Most popular trending quotes in Hindi, Gujarati , English

World's trending and most popular quotes by the most inspiring quote writers is here on BitesApp, you can become part of this millions of author community by writing your quotes here and reaching to the millions of the users across the world.

New bites

it's tea time..

kattupayas.101947

कभी किसी पेड़ की छाँव हीं
उसकी दुश्मन बन जाती हैं।
कभी अनजाने में हीं उसके
क़ातिल को पनाह दे जाती हैं।

गजेंद्र

kudmate.gaju78gmail.com202313

Good morning friends.. have a great day

kattupayas.101947

छुपा कर भी नहीं छुपती ये मोहब्बत हमसे,
तुम्हारा ज़िक्र आते ही चेहरा खिल ज़रूर जाता है.💞

narayanmahajan.307843

माँ का प्रेम शब्दों में समेटना संभव नहीं, फिर भी यह एक छोटा-सा प्रयास है।

"आँचल के उस पार"
माँ के निस्वार्थ प्रेम, त्याग और संस्कारों को समर्पित मेरी नई कविता।

आपका स्नेह और सुझाव हमेशा प्रेरणा देता है।

✍️ Poet ~ Sp Singh

spsingh

jai mata di

skptech

I gather jewels of wisdom, not dust of the world.

anisroshan324329

इतना तो यक़ीन रखते
....मुझपर, कि मेरे बर्बाद होने की हद तक तो मुझे आजमाते,
यूं, ख़ुद हार मान लेना, अच्छी बात नहीं...!!

anisroshan324329

तुम्हारे घर की तरह बड़ा नहीं मेरा घर मगर तुम्हारे आने के बड़े-बड़े .... सपने बुनता है मेरा घर ।

anisroshan324329

Good evening friends.. have a nice time

kattupayas.101947

जीवन मुश्किल है पर हंसी उसकी दवा

ashuashu858439

Om Namo Bhagavate Vasudevaya!🙏

Lord Shri Krishna was a Vasudev. Vasudev means one of the sixty-three Shalaka Purush (human beings with extraordinary, super human energies and accomplishments)!

To know more about "Lord Krishna" visit: https://dbf.adalaj.org/0YLP366N

#LordKrishna #LordJagannath #RathYatra #Spirituality #Faith #dadabhagwanfoundation

dadabhagwan1150

सावन दस्तक देने लगा है

सावन दस्तक देने लगा है
मौसम अब बरसने लगा है

कितनी ही आंखें राह देखती
सावन में ही मायके की देहरी मिलती

अपनों से मिलन की आस में
आंखों से सावन झरने लगा है

महादेव की मस्ती में दीवाने
भक्त कावर सजाने लगे हैं

फसलों को लहराता देख
किसान भी सपने सजाने लगे हैं

धरती हरा-हरा श्रृंगार किए बैठी है
दूर देश से पंछी भी अब आने लगे हैं

सावन अब दस्तक देने लगा है

जिंदगी की तपिश में, उम्र की दुपहरी में
बारिश की बूंदें, जख्म सहलाने लगी हैं

सबकी आस अपनी है सावन से
सावन सबको भाने लगा है

सावन की मस्ती संग है लाती
तीज का मनुहार, राखी का प्यार
अमिया के झूले, मन करे बेक़रार
सबको रहता इसका इंतज़ार

सावन दस्तक देने लगा है
रिमझिम सावन बरसने लगा है

---
डॉ वंदना शर्मा पांडव नगर नई दिल्ली

drvandnasharma8596

કાલિદાસ જયંતિ ને ખૂબખૂબ ખુબ શુભેચ્છાઓ 🌹🌹🙏🌹🌹😊

drbhattdamayntih1903

કાલિદાસ જયંતિ ની ખુબ ખુબ શુભેચ્છાઓ🌹🌹🙏🌹🌹😊

drbhattdamayntih1903

🥕गाजर मशरूम सूप ..

🥕साहित्य
चार केशरी गाजरे
सात ते आठ मशरूम
चार मोठे चमचे मिल्क पावडर
मिरी पावडर
मीठ चवीनुसार

🥕कृती

प्रथम गाजर व मशरूम चे तुकडे करून
तुपात परतून झाकण ठेवून वाफवून घेणे
गार झाल्यावर दोन्ही मिळून मिक्सर मध्ये थोडी जाडसर पेस्ट करून घ्यावी
आता दोन मोठे बाउल पाणी यात घालून
मिश्रण उकळण्या साठी ठेवावे
उकळी आल्यावर चार मोठे चमचे मिल्क पावडर पाण्यात कालवून ती पेस्ट यात हळूहळू घालावी
सूप आवडीप्रमाणे दाटसर करून घ्यावे
गरज असल्यास थोडे पाणी वापरावे
एक ते दोन लहान चमचे मिरी पावडर व चवीनुसार मीठ घालावे
सजावटी साठी वर चमचाभर लोणी आणि पुदिना पाने घालावी
मिल्क पावडर मुळे एक गोडसरपणा
आणि मिरी पावडर मुळे तिखटपणा अशी दुहेरी चव या सुपला येते .

