मन में तूफानों से सवाल लेकर,
शांत मन से जवाब ढूंढना तुम।
कामयाबी को दिल से अपनाना,
जमीं पर रहकर आसमान में उड़ना तुम।
अपने आत्मसम्मान की लड़ाई,
खुद से ही लड़ना तुम।
जब समझ न आए कुछ भी,
ठहरकर खुद से ही पूछना तुम।
स्त्री हो, खुद को कम न समझना तुम।
जब दुनिया खिलाफ हो, खुद को गले लगाना तुम।
समझौते करना, पर खुद को न खोना तुम।
खामोशी में भी अपनी आवाज़ सुनना,
भीड़ में रहकर खुद को चुनना तुम।
रास्ते पर चाहे हलचल हो
सुनो…भीतर से गहरी नदी सी शांत बहना तुम।
Silent Shivani🖋🖋