विश्व पुस्तक दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ 🙏🙏
पुस्तकें
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ज्ञान की सीमा अनोखी
जगाती है वो अनदेखी
पुस्तकें ये प्यारी हमारी
उर- आँगन में खिलाती सूरजमुखी
माँ सरस्वती देती वरदान है
लेखनी में भरती ज्ञान है
अलग-अलग रंग रूपों की तरह
सृजन में रखती हर बात का ध्यान है।
गीता , कुरान , रामायण ,बाइबिल
गुरुग्रंथ साहिब की मिलती नहीं मिसाल
ये सारे ग्रंथ विश्व में हैं पूजे जाते ,
शांति का पाठ पढ़ाते
ईश्वर से सभी को जोड़कर हैं बेमिसाल।
सृजन की धारा यूँही बहती रहे युगो तक
ज्ञान की सीमा में बंधी रहे पुस्तक
अज्ञान का तिमिर ज्ञान से हो सदा दीप्त
विश्व में सभी का ऊँचा रहे मस्तक।
आभा दवे
मुंबई