jayvrishaligmailcom

" કચ્છી નવા વર્ષની હાર્દિક શુભકામના "

આવ્યો રે આવ્યો મહિનો અષાઢ
કચ્છી હૈયાં આજ હરખાય અગાધ.
આસમાનમાં કેવી ચમકે છે વીજ,
આવી રે આવી લ્યો અષાઢી બીજ.

મોરલા ટહુકે, કોયલ કરે મીઠો સાદ,
કચ્છી હૈયાઓમાં છે હરખ અગાધ.
નવા વર્ષનો આજથી મંગળ પ્રારંભ,
નવી આશા, નવા ઉમંગનો આરંભ.

દુઃખ કે દર્દ કોઈની ના આવે પાસ,
ઘરમાં લક્ષ્મીજીનો રહે સદા નિવાસ.
જય શ્રી લક્ષ્મીનારાયણ મુખે ગવાય,
કચ્છીઓના મનમાં હરખ ના સમાય.

નૂતન વર્ષના સહુને રામ રામ ભાઇ,
આનંદ વેરો ને આજ વહેંચો મીઠાઇ.
ખેતરે વરસજો "વ્યોમ" અમી સહર્ષ,
હર કોઈને ફળે આ કચ્છી નવું વર્ષ!

✍...© વિનોદ. મો. સોલંકી "વ્યોમ"
જેટકો (જીઈબી),... અંજાર.

omjay818

good morning 🌅

nikitavinzuda6548

// मानसिक तिलिस्म //

मैं ना बंदी बना था,
ना ही गुलाम मुक्कर
खुला था इतना सा था
डरता, उड़ता नहीं था।

कुछ था अंदर धंसा हुआ,
टूटे कांच सा गढ़ा हुआ,
हर दम फिरता विचरता
अंधे कुंवे में तस्वीर खीचता।

मेरे सा रोज़ मरता मुर्दा बोलता,
कफ़न बगैर जीवन काटता था
मन कीचड़ मलिन, मस्तिष्क
भूतों का हरदम घेरा डला था।

चार पल चैन नहीं रुकता, धमकता
बेचैनी जगत की मायाजाल चढ़ता
स्वर्ण पाकर, कंकड़ चबाया करता,
फिर देखो, मैं ना ही बंदी बना था।

रोज़ यूँही मरी मौत से जागकर उठा था,
उस रोज़ कुछ भीतर जुड़ा घटा बढ़ा था,
साथ पसीजा और अंधकार तब्दील था
उस पल मेरा मानसिक तिलिस्म टूटा था।
©DSR

digvijaysinghrathore332439

🌸 मेरे प्रिय पाठकों,
आप सभी का प्यार और विश्वास ही मेरी सबसे बड़ी ताकत है। ❤️
जब भी मैं कोई नई कहानी लिखती हूँ, सबसे पहले आप सभी का चेहरा याद आता है। आपकी प्रतिक्रियाएँ मुझे हर दिन कुछ नया और बेहतर लिखने की प्रेरणा देती हैं।
आज मैं आपसे एक छोटी-सी खुशी साझा करना चाहती हूँ।
अब आप मेरी कहानियाँ सिर्फ़ पढ़ ही नहीं, बल्कि मेरी अपनी आवाज़ में सुन भी सकते हैं। 🎙️
मेरे YouTube चैनल "Ragini Story Series" पर मेरी नई कहानी "किराए की दुल्हन" का पहला एपिसोड आ चुका है।
अगर आपने मेरी कहानियों को पढ़कर कभी महसूस किया है कि काश इन्हें सुन भी पाते... तो अब आपका इंतज़ार खत्म हुआ।
💛 एक बार YouTube पर "Ragini Story Series" ज़रूर खोजिए।
आपका एक Subscribe, एक Comment और आपका प्यार मेरे लिए बहुत मायने रखता है।
आशा है, जैसे आपने मेरी कलम को अपनाया है, वैसे ही मेरी आवाज़ को भी अपना प्यार देंगे। 🌸
स्नेह सहित,
✍️ अर्चना कुमारी ❤️

archanalekhikha

शिकायतों की पाई-पाई जोड़ रखी थी मैंने,
उसने गले लगाकर सारा हिसाब बिगाड़ दिया।। ❤️

narayanmahajan.307843

Happy Rathyatra 🎉🎂💐

mitra1622