मर्दों ने विवाह किया, सोचकर.. दो रोटी मिल जाएगी वक्त पर,साथी आ जाएगा,एक हमसफ़र होगा, जिसके साथ जिंदगी बेहतर बनाने की कोशिश होगी,वहीं औरतें खोजती रहीं,एक संपन्न परिवार, जहां आराम हो और एक कमाने वाली मशीन.. जो हर महीने जेब खर्च दे और एक साथी, जिससे अपनी ज़रूरतें पूरी की जा सकें..