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रिश्तों की रोशनी

रिश्ते धागे जैसे होते हैं,
नाज़ुक भी, अनमोल भी,
थोड़ा-सा प्रेम मिले तो जुड़ जाते हैं,
थोड़ा-सा अहंकार हो तो टूट जाते हैं।

हर रिश्ता साथ रहे,
यह जरूरी तो नहीं,
कुछ लोग दूर होकर भी
दिल के पास रहते हैं कहीं।

जिसने बुरे वक्त में हाथ थामा,
उसे अच्छे वक्त में मत भूलना,
जिसने तुम्हारी खामोशी समझी,
उसके सामने शब्दों का हिसाब मत खोलना।

रिश्तों में जीत नहीं होती,
वहाँ समझदारी होती है,
जहाँ “मैं” थोड़ा कम हो जाए,
वहीं “हम” की शुरुआत होती है।

और अगर कभी कोई रिश्ता
तुम्हें भीतर से तोड़ने लगे,
तो उसे बचाने से पहले
अपने मन को बचा लेना।

क्योंकि सच्चा रिश्ता वही है—
जहाँ सम्मान बना रहे,
विश्वास जीवित रहे,
और दूरियाँ चाहे जितनी हों,
दिल में अपनापन बना रहे।

रिश्ते निभाइए प्रेम से,
मगर स्वयं को खोकर नहीं;
क्योंकि सबसे सुंदर रिश्ता वही है,
जिसमें प्रेम भी हो और आत्म-सम्मान भी। 🌸

skptech

ये जौन एलिया साहब ने व्यंग्य दिया था और इस पर बनी नज़्म को पाकिस्तान सरकार ने बैन कर दिया था।

authorpawansingh.367578

सचमुच में तुम बहुत ही बुरे हो


दर्द मुझे दे रहे हो
और सबको बचा रहे हो
तुम बहुत बुरे हो यार
और साथ में मुझे यह एहसास भी दिला रहे हो
कि मैं
सब कुछ नहीं संभाल शक्ति


भगवान अगर तुम सच में हो
तो
सचमुच में तुम बहुत ही बुरे हो यार
इतने बुरे जितने बुरे दुश्मन होते हैं




सचमुच में अगर तुम हो
तो
तुम मेरे सबसे बड़े दुश्मन हो
मेरे यार




मैं ना सब कुछ सही कर सकती हूं
ना खुद को बचा सकती हूं
ऐसी जिंदगी में
मैं बस खुद को दोस्त दे सकती हूं
तो
मैं तुम्हें क्या कहूं भगवान




सचमुच में मुझे नहीं लगता कि
तुम होते तो
इतना तकलीफ दुनिया में क्यों होता
कोई इस तरह क्यों रोता
किसी को तकलीफ इतनी ज्यादा क्यों होता





अगर तुम होते तो
सचमुच में सब कुछ अच्छा होता है
जिसने
किसी का कुछ नहीं बिगड़ा
उसे भी दर्द दर्द देते हो
तुम सचमुच में बुरे हो



बार-बार यह एहसांस दिलाते हो कि तुम
एक निराधार तिनका हो
जो चाह कर भी
खुद को नहीं बचा सकता
दूसरे को बचाने की तो दूर की बात है


सचमुच में तुम बहुत ही बुरा है
और निर्दय भी



हर जगह मातम है
हर दिल रो रहा है
सभी टूटे हुए हैं
फिर भी आश तेरा है
और तू है कि नजर उठा कर देखा भी नहीं
सचमुच में तुम बहुत ही बुरे हो






लोग झूठी आश लिए बैठे हैं
झूठी उम्मीद लगाए बैठे हैं

कोई सहारा नहीं
कोई किनारा नहीं

बस दूर-दूर तक आग का समुद्र है
धीरे-धीरे सभी उस आग मैं जल रहे हैं

कोई जिंदा तो
कोई चिता पर लेट कर

उम्मीद से हार चुका इंसान टूट कर मर जाता है


और खुद से हार चुका इंसान भगवान तुझे चाहता है
बस एक मौला तू ही सुन ले
और तू भी नहीं सुनता
तो फिर आखरी रास्ता क्या है
सचमुच में तुम बहुत ही बुरे हो यार

abhinisha

**“हम अनजाने थे खुद से,
बेपरवाह थे खुद से,
परवाह नहीं थी खुद की,
बेपरवाह हो गए खुद से।
उम्मीद जगी फिर जीने की,
फिर जीने लगे हम,
अब तनहा नहीं रहे हम,
सबसे अच्छे हो गए हम।”**

somadevi947535

लौठ कर मत आना -

सुनो, तुम अब लौठ कर मत आना, ऐसा नहीं कि अब तुमसे प्रेम नहीं है, हां, पर अब इंतज़ार नहीं।

यह विरह मुझे स्वीकार है, पर अब प्रेम तुम्हारा स्वीकार नहीं।

यह भी मत कहना कि तुम्हारे प्रेम में कोई हीनता थी, मैं ही प्रेमरक्षण में असफल रहा
सबको यही बताना,
सुनो,
तुम अब लौठ कर मत आना..!!

anisroshan324329

बाज़ारू को सिर्फ
बाज़ारू खरीद सकता हैं ....

anisroshan324329

कितनी बार हम कोई फैसला इसलिए

टाल देते हैं क्योंकि मन में पहला सवाल आता है, लोग क्या कहेंगे?

