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New bites

प्रेम करना तुम से ही सिखा है निभाऊंगा भी तुम सा ही

एक अधूरें इश्क़ मुक्कमल दास्तां.

anisroshan324329

मन जटा में उलझा है, सांस बासुरी ढूंढे
दिल पार्वती के भरोसे, रूह राधा में टूटे..

हरि करे सो खरी

anisroshan324329

coming soon.

alfha202141

तेरी आँखों की सहूलत हो मयस्सर जिसको,
तो वो भला चाँद-सितारे कहाँ देखेगा। ♥️

narayanmahajan.307843

मां का प्यार दुनिया का अनमोल तौफा है इस प्यार को पाने के लिए भगवान भी धरती पर आए है और देवता धरती पर आने के लिए तरसते है
मां शब्द अपने आप में ही पूर्ण है हर किसी का स्थान ले सकती है हर किसी के जैसा प्रेम दे सकती है पर मां का स्थान न कोई ले सकता है और न ही उसके जैसा प्यार कोई दे सकता है।
अपने बच्चों की तकलीफ को सबसे पहले महसूस करने वाली औरत मां है
दुनियां में फरिश्ते नहीं होते है लेकिन हजारों फरिश्तों की तरह ख्वाहिश पूरा करती है मां।
मां से ही संतान का अस्तित्व है मां के बिना व्यक्ति का जीवन सभी सुविधाओं सुखो से पूर्ण होने के बाद भी अधूरा ही रहता है।
छोटा बच्चा हो या बूढ़ा व्यक्ति सभी को मां की जरूरत महसूस होती है।
हम जब भी घर में कदम रखते है चाहे कोई काम हो या न हो सबसे पहले मां को ही ढूंढते है थोड़ी देर ना दिखे तो मन बेचैन होने लगता है। मां का दिख जाना मात्र ही पर्याप्त होता है।

मां तू जननी जगद जननी है तुझसे पूर्ण मेरा आकर है तेरे बिन में यू हु बिना खुशबू का पुष्प हो।
मां तू मेरी कहानी की लेखिका है तेरे होने से ही मेरा जीवन सुखद है।

krishnagurjar917182

जफ़ा परस्त इंसान है वो,
उसके साथ रहकर भी किसी और का है वो
उसके बाद भी किसी और का है वो
ज़मीर बांकी नहीं है अब उसका कितना बेगैरत इंसान है वो

===

जब ज़मीर ही मर जाए,
तो इंसान सिर्फ जिस्म रह जाता है
और वो जिस्म की चाह में है वफ़ा की उम्मीद उनसे मत रखो जिनका ईमान बिक जाता है

anisroshan324329

કોઈની સાથે ક્યારેય પણ અથડામણમાં ના ઊતરશો.' - આ મોક્ષે જવાની મોટી ચાવી છે. - દાદા ભગવાન

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dadabhagwan1150

#नागपंचमी
आजचा खास मेनू
🟨पुरणाची दिंड..

🟨नागपंचमी दिवशी चिरणे, कापणे किसणे, कुटणे, वाटणे, भाजणे, तळणे, या गोष्टी करीत नाहीत
असे पूर्वापार कहाण्या मध्ये सांगितले आहे
फक्त उकडलेले पदार्थ केले जातात आजचा नेवेद्य असाच केला जातो
🟨साहित्य
एक वाटी हरबरा डाळ
एक वाटी गूळ
वेलदोडे जायफळ पावडर
कणिक
मीठ
तूप
🟨कृती
हरभरा डाळ धुवून शिजवून, गूळ समप्रमाणात घालून पुन्हा शिजवली वेलदोडे पूड व जायफळ घालून
पुरण तयार केले
थोडे तूप व मीठ घालून घट्ट कणिक भिजवली
पुरण गार झाल्यावर
कणकिच्या छोट्या गोळ्याची एक पातळ पुरी लाटून
मधोमध पुरण ठेवून चारी बाजूने पाकिटा प्रमाणे बंद करुन घेतले
बागेत हळदीची पाने बहरात आहेत
एका चाळणीत हळदीची पाने घालून ही दिंड वाफवून घेतली
खाताना वरून तूप घालून
सोबत वेलदोडे पुड व केशर घातलेले नारळाचे दूध

jayvrishaligmailcom

#नाश्ता_टाईम

🌿मूग भजी
मुगाचे आप्पे केले होते
त्यातील थोडे मिश्रण उरले होते
त्याचे परत पुरेसे आप्पे होणार नव्हते
मग याची भजी करावी असे योजले.

