तुम बिन, मैं एक बूँद हूँ,
तुम मिलो तो सागर बन जाऊँ।
तुम बिन, मैं एक धागा हूँ,
तुम मिलो तो चादर बन जाऊँ।
तुम बिन, मैं एक कागज हूँ,
तुम मिलो तो किताब बन जाऊँ।
तुम बिन, मैं केवल शब्द हूँ,
तुम मिलो तो प्रेमग्रंथ बन जाऊँ।
तुम बिन, मैं एक दुआ हूँ,
तुम मिलो तो इबादत बन जाऊ।