धीरे-धीरे दूसरों की राय हमारे फैसलों से बड़ी हो जाती है। हम अपनी पसंद, अपनी खुशी और अपनी सहजता को पीछे रखकर एक ऐसी स्वीकृति पाने की कोशिश करते हैं, जो कभी पूरी नहीं होती।

हर व्यक्ति आपको अपनी दृष्टि से देखेगा। हर किसी को खुश करना न संभव है, न जरूरी।

अपने निर्णयों की जिम्मेदारी लीजिए, अपनी अंतरात्मा की सुनिए और दूसरों की राय को अपनी शांति पर अधिकार मत दीजिए।

जब 'लोग क्या सोचेंगे?' की जगह 'मेरे लिए क्या सही है?' महत्वपूर्ण हो जाता है, तब भीतर स्वराज्य जागता है।

लोगों की राय से मुक्त होना, मन की सबसे सुंदर स्वतंत्रताओं में से एक

है।

anisroshan324329

**હજી હું હારી નથી.**

બારીમાંથી આવતી તડકાની
એક કિરણ મારી પાસે છે,
ઢળતી સાંજ પછી પણ
હૃદયમાં થોડી આશા છે.

અંધકાર મને કહે છે,
હવે કંઈ બાકી નથી,
હું હસીને કહું છું—
**હજી હું હારી નથી.**

સૂકી ડાળી પર પણ જુઓ,
એક કળી ચૂપચાપ છે,
પોતાની ઋતુમાં ખીલવાનું
એનું પોતાનું સ્વપ્ન છે.

જે થોડું મારામાં બચ્યું છે,
એને આજે સાચવું છે,
આવતી કાલની રાહ અજાણી,
છતાં વિશ્વાસ રાખવો છે.

**હજી હું બાકી છું,
હજી મારી સવાર બાકી છે.**
DHAMAK

heenagopiyani.493689

नया नेता, चंगा नेता...😁😂

kavidivyanshdivya552993

સકળ જગતમાં તને નિહાળું, તને વંદન કરું વારંવાર રે,
કણ કણમાં તું જ વસે છે, તારો ક્યાં અહીં પારાવાર રે!

રજકણથી લઈ વિરાટ સુધી, બધે જ તારો વિસ્તાર રે,
માપી ન શકે કોઈ તને, અપરંપાર તારો આ આકાર રે!

સૂરજમાં તું, ચંદ્રમાં પણ તું, તારલામાં તારો ઝળકાર રે,
પવનની લહેરોમાં તું વહે, સાગરમાં તું હિલોળ કરે રે!

ફૂલની સુગંધમાં તું મહેકે, પંખીની પાંખે ઉડાન ભરે રે,
હૃદયના દરેક ધબકારામાં, તું જ જીવનનો આધાર રે!

એકમાંથી અનેક રચ્યાં તેં, પણ અનેકમાં તું એક રે,
ભેદ ભલે દેખાય જગતમાં, મૂળ તારો અંશ એક રે!

મંદિરમાં શોધું, મૂર્તિમાં શોધું, શોધું તને સંસારમાં રે,
અંતરમાં ઝાંખું તો સમજાય, તું જ મારો સાચો સાર રે!

સુખમાં તું ને દુઃખમાં તું, તું જ આશાનો આધાર રે,
જન્મથી લઈને અંત સુધી, તારો જ ચાલે વ્યવહાર રે!

સકળ જગતમાં તને નિહાળું, તને વંદન કરું વારંવાર રે,
કણ કણમાં તું જ વસે છે, તારો ક્યાં અહીં પારાવાર રે!

મનોજ નાવડીયા

manojnavadiya7402

મિત્રો,
ફરી હાજર છું, એક નવી નાની રચના સાથે હંમેશા ની જેમ અપેક્ષા છે, તમને પસંદ આવશે. યોગ્ય પ્રતિભાવ આપશો તો આભારી થઇશ.
અસ્તુ........

" તમારી ફરિયાદ "
આમ તો તમારે કંઈ કામ નથી, અમારે આરામ નથી,
સમજો તો વાત જેમતેમ છે, પણ સાવ બેફામ નથી.

