Hindi Quote in Poem by Nihal singh

Poem quotes are very popular on BitesApp with millions of authors writing small inspirational quotes in Hindi daily and inspiring the readers, you can start writing today and fulfill your life of becoming the quotes writer or poem writer.

ख़ुद से गुफ़्तगू

रात फिर देर तलक जागता रहा मैं,

न किसी की याद को आवाज़ दी,

न किसी शिकवा-ओ-गिला का दर खोला,

बस अपने ही दिल के वीरान मकाँ में

चुपचाप टहलता रहा मैं।

अजीब बात है,

जिसे कभी अपनी दुनिया समझा था,

अब उसका ज़िक्र भी करूँ

तो लब काँप जाते हैं।

न इसलिए कि कोई ज़ख़्म ताज़ा है,

इसलिए कि कुछ एहसास

उम्र भर के लिए मुक़द्दर बन जाते हैं,

और अपने ही मुक़द्दर से

बचता फिर रहा हूँ मैं।

मैंने कई दफ़ा चाहा

कि तेरी यादों को तह करके

किसी पुराने ख़त की तरह रख दूँ,

मगर हर बार

कोई महक, कोई लम्हा, कोई ख़ामोशी

उन्हें फिर से खोल देती है,

और दिल की बीमारी

मेरा सारा हाल-ए-दिल बयाँ कर देती है।

अब न तुझसे कोई शिकायत है,

न ख़ुदा से कोई सवाल।

जो था, शायद उतना ही था,

जो नहीं रहा,

उस बात का अब क्या मलाल।

मोहब्बत हमेशा मिलने का नाम तो नहीं,

कभी-कभी वह

रूह के किसी गोशे में

उम्र भर जलते रहने वाला चराग़ भी होती है,

और उसी की तपिश में

पिघलता जा रहा हूँ मैं।

मानता हूँ,

तेरे जाने के बाद

बहुत कुछ बिखरा मेरे अंदर,

मगर जो टूटा,

वो सिर्फ़ एक रिश्ता नहीं था।

कुछ ख़्वाब थे,

कुछ मासूम यक़ीन थे,

और वो शख़्स भी,

जो तेरे साथ रहते-रहते

तेरा अक्स बन गया था।

अब जब आईने में देखता हूँ,

तो एक अजनबी-सा चेहरा नज़र आता है,

जो मुस्कुरा तो लेता है,

मगर उसकी आँखों में

एक मुकम्मल दास्ताँ ख़ामोश बैठी रहती है,

और उसी ख़ामोशी का

मतलब तलाशता रहता हूँ मैं।

फिर भी,

मैं तेरा नाम बद्दुआओं में नहीं लिखता,

क्योंकि मोहब्बत अगर सच्ची हो,

तो उसके मलबे से भी

इज़्ज़त की ख़ुश्बू आती है।

मैं बस इतना जानता हूँ,

कि एक दौर था

जब मेरा दिल तेरे नाम से धड़कता था,

और एक दौर ये है

कि वही दिल

अपने ही सन्नाटों को सुनकर जी रहा है।

शायद यही इश्क़ का आख़िरी सबक़ है—

कुछ लोग हमारी ज़िंदगी में

हमेशा रहने के लिए नहीं आते,

मगर उनके जाने के बाद

हम कभी पहले जैसे नहीं रह पाते,

और बरसों से

अपने ही वजूद की तलाश में हूँ मैं।

Hindi Poem by Nihal singh : 112027221
New bites

The best sellers write on Matrubharti, do you?

Start Writing Now