मैंने…
तुम्हारे लिए
सिर्फ यादें नहीं छोड़ीं,
मैंने अपना पूरा प्रेम छोड़ दिया है…
तुम्हारी हर मुस्कान में
मेरा एक हिस्सा छुपा है,
तुम्हारी हर खामोशी में
मेरी अधूरी बातें गूंजती हैं…
मैं तुम्हारे साथ कुछ ले नहीं जा पाऊँगा,
पर तुम्हारे अंदर जो “मैं” रह गया हूँ,
उसे कोई समय भी मिटा नहीं पाएगा…
अगर कभी भीड़ में
तुम अचानक चुप हो जाओ,
तो समझ लेना…
मेरी याद ने तुम्हें छू लिया है…
मैंने तुम्हें पाने से ज्यादा,
तुममें बस जाने की कोशिश की थी…
ताकि जब मैं न रहूँ,
तब भी तुम कभी अकेले न रहो…
मेरा प्रेम कोई कहानी नहीं,
जो खत्म हो जाए…
ये वो एहसास है,
जो तुम्हारे दिल में हमेशा धड़कता रहेगा…