Most popular trending quotes in Hindi, Gujarati , English

World's trending and most popular quotes by the most inspiring quote writers is here on BitesApp, you can become part of this millions of author community by writing your quotes here and reaching to the millions of the users across the world.

New bites

मैं दिखूँ न दिखूँ बस मुझे अहसासों में महसूस कर लेना....!
मैं लिखूँ न लिखूँ बस मुझे शब्दों में ही पढ़ लेना....!
नजदीक हूं मैं तेरे दिल के इतना कि अपनी धड़कन मे मेरी धड़कन सुन लेना.......🍁🍂💞

narayanmahajan.307843

"मनाने रूठने के खेल में ,
हम बिछड़ जाएंगे ये सोचा नहीं था...!!"🥺💔

narayanmahajan.307843

"दिल पर लगी बातें ,
अक्सर चेहरे की रौनक छीन लेती है...!!"🥺❤️

narayanmahajan.307843

09/05/2026
विषय -अलग अलग कितने,

अलग-अलग कितने रूप होते हैं नारी के।
माता बनकर स्नेह लुंटाती है बच्चों पर।।

पतिव्रता बनकर हर धर्म-कर्म निभाती है।
परिवार को संजोए रखने के लिए समर्पित है।।

बेटी बनकर मात-पिता का ख्याल रखती है।
एक शिक्षीत नारी से दो कुलों सु-शोभित है।।

स्वरचित एवं मौलिक
©® डॉ दमयंती भट्ट

drbhattdamayntih1903

"અમુક વાર્તાઓ પૂરી નથી થતી કારણ કે જો એ પૂરી થઈ જાય, તો એ માત્ર મનોરંજન બનીને રહી જાય. પણ જો એ અધૂરી રહે, તો એ કાયમ માટે જીવતી લાગણી બની જાય છે."

વાંચો મારા ફેસબુક પર સુંદર વાર્તા.

https://www.facebook.com/share/p/1E6TS8EqXd/

ronakjoshi2191

आज वीरता, स्वाभिमान और राजपूती आन-बान-शान के प्रतीक Maharana Pratap जी की जयंती है।
उनका जन्म 9 मई 1540 को राजस्थान के कुंभलगढ़ दुर्ग में हुआ था।
आज उनकी जयंती को पूरे 486 वर्ष हो चुके हैं, लेकिन उनका साहस, त्याग और स्वाभिमान आज भी हर राजपूत के दिल में जिंदा है। ❤️‍🔥
उन्होंने हमें सिखाया कि
“हालात कितने भी कठिन क्यों न हों,
लेकिन अपने सम्मान और मातृभूमि के आगे कभी झुकना नहीं चाहिए।” ⚔️
महाराणा प्रताप ने जंगलों में रहना स्वीकार किया, घास की रोटी खाई, कठिन जीवन जिया…
लेकिन कभी भी मुगल सम्राट Akbar की अधीनता स्वीकार नहीं की।
हल्दीघाटी का युद्ध केवल एक युद्ध नहीं था,
वो राजपूती स्वाभिमान की पहचान था। 🚩🦁
एक राजपूत होने के नाते आज दिल गर्व से भर जाता है कि
हम उस वीर भूमि और उस इतिहास से जुड़े हैं
जहाँ सम्मान के लिए लोग अपना सब कुछ कुर्बान कर देते थे। ❤️
“हम उस वंश से हैं
जहाँ तलवारें सिर्फ युद्ध नहीं,
सम्मान की रक्षा के लिए उठती थीं। ⚔️”
“राजपूत होना सिर्फ एक जाति नहीं,
यह साहस, स्वाभिमान और वफादारी की पहचान है। 👑”
“आज भी हमारे खून में वही जुनून बहता है,
जो कभी महाराणा प्रताप की तलवार में बहता था। 🔥”
“ना झुके थे, ना झुकेंगे…
क्योंकि हमारे इतिहास में महाराणा प्रताप जैसे वीर बसते हैं। 🚩”
“जिस मिट्टी ने महाराणा प्रताप जैसे शेर को जन्म दिया,
उस मिट्टी को मेरा बार-बार प्रणाम। 🙏”
आज के दिन हर राजपूत को अपने इतिहास, अपने संस्कार और अपने स्वाभिमान पर गर्व होना चाहिए। ❤️‍🔥⚔️
जय महाराणा प्रताप 🚩
जय मेवाड़ 🦁
जय राजपूताना ⚔️

aarushisinghrajpute

महाराणा प्रताप (9 मई 1540 - 19 जनवरी 1597) आज महाराणा प्रताप जी की जयंती पूरे देश में मनाई जा रही है। महाराणा प्रताप जी की वीरता और त्याग की गाथा पूरे विश्व में प्रसिद्ध है।
मेवाड़ के शासक महाराणा प्रताप जी का जन्म 9 मई 1540 को कुंभलगढ़ दुर्ग में हुआ था। महाराणा प्रताप जी का जन्म उत्सव उनकी वीरता और स्वाभिमान का प्रतीक है, जो आज भी प्रेरणा प्रदान करता है।

