बारिश की ठंडी रात थी।
शहर की अदालत लगभग खाली हो चुकी थी।
लेकिन एक कोर्टरूम के अंदर…
आज एक ऐसा मुकदमा चल रहा था
जिसे देखकर हर किसी की साँसें थम गई थीं।
जज की कुर्सी पर बैठी थी
एक सख्त और घमंडी महिला जज।
उसका चेहरा बिल्कुल शांत था।
आँखों में ज़रा भी दया नहीं थी।
उसके सामने खड़ा था एक आदमी…
फटे कपड़े…
बिखरे बाल…
और हाथों में भारी जंजीरें।
उसकी आँखों में आँसू थे।
चेहरा दर्द से भरा हुआ था।
कोर्ट में मौजूद लोग उसे देख कर फुसफुसा रहे थे।
किसी ने कहा —
“ये तो कोई अपराधी लगता है…”
दूसरे ने कहा —
“लगता है बहुत बड़ा केस है…”
लेकिन तभी अचानक
कोर्ट में मौजूद एक बुज़ुर्ग वकील ने धीमी आवाज़ में कहा—
“तुम लोगों को पता भी है…
ये आदमी कौन है?”
सबकी नज़रें उसकी तरफ मुड़ गईं।
वकील ने गहरी साँस ली…
और कहा—
“ये… उसी जज का पति है।”
पूरा कोर्टरूम एकदम सन्न रह गया।
लोगों को अपने कानों पर विश्वास नहीं हुआ।
जज की कुर्सी पर बैठी महिला
और जंजीरों में जकड़ा आदमी…
कभी पति-पत्नी थे।
लेकिन आज
दोनों एक-दूसरे के सबसे बड़े दुश्मन बन चुके थे।
आख़िर ऐसा क्या हुआ था
कि एक गरीब पति
अपनी ही जज पत्नी से बदला लेने की कसम खा चुका था?
और वह कौन सा राज़ था
जो अगर अदालत में खुल जाता…
तो सबकी ज़िंदगी बदल जाती?
कहानी यहीं से शुरू होती है…
और आगे जो हुआ
वह किसी ने सपने में भी नहीं सोचा था…https://youtube.com/@rajufilmyjunction?si=cCmXX87Yn7XPtluE