एक बात के लिए मैं तुम्हारी बहुत एहसानमंद हूं महादेव
आपने मुझे यह सबक सिखाया है, महादेव कि जिंदा रहने के लिए अपने सिवाय किसी और का होना जरूरी नहीं होता हम जिनके साथ जीना चाहते हैं उनके बगैर भी जी सकते हैं और जी लेते हैं।इंसान अपने स्वार्थ के हिसाब से रहता है और छोड़ कर चला जाता है उसके मन का हो तो वह साथ रहेगा उसके मन का ना हो तो वह तुरंत दूसरे का हाथ थाम लेता है कभी मजबूरी बता के कभी मन के मैल के कारण । हर हर महादेव ❤️