🌿सकाळीच मिश्रण फ्रीज मधून बाहेर काढून ठेवले
मिश्रण साधारण दिड वाटी होतें
त्याचा गार पणा कमी झाल्यावर त्यात अर्धी वाटी रवा व थोडे मीठ घातले
मिश्रण एकत्रित करून बाजूला झाकुन ठेवले

🌿तासा भराने कढईत तेल गरम करून छोटी भजी खरपुस तळुन काढली
रवा घातल्यामुळे बाहेरून छान कुरकुरीत लागत होती..
शिवाय मिश्रण भरपूर भिजल्याने चांगली टम्म फुगली होती .

jayvrishaligmailcom

ख़्वाब तो परिंदों के होते है... आसमानों को छू जाने के... इंसान की नस्ल तो बस... गिरने और गिराने में लगी है...

anisroshan324329

" પરમ તત્વ શિવોહમ્ "

તમે સત્ય સનાતન, અનાદિ અગમ છો,
તમે પોતે જ અગ્નિ, તમે પોતે જ જળ છો,
હું શોધું છું તમને, ને સ્મરે રોમેરોમ,
તમે શિવોહમ્, શિવોહમ્, શિવોહમ્!

નથી બંધનો કોઈ, નથી કોઈ સીમા,
નથી કોઈ કાયા, નથી કોઈ માયા,
તમે મુક્ત સ્વરૂપે બ્રહ્માંડમાં ઓમ,
તમે શિવોહમ્, શિવોહમ્, શિવોહમ્!

દિશાઓ બધી આપના શ્વાસે જ ચાલે,
આ સૂરજ અને ચંદ્ર તમારા જ અંશ છે,
તમે શૂન્યમાંથી જ સર્જી છે આ ભોમ,
તમે શિવોહમ્, શિવોહમ્, શિવોહમ્!

નથી જન્મ તમારો, નથી મૃત્યુ તમારું,
આદિ અનાદિ કાળથી ભ્રમણ તમારું,
તમે આનંદ રૂપે જ ધર્યો ભાલે સોમ,
તમે શિવોહમ્, શિવોહમ્, શિવોહમ્!

વિચારો શમી જાય જ્યાં આવીને આ,
મળે મોક્ષ એવા પરમ તત્વમાં બસ ત્યાં,
એ ભાવે હૃદયથી પુકારે આ " વ્યોમ"
તમે શિવોહમ્, શિવોહમ્, શિવોહમ્!

✍...© વિનોદ. મો. સોલંકી "વ્યોમ"
જેટકો (જીઈબી) અંજાર. મુ. રાપર.

omjay818

“મોટાભાગના મનુષ્યો ઇચ્છાના ગુલામ છે, ઇચ્છા કહે એમ જ મનુષ્ય કરે છે".

આપણી ખોટી ઇચ્છાઓ પણ આપણાં અંતરનો એક શત્રુ છે. તેની સામે જઈને, તેની સાથે લડીને અને દરેક ઇચ્છાને પૂરી ન કરીને જ આપણે ધીમે ધીમે તેનાં બંધનમાંથી મુક્ત થઈ શકીએ છીએ. ઇચ્છાઓને જીતવી એટલે જ સાચી અંતરમનની સ્વતંત્રતા છે.

મનોજ નાવડીયા

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manojnavadiya7402

ओम् नमः शिवाय 🙏🌹🙏

sonishakya18273gmail.com308865

रिश्तों की रोशनी

रिश्ते धागे जैसे होते हैं,
नाज़ुक भी, अनमोल भी,
थोड़ा-सा प्रेम मिले तो जुड़ जाते हैं,
थोड़ा-सा अहंकार हो तो टूट जाते हैं।

हर रिश्ता साथ रहे,
यह जरूरी तो नहीं,
कुछ लोग दूर होकर भी
दिल के पास रहते हैं कहीं।