महाराणा प्रताप जी मेवाड़ (राजस्थान) के सिसोदिया राजवंश के एक महान राजपूत योद्धा थे, जिन्होंने अकबर की अधीनता स्वीकार करने के बजाय आजीवन संघर्ष किया। उन्होंने 1572 में गद्दी संभाली। 1576 के हल्दीघाटी युद्ध और बाद में छापामार युद्ध नीति से उन्होंने मुगलों को कड़ी टक्कर दी और मेवाड़ के स्वाभिमान की रक्षा की।

महाराणा प्रताप द्वारा घास की रोटी खाने की कहानी उनके अदम्य साहस और मुगलों के सामने न झुकने के संकल्प का प्रतीक है। हल्दीघाटी युद्ध के बाद, जब वे जंगलों में थे, तब उन्होंने मुगलों से लड़ने के लिए राजसी सुख त्यागकर जंगली घास (कोदो/रागी) के बीजों से बनी रोटियां खाई थीं।

महाराणा प्रताप जी को सादर नमन करते हुए प्रस्तुत है श्याम नारायण पांडेय जी द्वारा रचित रचना 🙏 🙏

स्वर्गीय श्याम नारायण पाण्डेय द्वारा रचित "चेतक की वीरता" हल्दीघाटी के युद्ध पर आधारित कविता वीर रस की कालजयी रचना है, जो महाराणा प्रताप के अदम्य साहस, चेतक की स्वामी भक्ति और मेवाड़ के स्वाभिमान को दर्शाती है।

चेतक की वीरता
--------------------

रण-बीच चौकड़ी भर-भरकर,चेतक बन गया निराला था।
राणा प्रताप के घोड़े से,पड़ गया हवा को पाला था॥

गिरता न कभी चेतक-तन पर,राणा प्रताप का कोड़ा था।
वह दौड़ रहा अरिमस्तक पर,या आसमान पर घोड़ा था॥

था यहीं रहा अब यहाँ नहीं
वह वहीं रहा था यहाँ नहीं
थी जगह न कोई जहाँ नहीं
किस अरिमस्तक पर कहाँ नहीं

जो तनिक हवा से बाँग हिली,लेकर सवार उड़ जाता था।
राणा की पुतली फिरी नहीं,तब तक चेतक मुड़ जाता था॥

कौशल दिखलाया चालों में,उड़ गया भयानक भालों में।
निर्भीक गया वह ढालों में,सरपट दौड़ा करवालों में॥
फँस गया शत्रु की चालों में
बढ़ते नद-सा वह लहर गया
फिर गया गया फिर ठहर गया
विकराल वज्रमय बादल-सा
अरि की सेना पर घहर गया।

भाला गिर गया गिरा निसंग
हय घोड़ा टापों से खन गया अंग
बैरी समाज रह गया दंग
घोड़े का ऐसा देख रंग।

संकलन / प्रस्तुति
आभा दवे

चित्र गूगल से साभार 🙏

daveabha6

Happy Mother's Day!

Create your personalized name poster and share it with your family and friends!

Click on below👇
https://dbf.adalaj.org/At3ZDQXA

#mothersday #happymothersday #motherslove #DadaBhagwanFoundation

dadabhagwan1150

MY CEO WIFEFollow the Raju Kumar Chaudhary official channel on WhatsApp: https://whatsapp.com/channel/0029Vb6nSzoDOQIXdQiMVl1U


Whatsapp Group link
https://chat.whatsapp.com/FOiOFZ11VTS7B1PIAe66kz


Story Book PDF link
https://www.matrubharti.com /rajukumarchaudhary502010"> https://www.matrubharti.com /rajukumarchaudhary502010



Follow the PRB STORY CLUB channel on WhatsApp: https://whatsapp.com/channel/0029Vb80wc69MF92VvNWbp11



YouTube channel link
https://youtube.com/@rajufilmyjunction?si=cCmXX87Yn7XPtluE


Love story Link
https://www.matrubharti.com

rajukumarchaudhary502010

## **मैं तुम्हें फिर मिलूँगा**
**(इमरोज़ संस्करण)**
*-मनप्रीत मेहनाज़*
मैं तुम्हें फिर मिलूँगा
कहाँ? किस तरह? पता नहीं
शायद तेरा दर्द बन कर
तेरी कविता में उतरूँगा,
या काव्य-बोल की टुणकार ही बन जाऊँ,
तेरी लय के साथ लय मिला लूँ।
शायद तेरी किसी कहानी का पात्र बनकर
तेरी सृजित कथा-भूमि में बनता-बिगड़ता रहूँ।
फिर तेरी कलम का स्पर्श मुझे मुकम्मल कर दे
या अधूरा छोड़ दे
पता नहीं किस तरह, कहाँ
पर तुम्हें ज़रूर मिलूँगा।
शायद हाथों में पकड़ी किताब बन जाऊँ
तू खोले, पढ़े, चूमे
और अपने सीने से लगा कर रखे,
कहीं-कहीं कुछ निशान भी लगाए,
हो सकता है तू बार-बार पढ़े
या आधे में ही छोड़ दे
पर मैं तुम्हें ज़रूर मिलूँगा।
ज़िन्दगी को भरपूर जीने के लिए
एक-दूसरे का हाथ पकड़ कर
लम्बे रास्तों पर चलने के लिए
अँधेरी रातें बिताने के लिए,
सितारों को गिनने के लिए
मैं तुम्हें फिर मिलूँगा।
🍂🍁

narayanmahajan.307843

“ये तुम्हारे लिए… अरे, सच में क्या?”

