जिंदगी.,....
कभी धूप है, कभी छाँव है जिंदगी,
कभी हँसी है, कभी घाव है जिंदगी।
जो कल मिला था, आज दूर हो गया,
यही तो बदलता हुआ भाव है जिंदगी।
कभी अपने भी पराए हो जाते हैं,
कभी अजनबी दिल के करीब आते हैं।
जिसे हम समझते हैं अपना हमेशा,
वही अक्सर हमें सबक सिखाते हैं।
गिरना भी पड़े तो घबराना नहीं,
टूट जाओ मगर बिखर जाना नहीं।
रास्ते चाहे कितने भी मुश्किल हों,
अपने कदमों को पीछे हटाना नहीं।
वक्त किसी के लिए रुकता नहीं,
दर्द हमेशा दिल में टिकता नहीं।
आज अगर आँखों में आँसू हैं तो क्या,
हर मौसम हमेशा एक-सा रहता नहीं।
बस चलते रहो, चाहे राह कठिन हो,
उम्मीद रहे तो मंज़िल भी निश्चित हो।
जिंदगी ने जो दिया, उसे स्वीकार करो,
और जो नहीं मिला—उसका इंतज़ार करो।
क्योंकि जिंदगी नाम ही चलते रहने का है,
गिरकर फिर अपने पैरों पर खड़े होने का है।
हार मान लेना तो आसान है मगर,
असली मज़ा तो जिंदगी से लड़ने का है।