Most popular trending quotes in Hindi, Gujarati , English

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New bites

गाजर दुधी रोल्स.
एक वाटी गाजर कीस
एक वाटी दुधी कीस
अर्धी वाटी ज्वारी पीठ
पाऊण ते एक वाटी डाळीचे पीठ
गाजर व दुधी कीस एकत्र करुन त्यात तिखट मीठ हळद गरम मसाला साखर बडीशेप व ज्वारीचे पीठ घालून हलक्या हाताने एकत्र करावे
नंतर थोडे थोडे डाळीचे पीठ घालून घट्ट गोळा करावा..
पाणी अजिबात घालू नये
हाताला तेल लावून त्याचे लांबट रोल करुन घ्यावेत व कुकरला वाफवून घ्यावेत
हे रोल थंड झाल्यावर अर्धा ते एक तास फ्रिज मध्ये झाकून ठेवावे
म्हणजे ते चांगले सेट होतात
थंडगार रोल फ्रिज मधून काढून लगेच मध्यम आकाराच्या चकत्या कापाव्यात
पसरट भांड्यात थोडे जास्त तेल घालून मोहरी हिंग कढीलिंब तीळ . मध्ये चीर दिलेल्या लांब मिरच्या घालून फोडणी करावी
हे रोल त्यात खालून वरून चांगले खरपूस भाजून घ्यावेत
आतून मुलायम व बाहेरून कुरकुरीत होतात
खायचा देताना त्यावर खोबरे कोथिंबीर घालावी
चिंचेच्या चटणी अथवा सॉस सोबत छान लागतात..
टीप .
फ्रिज मधून भोपळा व गाजर काढल्यावर गार असतानाच किसावे
ताबडतोब रोल चे मिश्रण करावे
म्हणजे भोपळा जास्त पाणी सोडत नाही
फ्रिज मधून सेट केलेले रोल बाहेर काढताच लागलीच काप करावे
म्हणजे अखंड तुकडे होतात व फुटत नाहित

jayvrishaligmailcom

રથમાં બેઠો શ્યામ સુહાનો નયનમાં આંસુ છલકાય
મૈયા યશોદાઆચલ પકડી હૈયે હૈયુ બોલાય...

saturavaliya827405

ye panting koi bana sakte he to bataye payment pehle dunga

virdeepsinh

*દરરોજ ફૂલ બજારેથી ખરીદી રૂબરૂ તમને આવવું મળવું અઘરું છે.*
*ફૂલ એકલું શું કામ મોકલું ફુલઝાડ આખું મોકલું છું.
*વરસે દહાડે શું કામ હું વાટ જોઉં તમારા જન્મદિવસની !!!*
*દરેક વરસે નહીં પણ દરેક પળે તમારો જન્મદિવસ આ રીતે ઉજવું છું.*
- વાત્સલ્ય

savdanjimakwana3600

ખણખોદ એટલે શું? ખણખોદનાં લક્ષણો, તેનાં જોખમો, અને તે ટેવમાંથી નીકળવાના ઉપાયો સમજવા અહીં ક્લિક કરો...https://dbf.adalaj.org/z516nxwq

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dadabhagwan1150

ये गरीबी भी कितनी बुरी है
कोई अन्न बेकार करता थाली में
तो गरीब भूख मिटाने को खड़ा लाइन में

ये बारिश सबके लिए एक सी नहीं होती
अमीरों के लिए अच्छा मौसम
चाय-पकौड़ा साथ लाती

कहीं गरीब देखकर अपनी टपकती छत
सर पकड़ बैठा सोच रहा
कब रुकेगी ये बारिश

बारिश में लाइन में लगे
एक छोटे बच्चे को देख
जी भर आया, आँखें नम
ठंड से काँप रहा, कब से लाइन में खड़ा था

बेबसी झलक रही आँखों से
हाथ में खाली प्लेट लिए
भंडारे की लाइन में छोटी सी आस लिए
कब से भूखा होगा, चेहरा बता रहा था

ठंड से काँप रहा था कब से लाइन में खड़ा था
भूख भी कितना तोड़ देती है बचपन
मासूम आँखें लड़ रही हों जैसे
कुछ मिले जल्दी से तो भूख मिटे
इस लाइन में खड़े-खड़े तो आस मिटे