jaiprakash413885

जो लड़की अपने घर वालों से छिपकर तुमसे बात कर सकती है

तो वो तुमसे भी छुप कर किसी और से भी बात कर सकती है ?

anisroshan324329

आँखे देखूँ, जुल्फ़े देखूँ या खामोशी देखूँ, मैं कैसे उसकी तस्वीर एक बार में पूरी देखूँ,

हर बार कुछ नया सा दिखता है उसमें मैं उसे देखूँ या अपनी बेबसी देखूँ..

anisroshan324329

श्री कृष्ण कहते हैं…
सच्चा प्रेम दूरी से कमज़ोर नहीं होता,
बल्कि इंतज़ार में और गहरा हो जाता है…✨
जब दो दिल सच में जुड़े हों,
तो खामोशी भी एहसास बन जाती है…
मिलना ज़रूरी नहीं हर बार,
कुछ रिश्ते रूह से निभाए जाते हैं…💫
रास्ते चाहे अलग हो जाएँ,
पर दुआएँ हमेशा एक-दूसरे तक पहुँचती हैं…
अगर भरोसा सच्चा हो,
तो समय भी प्रेम को मिटा नहीं पाता…🌸
क्योंकि जो रिश्ता राधा-कृष्ण सा पवित्र हो,
वो बिछड़कर भी खत्म नहीं होता…
वो हर जन्म में
फिर एक-दूसरे तक पहुँच ही जाता है…✨

parmarsantok136152

Happy Birthday Pujyashree...

May this radiant glow of moon-like serenity illuminate the world with every passing year!

On the occasion of Pujyashree Deepakbhai's Birthday, let us read more about Him: https://dbf.adalaj.org/alcPXEX5

#happybirthday #birthdayvibes #birthdaywishes #birthdaycelebration #PujyashreeDeepakbhai #DadaBhagwanFoundation

dadabhagwan1150

શીર્ષક - કૃષ્ણ વિરહ

હે કાન્હા ભાન ભૂલી,
આવી તારા ઉંબરે.
ખબર નય કાન્હા,
પણ તું મારા હૈયે જઈ વસ્યો.
હે કાન્હા અધિરી બની,
દરવાજે તારી રાહ જોઈ ઉભી છું.
તરસી રહી છું કાન્હા,
તારી એક ઝલક જોવા.
હે કાન્હા તારા વિરહના,
દુઃખથી તડપી રહી છું.
ખબર નય કાન્હા પણ,
તને યાદ કરતા જ;
હું બધું ભૂલી જાવ છું.

savniya

The Kindle version of " A Love In The Shadows" will be available soon...

#suspensethrillers #mysterythriller #MysteryNovel #crimethriller #darkmystery

anand5870

*सुकून-ए-इश्क़*


तेरी यादों की खुशबू से महकता शाम का मंज़र,
जैसे तपती हुई राहों पे ठंडी छाँव का मंज़र।
न दुनिया की कोई हसरत, न ही पाने की रुस्वाई,
तेरे पहलू में मिल जाए, मुकम्मल चैन की गहराई।
बिना बोले ही सब कहना, वो आँखों की इनायत है,
मोहब्बत रूह से हो तो, इबादत ही इबादत है।
हवा जो छू के गुज़रे तो लगे पैगाम है तेरा,
धड़कते दिल की हर धड़कन में बस इक नाम है तेरा।
किनारे मिल ही जाते हैं, जो लहरों पर भरोसा हो,
सुकून उस दिल को मिलता है, जिसे तुम पर भरोसा हो।

rammake323039

Me thoda sa pagal hu ek tere liye meri jaan

jaiprakash413885

मेरी मुस्कराहट ने अपनें पीछे
छिपाया है ग़मोँ को बेशुमार
जाने लोंग देखकर मुझको
क्यों खाते है धोखा बार बार

गजेंद्र

kudmate.gaju78gmail.com202313

ચુપચાપ એ નજરોથી મને નિહાળ્યા કરે છે,
પ્રણય તો કરે છે, મને પણ શબ્દોને છુપાવે છે.

અધર સુધી આવીને અટકી જાય છે વાતો,
એ મૌન રહીને કેવો જાદુ ચલાવે છે મારાં પર

શાંત રહેતું મુખ એનું ઘણું કહી જાય છે મને,
માત્ર એક સ્મિત આપીને દિલને ધબકાવે છે.

ખુલ્લાં પુસ્તક જેવી છે આંખો એની છતાં,
નામ મારું લેવામાં એ કેટલું શરમાય છે.

મને નથી જરૂર હવે એની કોઈ લાંબી દલીલોની,
એની આંખોની પવિત્રતા જ મારાં માટે પુરતી છે.

palewaleawantikagmail.com200557