અજાણ્યો પત્ર - 30
माफी पत्र,
हा तुमने सही पठा। आज मैं माफी पत्र लिख रहा हूँ तुम्हे,
जब मैने देखा कि तुम्हारे चेहरे से हंसी गायब है, जब देखा कि तुम्हारी आंखें जो नम होके रोने को तरस रही है, जब देखा कि तुम खुद से ही कहीं नाराज हो गई हो, जब देखा की तुम अपने सपनों को पूरा करने के लिए तड़प रही हो, तब लगा कि मुझे माफी मांगनी चाहिए, हर वो खत के लिए जिसे पढ़ कर तुम और उदास हुई हो। इसलिए ये खत मेरे माफी का एक जरिया समझ कर माफ कर देना।