जिसने बुरे वक्त में हाथ थामा,
उसे अच्छे वक्त में मत भूलना,
जिसने तुम्हारी खामोशी समझी,
उसके सामने शब्दों का हिसाब मत खोलना।

रिश्तों में जीत नहीं होती,
वहाँ समझदारी होती है,
जहाँ “मैं” थोड़ा कम हो जाए,
वहीं “हम” की शुरुआत होती है।

और अगर कभी कोई रिश्ता
तुम्हें भीतर से तोड़ने लगे,
तो उसे बचाने से पहले
अपने मन को बचा लेना।

क्योंकि सच्चा रिश्ता वही है—
जहाँ सम्मान बना रहे,
विश्वास जीवित रहे,
और दूरियाँ चाहे जितनी हों,
दिल में अपनापन बना रहे।

रिश्ते निभाइए प्रेम से,
मगर स्वयं को खोकर नहीं;
क्योंकि सबसे सुंदर रिश्ता वही है,
जिसमें प्रेम भी हो और आत्म-सम्मान भी। 🌸

skptech

ये जौन एलिया साहब ने व्यंग्य दिया था और इस पर बनी नज़्म को पाकिस्तान सरकार ने बैन कर दिया था।

authorpawansingh.367578

सचमुच में तुम बहुत ही बुरे हो


दर्द मुझे दे रहे हो
और सबको बचा रहे हो
तुम बहुत बुरे हो यार
और साथ में मुझे यह एहसास भी दिला रहे हो
कि मैं
सब कुछ नहीं संभाल शक्ति


भगवान अगर तुम सच में हो
तो
सचमुच में तुम बहुत ही बुरे हो यार
इतने बुरे जितने बुरे दुश्मन होते हैं




सचमुच में अगर तुम हो
तो
तुम मेरे सबसे बड़े दुश्मन हो
मेरे यार




मैं ना सब कुछ सही कर सकती हूं
ना खुद को बचा सकती हूं
ऐसी जिंदगी में
मैं बस खुद को दोस्त दे सकती हूं
तो
मैं तुम्हें क्या कहूं भगवान




सचमुच में मुझे नहीं लगता कि
तुम होते तो
इतना तकलीफ दुनिया में क्यों होता
कोई इस तरह क्यों रोता
किसी को तकलीफ इतनी ज्यादा क्यों होता





अगर तुम होते तो
सचमुच में सब कुछ अच्छा होता है
जिसने
किसी का कुछ नहीं बिगड़ा
उसे भी दर्द दर्द देते हो
तुम सचमुच में बुरे हो



बार-बार यह एहसांस दिलाते हो कि तुम
एक निराधार तिनका हो
जो चाह कर भी
खुद को नहीं बचा सकता
दूसरे को बचाने की तो दूर की बात है


सचमुच में तुम बहुत ही बुरा है
और निर्दय भी



हर जगह मातम है
हर दिल रो रहा है
सभी टूटे हुए हैं
फिर भी आश तेरा है
और तू है कि नजर उठा कर देखा भी नहीं
सचमुच में तुम बहुत ही बुरे हो






लोग झूठी आश लिए बैठे हैं
झूठी उम्मीद लगाए बैठे हैं

कोई सहारा नहीं
कोई किनारा नहीं

बस दूर-दूर तक आग का समुद्र है
धीरे-धीरे सभी उस आग मैं जल रहे हैं

कोई जिंदा तो
कोई चिता पर लेट कर

उम्मीद से हार चुका इंसान टूट कर मर जाता है


और खुद से हार चुका इंसान भगवान तुझे चाहता है
बस एक मौला तू ही सुन ले
और तू भी नहीं सुनता
तो फिर आखरी रास्ता क्या है
सचमुच में तुम बहुत ही बुरे हो यार

abhinisha

**“हम अनजाने थे खुद से,
बेपरवाह थे खुद से,
परवाह नहीं थी खुद की,
बेपरवाह हो गए खुद से।
उम्मीद जगी फिर जीने की,
फिर जीने लगे हम,
अब तनहा नहीं रहे हम,
सबसे अच्छे हो गए हम।”**

somadevi947535

लौठ कर मत आना -

सुनो, तुम अब लौठ कर मत आना, ऐसा नहीं कि अब तुमसे प्रेम नहीं है, हां, पर अब इंतज़ार नहीं।

यह विरह मुझे स्वीकार है, पर अब प्रेम तुम्हारा स्वीकार नहीं।

यह भी मत कहना कि तुम्हारे प्रेम में कोई हीनता थी, मैं ही प्रेमरक्षण में असफल रहा
सबको यही बताना,
सुनो,
तुम अब लौठ कर मत आना..!!

anisroshan324329

बाज़ारू को सिर्फ
बाज़ारू खरीद सकता हैं ....

anisroshan324329

कितनी बार हम कोई फैसला इसलिए

टाल देते हैं क्योंकि मन में पहला सवाल आता है, लोग क्या कहेंगे?