આંખોથી ઘાયલ કરવા,આખી દુનિયા કહે છે,
એવું તમારું જ કામ છે, બીજાનું આ કામ નથી.

વિરહમાં નજરો ભટકે સમજાય છે, હોય એવું,
પણ એવું કેવું કે તમારે તો મન ના જ કોઈ ગામ નથી.

આમ ગુસ્સો ન કરો મારા પર, વાત સાચી કરી છે,
આમ, ફરિયાદ તમને કરી છે, વાત ખુલ્લેઆમ નથી.

મદિરા છલકાતી રહે, પ્યાલામાંથી, લોકો બેધ્યાન બને,
જો આ નયન છલકાવે નશો તો, કહે આ જામ નથી.

માન્યું તમે અજાણ હશો, આ હાવભાવ કુદરતી હશે,
પણ લોકો પાગલ થાય તો કહેશો,મતલબ આમ નથી

jiteshdattani024052

jai jagannath

skptech

शिव ही सत्य हैं,
शिव अनंत हैं,
शिव अनादि हैं,
शिव भगवंत हैं,
शिव ओंकार हैं,
शिव ब्रह्म हैं,
शिव शक्ति हैं,
शिव भक्ति हैं।
सावन की शुभकामनाएं 🙏
हर हर महादेव 🙏

words.dilse

"…ठहरी हुई सी..."

एक आसमान की छत नीली
एक तेरे बालों की छांव
क्या चाहिए पूछो मुझे।

जो भी मिला,
न मिला जो
उससे कहीं ज्यादा ही था।

यू ही सिर रखे
गोद में तेरी देखता रहूं
तुम्हें पढ़ते हुए
मेरी ही किसी किताब का पन्ना
यकीन मानो हर पन्ने में
तुम्हें ही बोया गया है
मतलब तुम मेरी किताब नही
बल्कि खुद को पढ़ रही हो।

कितनी किताबें पढ़ती हो तुम
फुर्सत मिली है
तो और खो जाना इन कागजों में
कोई शिकायत नहीं मेरी
मुझे क्या मैंने तो मुहब्बत की है
तुम्हारे हिस्से की तुम
मुझे जितनी मिली हो
उतनी काफी हो।

गार्डन ईडन में
भी बांध लेते हैं
शब्द तुम्हें अपने जंजाल में

हर अक्षर,मात्रा
लोम - विलोम बस तुम से ही शुरू होते है
मेरा कोई व्याकरण नहीं है
हो तुम
हैं ये पल इसलिए
बस इसीलिए ये प्रवाह ठीक है

जो तुम नहीं
तो हार से भी गहरा कुछ
उतर आता है भीतर
लिखने लगता हू मैं
उतारने लगता हु वाक्यों में तुम्हें ही।

ए....

कभी मुड़कर मत देखना मुझे
क्योंकि गार्डन का श्रापित हिस्सा
हम सब के भीतर सुलगता रहता है

यह ईडन गार्डन भार दिया गया है
मंत्रों से।

क्या कभी तुम किताब से परे
जो दुनिया है उसे देखोगी
मैं लेकर जाऊंगा कभी तुम्हें वहां

पर अब नहीं
अभी तो बहुत देर रुकना है हमें यही

तुम किताब पढ़ोगी
गोद का तेरे सिरहाना
मैं तकता रहूंगा
यू ही
बस यू ही।

पर नहीं रह सकते यहां ज्यादा देर तक
तुम्हें पहले जाना होगा
तब हाथ छूटेगा
या मैं पहले जाऊ
तब भी हाथ छूटेगा।

इसकी मिट्टी पर ईव्ह
के कीमती आंसू गिरे है
अदम करता है उन्हीं के भरोसे खेती यहां।

कोई नहीं रह सकता
इस जगह की तरह
बस जगह ही रह जाती है
एक जगह।

सोहनी ने इसी मिट्टी के घड़ों पर
उकेरे है न जाने कितने चित्र

मैं भी तुम्हें
देखता हु उसी किसी चित्र की तरह।

अब किताब रख दो
यहां के पेड़ काटकर ही तैयार किए है
उसके पन्ने।

प्रेम,
किताब,
गार्डन,
मैं,
और तुम हम सब एक ही
डोर से बंधे हैं।

क्या तुम जा रही हो
ओह...

मैं तो भूल ही गया था
की ईश्क में बस मृत्यु ही मिलती है
मोक्ष नहीं।

तो चली जाना
वहां किताबें नहीं होगी

मैं आऊंगा
और लिखूंगा
फिर से तुम्हें
और तुम तब पढ़ोगी

जन्म और मृत्यु के
बीच बनी ये जगह ही
हमेशा मेरा होड़दार बनी रहेंगी।

इससे ज्यादा मुहब्बत
में ठहरी हुई रकीबियत
कही भी न हो।

anupgajare819691

दुधी हलवा..

