेटे ही थे कि सहायक लड़के ने कहा- बाउजी !
- क्या है ? वे बोले। आवाज़ में अब भी दमखम था।
- फ़ोन आया था... लड़के ने कहा।
- फ़ोन तो दिनभर बजता ही रहता है, उठा के रख दिया कर चोंगा, माथा भिन्ना जाता है। वे बुदबुदाए।
- जी, वो वर्माजी का था। लड़के ने किसी अपराधी की तरह कहा।
- उसे और काम ही क्या है, दिनभर फ़ोन पर ही टंगा रहता है। उन्होंने उपेक्षा से पैर फैलाए।
- जी वो कह रहे थे कि वो आपका सम्मान करेंगे अपने कार्यक्रम में... लड़के ने जैसे डरते हुए कहा।
- क्या !!! मेरा सम्मान? उनके चेहरे पर से जैसे कोई लहर गुज़र गई। वे उठकर अधलेटे से हो गए।
-जी वो शाम को आयेंगे। लड़का अब कुछ संतुष्ट सा बोला।
- पूछ - पूछ, ये भी बेचारा अच्छे कामों में लगा ही रहता है। वो भूल - भाल जाएगा। तू फ़ोन कर उसे। ऐसा कर, उसे खाने पे बुला ले शाम को! वे चहके।
-जी,कह कर लड़का फ़ोन मिलाने लगा।
-सुन, रबड़ी - जलेबी तू बाज़ार से ले आना, पूड़ी - कचौड़ी ये बना लेगी घर में, कहदे उससे जाकर। वे जैसे किसी तैयारी में व्यस्त हो गए।
-जी, कह दूंगा माताजी से...
- अरे अभी कह दे जाकर, वरना वो चार बजे से ही खिचड़ी बना कर बैठ जाएगी टीवी के सामने। उन्होंने अधीर होकर कहा।
लड़का जाने लगा। पीछे से फ़िर उनकी आवाज़ आई- सुन, उसे शॉल तू दिलवा देना, खादी भंडार से, वरना वो कटले से उठा लाएगा सस्ता सा।
लड़के ने मानो उन्हें घूर कर देखा। वे सकपका गए, बोले- अरे वो कंजूस है न थोड़ा !
लड़का जाने लगा। तभी पीछे से वे फ़िर बोले- सुन, फ़ोटो है मेरी !
-क्यों ? लड़का जाते - जाते रुक गया।
-अरे अख़बार में देनी पड़ेगी न, खबर के साथ...
जी, ढूंढ लूंगा, लड़का लापरवाही से बोला।
- देख ले, अब तेरी ज़िम्मेदारी है उसे घेरने की ! उन्होंने मानो बॉल लड़के के पाले में फेंकते हुए कहा।
- प्रबोध कुमार गोविल, बी 301, मंगलम जाग्रति रेसीडेंसी,447 कृपलानी मार्ग, आदर्श नगर, जयपुर 302004 (राजस्थान)
मो 9414028938

prabodhgovilgmailcom

soniyapanth8044

asmehta225927

rajkotiyadhaval185140

कुछ भावनाएं जो लफ्जों में बयां नहीं हो सकती..
उन्हें कागजों में बिखेरने की कोशिश करती हूं. ।
वो उदासी जो मेरी हंसी से छलक जाती है ...
उन्हें इन अल्फाजों में समेटने की कोशिश करती हूं....|

saritasharma200837