धीरे-धीरे दूसरों की राय हमारे फैसलों से बड़ी हो जाती है। हम अपनी पसंद, अपनी खुशी और अपनी सहजता को पीछे रखकर एक ऐसी स्वीकृति पाने की कोशिश करते हैं, जो कभी पूरी नहीं होती।

हर व्यक्ति आपको अपनी दृष्टि से देखेगा। हर किसी को खुश करना न संभव है, न जरूरी।

अपने निर्णयों की जिम्मेदारी लीजिए, अपनी अंतरात्मा की सुनिए और दूसरों की राय को अपनी शांति पर अधिकार मत दीजिए।

जब 'लोग क्या सोचेंगे?' की जगह 'मेरे लिए क्या सही है?' महत्वपूर्ण हो जाता है, तब भीतर स्वराज्य जागता है।

लोगों की राय से मुक्त होना, मन की सबसे सुंदर स्वतंत्रताओं में से एक

है।

anisroshan324329

**હજી હું હારી નથી.**

બારીમાંથી આવતી તડકાની
એક કિરણ મારી પાસે છે,
ઢળતી સાંજ પછી પણ
હૃદયમાં થોડી આશા છે.

અંધકાર મને કહે છે,
હવે કંઈ બાકી નથી,
હું હસીને કહું છું—
**હજી હું હારી નથી.**

સૂકી ડાળી પર પણ જુઓ,
એક કળી ચૂપચાપ છે,
પોતાની ઋતુમાં ખીલવાનું
એનું પોતાનું સ્વપ્ન છે.

જે થોડું મારામાં બચ્યું છે,
એને આજે સાચવું છે,
આવતી કાલની રાહ અજાણી,
છતાં વિશ્વાસ રાખવો છે.

**હજી હું બાકી છું,
હજી મારી સવાર બાકી છે.**
DHAMAK

heenagopiyani.493689

नया नेता, चंगा नेता...😁😂

kavidivyanshdivya552993

સકળ જગતમાં તને નિહાળું, તને વંદન કરું વારંવાર રે,
કણ કણમાં તું જ વસે છે, તારો ક્યાં અહીં પારાવાર રે!

રજકણથી લઈ વિરાટ સુધી, બધે જ તારો વિસ્તાર રે,
માપી ન શકે કોઈ તને, અપરંપાર તારો આ આકાર રે!

સૂરજમાં તું, ચંદ્રમાં પણ તું, તારલામાં તારો ઝળકાર રે,
પવનની લહેરોમાં તું વહે, સાગરમાં તું હિલોળ કરે રે!

ફૂલની સુગંધમાં તું મહેકે, પંખીની પાંખે ઉડાન ભરે રે,
હૃદયના દરેક ધબકારામાં, તું જ જીવનનો આધાર રે!

એકમાંથી અનેક રચ્યાં તેં, પણ અનેકમાં તું એક રે,
ભેદ ભલે દેખાય જગતમાં, મૂળ તારો અંશ એક રે!

મંદિરમાં શોધું, મૂર્તિમાં શોધું, શોધું તને સંસારમાં રે,
અંતરમાં ઝાંખું તો સમજાય, તું જ મારો સાચો સાર રે!

સુખમાં તું ને દુઃખમાં તું, તું જ આશાનો આધાર રે,
જન્મથી લઈને અંત સુધી, તારો જ ચાલે વ્યવહાર રે!

સકળ જગતમાં તને નિહાળું, તને વંદન કરું વારંવાર રે,
કણ કણમાં તું જ વસે છે, તારો ક્યાં અહીં પારાવાર રે!

મનોજ નાવડીયા

manojnavadiya7402