आषाढी निमित्ताने-
वारी निघाली पंढरपूरी
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विठू राहे पंढरपूरी
मंदिर चंद्रभागे तिरी
आली आली आषाढी
वारीत चाले वारकरी ।।
पाहण्यास श्री विठ्ठला
भाव अंतरी हो दाटला
टाळ- चिपळ्या वाजवी
हरिनाम तेओठावरी ।।
वीणा-टाळ ,मृदंग वाजे
रामकृष्ण हरी नाम साजे
आनंद अनिवार हो अंतरी
जयघोष करी वारकरी ।।
पंढरपुरी जाती वारकरी
पाहण्या सावळा श्रीहरी
म्हणे कवी अरुणदास
नाम गोड श्रीहरी श्रीहरी ।।
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कवी अरुणदास"अरुण वि.देशपांडे-पुणे
9850177342
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