एक अत्यंत चवदार प्रकार
दोन वाटया दुधीचा किस आजिबात पाणी पिळुन न काढता
ड्राय फ्रुटस काजू बदाम पिस्ते मनुके बेदाणे वगैरे
दोन वाटया साई सकट दुध
साखर पाऊण वाटी
दुध पावडर एक वाटी भर
तूप अर्धी वाटी

एका पॅन मध्ये तूप घालुन प्रथम ड्राय फ्रूट तुकडे चांगलें तळून घेणे
त्यातच दुधीचा किस परतून घ्यावा
साधारण आठ ते दहा मिनिटात तो थोडा मऊसर झाल्यावर त्यात साईसकट सर्व दुध घालावे व
शिजू द्यावें
या वेळेस पॅन वर झाकण आजिबात ठेवू नये
काही वेळाने दुध आटल्यावर साखर घालून
परत थोडा वेळ शिजवावे
साखरे मुळे याला थोडं पाणी सुटेल
आता आपण घेतलेली दुध पावडर
हळूहळू त्यात मिसळावी
गुठळी होऊ देऊ नये
आता आवडत असल्यास वेलदोडे पावडर मिसळावी
दुधी भोपळ्याचा एक वेगळा स्वाद असतो जो मला आवडतो त्यामुळे यात मी वेलदोडे केशर वगैरे टाळते
बाहेरच्या हलव्या मध्ये खवा असतो
हा घरचा खवा न वापरता सुद्धां हा हलवा स्वादिष्ट होतो
शिवाय दुधीची चव शाबूत रहाते

jayvrishaligmailcom

ममता गिरीश त्रिवेदी की 🌹 कविताएं ✍️

mamtagirishtrivedi740648

Agar baat sacchi Lage to follow karna mat bhulna aur agar aap is baat se sahmat hai to ek comment jarur karna.

anamika.804946

जगमग दीप ज्योति पत्रिका परिवार द्वारा आयोजित सम्मानोपाधि समारोह में मुझे "साहित्य शिरोमणि" मानद उपाधि से सम्मानित किया गया।
स्वास्थ्य समस्या के कारण में अलवर राजस्थान में उपस्थित नहीं हो सका।
आयोजकों ने मुझे विभूषित करने के लिए प्रमाण पत्र, मोमेंटो, माला और शाल डाक द्वारा भेजी है।

wajidhusain963gmail.com195608

A Big Thank You to All of You! 🙏✨

I’m literally in shock!
100,700 views ✨
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78 ratings ⭐

I started writing just 7 days ago and I never thought I’d reach here so soon.
Thank you for reading my stories, for supporting me, and for making me feel so loved.

If you love my stories, please don’t forget to FOLLOW me so you never miss the next part! ❤️

This is just the beginning. More stories coming your way!
- Anamika

anamika.804946

**रखो विश्वास खुद पर, गैरों पर नहीं,
उन्हें चाहिए हमारी नाकामयाबी,
हमें चाहिए अपनी आज़ादी।

इसलिए रुकना नहीं,
पीछे मुड़कर देखना नहीं,
हर कदम आगे बढ़ाते जाना।

विश्वास करना खुद पर इतना,
कि कोई तुम्हारा विश्वास तोड़ न पाए।
कठिन परिस्थितियाँ आएँ चाहे कितनी,
तुम उनसे कभी घबराना नहीं,
हर चुनौती का डटकर सामना करना।

हौसला रखना इतना
कि नाकामयाबी तुम्हें रोक न पाए,
हर उपलब्धि तुम्हारे कदम चूमे,
हर सपना तुम्हारा सच बन जाए।

जिस मंज़िल का सपना देखा है,
वह सपना केवल सपना न रहे,
तुम्हारा आज, तुम्हारा वर्तमान बन जाए।

दुनिया पर विश्वास करने से पहले
खुद पर विश्वास करना सीखो,
क्योंकि जब विश्वास खुद पर होता है,
तो सपने केवल सपने नहीं रहते—
वे तुम्हारी मंज़िल बन जाते हैं।

somadevi947535

Today, if you are resting in your home in independent India, you know, Priya, a prisoner bird who is serving life imprisonment in a cage shaped like your heart.


આજે સ્વતંત્ર ભારતમાં પોતાના ઘરમાં આરામ કરી લીધો હોય તો તમારા દિલ રૂપી પાંજરામાં ઉમર કેદ ભોગવી રહેલા એક કેદી પંખીની ખબર તો લો પ્રિયા.

savdanjimakwana3600