उफ! ये बारिश और उम्मीद
से भरी उसकी आँखें

डॉ वन्दना शर्मा*
*12/6/26*

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drvandnasharma8596

વરસાદની દરેક બુંદમાં એક અલગ જ શાંતિ હોય છે… 🌧️
આંબાની સુગંધ, મોરનો નૃત્ય અને કુદરતની આ સુંદરતા મનને શાંત કરી દે છે 🥭🦚
ક્યારેક જીવન પણ આવા વરસાદ જેવું હોય છે… શાંતિથી વહેવા દો ❤️”

kukadiyaketankukadiya059954

GUJARATMITRA NEWSPAPER 💫

niraliipatel.127808

ye bat gita me kahi nahi he but muje post aachi lagi isliye me lagayi

virdeepsinh

Good Morning 🌅

harshparmar8722

—आख़िरी रास्ता—

​अब दरख़्त सूखे पत्तों से घिरे हैं,
हवाएँ उदासी में झूम रही हैं।
महफ़िलों को सन्नाटों ने घेर रखा है।
तन्हाइयाँ वीरान सड़कों पर घूम रही हैं,
​उड़ाने थक गईं तो इन परिन्दों ने,
अब ख़ाक को ही आशियाँ बना लिया है।
ये क्या चल रहा है, ये कैसा मौसम बदल रहा है,
सूरज पश्चिम से निकल पूरब में ढल रहा है।
​क्यों अब शांत हैं वो लोग, जिनकी आवाज़ों में शोर था?
क्यों अब वो दिखाई नहीं देती, वो शान-ओ-शौकत?
क्या खो दिया उन्होंने, जिसका उन्हें इल्म ही नहीं,
वो अब आख़िरी रास्ते पर हैं मौजूद, और उन्हें ख़बर ही नहीं।

-MASHAALLHA

mashaallhakhan600196

18 sab mene lagaya ped ke aam khaye .

virdeepsinh

Bas Yunhi Tum

Ek jagah thi jahan main khadi thi,
Bahar se shant, andar se uljhi hui.
Phir achanak... piche se ek narm, garam sa hug.

Main thodi si chauk gayi,
Par jaise hi tumne mera naam liya,
Us ek lafz mein apnapan sama gaya.

Main palti, aur tumhe kas kar gale laga liya.
Tumhare muh se bas itna nikla —
“Kya tum theek ho? Sab theek hai?”

Aur mere aansu khud-ba-khud beh nikle.
Black dress mein tumhari woh khamosh si presence,
Jaise andheron mein bhi ek alag roshni ho.

Tumhari baaton mein woh gehraai thi,
Jo aaj tak koi samajh nahi paya,
Jo koi itni gehraai tak soch bhi nahi saka.

Bas yunhi... meri rooh ki uljhano mein,
Tumhare alfaazon ka sukoon ghul gaya.

Maine poocha — “Kaise aana hua?”
Usne kaha — “Tumhe yun dekha toh bas chala aaya.”
Phir maine poocha — “Phir kab aaoge?”
Usne kaha — “Jab tum chahogi.”

arnagvanshi051673

RAGHAV

Mein paani tu kinara
Iss duniya mein tu sahara

Mein chidiya to tu
Uss panchi ka asamaan

Jisne mujhse rone se
Hasna sikhaya
Meri hasi ko sundar bataya

Subah tu raat tu
Har din iss dil mein
Baasne wali awaj tu

Jo Maan ko bhajaye
Vo eshaas tum
Jisse.....

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https://writco.in/Poem/P14006122026231335

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gunjangayatri949036

"अगर बदलना होता"

किसी ने पूछा मुझसे यूँ ही,
ख़यालों-ख़यालों में,
"अगर तुम कुछ बदलना चाहो,
तो क्या बदलोगी?"

सवाल ख़याली था,
पर मैं सच मान बैठी।
चली गई पूछने उनसे,
जो मैं कभी थी।
जो मैं अब हूँ।
जो मैं बन जाऊँगी।

पहले पूछा उस छोटी बच्ची से,
जो मिट्टी में घर बनाती थी,
जो तारों को मुट्ठी में भरना चाहती थी।
वो हँस कर बोली,
"मैं दुनिया बदल दूँगी,
ताकि कोई गुड़िया कभी न टूटे,
ताकि कोई परीकथा अधूरी न छूटे।
मैं? मैं ठीक हूँ।"

फिर पूछा उस लड़की से,
जिसके हाथों में किताबें थीं,
आँखों में सपने,
और दिल में डर।
वो चुप रही देर तक,
फिर धीरे से बोली,
"मैं ये डर बदल दूँगी,
ये लोगों का क्या कहेंगे।
ये पैरों की बेड़ियाँ।
खुद को? खुद को बस उड़ना सिखाना है।"

आख़िर में गई उस बूढ़ी औरत के पास,
जिसके बालों में चाँदी थी,
और आँखों में पूरी सदी।
उसने मेरा हाथ थामा,
और मुस्कुराकर कहा,
"बेटा, बदलना क्या है?
मैं तो हर दिन बदली।
बच्चे के लिए,
घर के लिए,
ज़माने के लिए।
अगर आज कुछ बदलना होता,
तो मैं वो सारे पल वापस ले आती,
जिनमें मैंने खुद को पीछे छोड़ दिया।
मैं खुद को नहीं बदलती।
बस खुद को जीना सीख लेती।"

लौट आई मैं,
सवाल वही था,
पर जवाब बदल गया था।
अब अगर कोई पूछे,
"अगर तुम कुछ बदलना चाहो..."
तो मैं कहूँगी,
"मैं कुछ नहीं बदलूँगी।
बस खुद को माफ़ कर दूँगी,
हर उस बार के लिए,
जब मैंने खुद से कहा था
'तुझे बदलना होगा'।"

प्राची तंवर

prachitanwar111

आज मैंने एक सपना देखा




आज मेने एक सपना देखा
और देखा किसी को मेरे लिए रोते हुए
वो चेहरा बिल्कुल साफ दिखाई दे रही थी


हकीकत में मैंने उसे कभी कहीं नहीं देखा
और उसे देखकर मुझे ऐसा लगा
कि उसे में सदियों से जानता हूं

उसे रोते देखा
मेरे दिल भारी आई



और मैं उसे फिर दुबारा रोते हुए नही देखना चाहती थी
नहीं पता क्यों

पर वह चेहरा अब तलाक मुझे याद है
उसकी आंखों की आंसू
अब तक मुझे सोचने पर मजबूर कर रहा है
क्यों कोई मेरे लिए रो रहा था


क्यों वो रोते हुए चेहरे
मेरी दिल और दिमाग से नहीं जा रहा है
अब तलाक


कहते हैं सपना मन की कलपना होता है
पर वह अंजनी चेहरा
मेरे लिए कल्पना से बर कर था




वो रोते हुए आंखों ने
मेरे इन आंखों को रोने के लिए मजबुर कर दिया
उसके जज्बात से भरी बातों ने
मेरे दिल को गहराई से छू लिया
और मेरे रोम रोम मुझसे सवाल करने लगी
क्या यह बस सपना है


यह सच्चाई
किसी के दिल की गहरा दर्द के


अब तलाक उनके आंखों उनके चेहरे से
मेरी नजर हठ नही रही
मैं पल दो पल जाकर उसके चेहरे पर ठहेर जाती हूं
उनके बातें सुनने पर मजबूर हो जाती हूं


क्या है यह
और क्यों है
मुझे नहीं पता
बस मुझे पता है

जो मैंने देखा उसमें किसी के दिल में गहरा दर्द था

वह रो तो मेरे लिए रहा था
पर उसकी आंखें चिक चिक कर कह रही थी

की यह मुझसे बर्दाश्त नहीं होता
वह थक चुका है मुझे ढूंढते हुए
अब और इंतजार करना तुम्हारी
मेरी जान ले रही है
मैं वापस लौट जाऊं

उसके साथ जीने के लिए
उसके साथ हमेशा रहने के लिए




मैं आज तय नहीं कर पाई
वह सपना था यह हकीकत थी
यह मेरी ही लिखी हुई कोई कहानी

पर इतना जानती हूँ
उसके आँसू नकली नहीं थे
क्योंकि उन्हें देखकर मेरी आँखें भी भर आई थी

abhinisha

नारी प्रेम कर सकती है... तो प्रलय भी ला सकती है।
वह अपने आँचल में पूरा संसार समेट सकती है, तो अपने साहस से साम्राज्य भी हिला सकती है।
वह ममता बनकर जीवन सँवारती है, तो दुर्गा बनकर अन्याय का अंत भी करती है।
प्रेम उसका स्वभाव है, लेकिन स्वाभिमान उसकी पहचान।
उसकी खामोशी को कभी कमजोरी मत समझना, क्योंकि जब वह अपने सम्मान और सत्य के लिए खड़ी होती है, तो सिर्फ़ हालात नहीं... इतिहास बदल जाते हैं।

piyu 7 soul ❤️

parmarsantok136152

महाराणा लाखा: हिंदुओं के रक्षक और चूंडा की अमर गाथा
(1382-1421)

मेवाड़ का वह भाग्यविधाता शासक जिसने सुल्तान फिरोजशाह तुगलक को हराकर काशी-गया को तीर्थ कर से मुक्त कराया और जावर में चांदी की खानें खोजकर साम्राज्य को अकूत वैभव से भर दिया, जिसके काल में बनी विश्व प्रसिद्ध पिछोला झील और जीर्णोद्धारित मंदिर आज भी उनके युग की महान आर्थिक और सांस्कृतिक क्रांति की जीवंत गवाही देते हैं, रणभूमि में बैराटगढ़ और बदनौर को धूल चटाने वाले लाखा का व्यक्तिगत जीवन इतना नाटकीय था कि उनके एक विवाह के फैसले से उनके ज्येष्ठ पुत्र कुंवर चूंडा ‘मेवाड़ के भीष्म’ बन गए।
https://www.matrubharti.com/book/19994294/part-01-maharana-thousand-years-of-crusade-6

hindgaurav710743

‌🙏🙏यदि 'बच्चे' मजदूरी कर रहे हैं तो हमें मंदिरों में 'दान' और नेताओं को 'वोट सोच-समझकर' देना चाहिए।🦚🦚

parmarmayur6557

कृष्ण अपने प्रेम के लिए रोए थे।
राम अपने प्रेम के लिए एक समुद्र पार कर गए थे।
शिव अपने प्रेम के लिए
लाखों वर्षों तक प्रतीक्षा करते रहे थे।
और यहाँ लोग प्रेम को बेकार (बकवास) कहकर
हार मान लेते हैं।
जब स्वयं देवताओं ने प्रेम के लिए भाग्य को मोड़ दिया,
और किस्मत से लड़ाई लड़ी,
तो इंसान इतने साहसी कैसे हो गए
कि प्रेम को बेकार कह दें
और इतनी आसानी से उसे छोड़ दें,
जबकि हर रात उसी प्रेम की चाह रखते हैं?

parmarsantok136152

चोट लगती रही, मुस्कराते रहे।
जिंदगी इस तरह, हम बिताते रहे।।

घर हमारा रहा, पर अतिथिगण बहुत।
देव कहकर अतिथि मन रिझाते रहे।।

दर्द से ही बनें मित्र रिश्ते सदा।√
दूर से बस हमें सुख लुभाते रहे।।√

घर अभावों का था पर्वत सा खड़ा।
प्रभु जी फिर भी कृपा बरसाते रहे।।

एक जुट रखना था बस परिवार को।
दीप-त्यौहार मिल-जुल मनाते रहे।।

नेह के उन पलों को न भूले कभी।
याद आकर हमें वे रुलाते रहे।।

खो गया वह समय क्यों दिखता नहीं।
प्रेम की गंग में सब नहाते रहे।।

मनोजकुमार शुक्ल मनोज
12/6/26

manojkumarshukla2029

✨ Hello Buddies ✨
बहुत जल्द आपके सामने आने वाली है मेरी नई कहानी...
👑 MISS ROBIN HOOD ⚖️ THE QUEEN OF JUSTICE
यह सिर्फ एक कहानी नहीं है...
यह उस लड़की की दास्तान है जिसने अपनी दुनिया खो दी, लेकिन लाखों लोगों की उम्मीद बन गई।
एक ऐसी लड़की... जिसे समाज ने गलत समझा, जिसे लोगों ने ताने दिए, जिसे बार-बार तोड़ने की कोशिश की गई...
लेकिन हर बार वह पहले से ज्यादा मज़बूत होकर खड़ी हुई। ⚔️
उसने अपनी सबसे अनमोल खुशी खोई... और उसी दर्द को अपनी ताकत बना लिया।
अब उसकी लड़ाई सिर्फ अपने लिए नहीं, हर उस इंसान के लिए है जिसकी आवाज़ दुनिया ने कभी नहीं सुनी।
❤️ एक अधूरी ममता... ⚔️ न्याय की जंग... 👮 एक रहस्यमयी रिश्ता... 👑 और एक ऐसी रानी, जो ताज से नहीं... अपने साहस से पहचानी जाती है।
क्या दर्द किसी इंसान को तोड़ देता है... या उसे इतिहास बना देता है?
बहुत जल्द मिलते हैं रुद्रप्रिया सिंह राजपूताना की दुनिया में...

parmarsantok136152

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फूल हसते हुए खिलता है,
और खिलके तन्हा बिखर जाता है।
लोग तन्हा छोड जाते है,
दर्द जिगर मे ही दब जाता है।
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jighnasasolanki210025