Pahli Nazar ka Ishq - 11 in Hindi Love Stories by Bikash parajuli books and stories PDF | पहली नज़र का इश्क - 11

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पहली नज़र का इश्क - 11

स्कूल का माहौल आज कुछ अलग था। हर बच्चे के चेहरे पर उत्साह और खुशी थी क्योंकि आज स्कूल ट्रिप था। सभी छात्र अपने बैग पैक कर चुके थे और बस का इंतजार कर रहे थे।
बिकाश और माया भी बेहद उत्साहित थे। पिछले हफ्तों में उनके बीच दोस्ती और प्यार और गहरा हुआ था, और अब यह ट्रिप उन्हें और करीब लाएगी।
सुबह की तैयारी और उत्साह
सुबह का समय था, और माया अपने बैग में जरूरी चीजें रख रही थी। बिकाश अपने बैग में पानी की बोतल और सैंडविच रख रहा था।
माया ने मुस्कुराते हुए कहा,
“बिकाश, आज का दिन मज़ेदार होने वाला है। मैं तुमसे हर पल साथ रहना चाहती हूँ।”
बिकाश ने हल्की हँसी के साथ कहा,
“माया… तुम्हारे साथ तो हर पल मज़ेदार और रोमांचक होता है।”
दोनों ने एक-दूसरे की आँखों में देखा और उनकी धड़कनें तेज हो गईं।
बस की यात्रा और मज़ेदार पल
जब बस आई, तो सभी छात्र उसमें चढ़ गए। बिकाश और माया पास-पास बैठे।
माया ने हँसते हुए कहा,
“देखो बिकाश, अब हमें रास्ते में मज़ा करना है।”
बिकाश ने मुस्कुराते हुए जवाब दिया,
“तुम्हारे साथ तो रास्ता भी रोमांचक लगता है।”
रास्ते में दोनों ने गाने गाए, मज़ाक किया और अपने दोस्तों के साथ हँसी-मज़ाक में व्यस्त हो गए।
पहला रोमांचक अनुभव: जंगल में ट्रेकिंग
स्कूल ट्रिप का मुख्य आकर्षण था जंगल ट्रेकिंग। शिक्षक ने सभी बच्चों को सुरक्षा निर्देश दिए और ट्रेकिंग शुरू हुई।
बिकाश ने माया का हाथ थामते हुए कहा,
“माया, डर मत जाना। मैं तुम्हारे साथ हूँ।”
माया ने मुस्कुराते हुए कहा,
“तुम्हारे साथ तो डर भी रोमांचक लग रहा है।”
रास्ते में उन्होंने छोटे-छोटे पत्तों और पेड़ों के बीच से होकर चलना शुरू किया। बीच में माया का पैर फिसला, लेकिन बिकाश ने तुरंत उसे संभाला।
“तुम ठीक हो न?” बिकाश ने चिंता से पूछा।
“हाँ, अब मज़ा आ रहा है,” माया ने मुस्कुराते हुए कहा।
दोनों ने मिलकर ट्रेकिंग का आनंद लिया और रास्ते में छोटे-छोटे रोमांचक अनुभव एक-दूसरे के साथ बांटे।
मज़ेदार खेल और दोस्ती
ट्रेकिंग के बाद, शिक्षक ने बच्चों के लिए टीम गेम्स और मस्ती आयोजित की। बिकाश और माया ने मिलकर एक टीम बनाई।
माया ने मजाक में कहा,
“देखो बिकाश, अब हमें हर गेम में जीतना है!”
बिकाश ने मुस्कुराते हुए कहा,
“हाँ माया… और तुम्हारे साथ होना इसे और मज़ेदार बनाता है।”
टीम गेम्स में दोनों ने हँसी-मज़ाक और शरारत के साथ भाग लिया। माया ने बिकाश को धीरे से छेड़ते हुए कहा,
“तुमने मुझे हर बार हरा दिया, अब मैं तुम्हें हरा दूँगी।”
बिकाश ने मुस्कुराते हुए कहा,
“मैं तैयार हूँ, माया… तुम्हारे बिना यह मज़ा अधूरा होता।”
पहला रोमांटिक पल: झील किनारे पिकनिक
दिन के अंत में, सभी बच्चे जंगल के पास की झील पर पहुंचे। शिक्षक ने बच्चों के लिए पिकनिक का आयोजन किया।
बिकाश और माया ने अकेले बैठकर सैंडविच खाया और झील की ओर देखा।
बिकाश ने धीरे से माया का हाथ पकड़ा और कहा,
“माया, आज का दिन यादगार है। तुम्हारे साथ हर पल खास लग रहा है।”
माया ने मुस्कुराते हुए कहा,
“और मैं भी बिकाश… तुम्हारे बिना यह सब अधूरा लगता।”
दोनों ने हाथ कसकर थाम लिया। झील की हल्की लहरें और हवा की ठंडी बूँदें उनके प्यार और दोस्ती को और गहरा बना रही थीं।
छोटी नोक-झोंक और हँसी
पिकनिक के दौरान, माया ने हँसते हुए कहा,
“देखो बिकाश, तुम्हें झील में कूदने में डर लग रहा था, है ना?”
बिकाश ने मुस्कुराते हुए कहा,
“तुम्हारे साथ तो डर भी मज़ेदार लगता है।”
दोनों हँस पड़े। झील में पानी की हल्की ठंडक, हँसी और नोक-झोंक ने उनके रिश्ते में मिठास और रोमांच जोड़ दिया।
दिन का रोमांचक अंत
शाम होते-होते, सभी बच्चे बस में वापस लौटने लगे। बिकाश और माया पास-पास बैठे।
माया ने मुस्कुराते हुए कहा,
“बिकाश, यह दिन हमेशा याद रहेगा। तुम्हारे साथ हर पल खास और रोमांचक होता है।”
बिकाश ने हल्की हँसी के साथ कहा,
“और मैं भी माया… तुम्हारे बिना यह ट्रिप अधूरी होती।”
दोनों ने झील की ओर आखिरी बार देखा। सूरज की आखिरी किरणें उनके चेहरे पर पड़ रही थीं। यह पल उनके लिए हमेशा यादगार बन गया।
Episode 11 का संदेश
इस एपिसोड ने यह दिखाया कि:
पहली स्कूल ट्रिप और रोमांचक अनुभव दोस्ती और प्यार को और गहरा बनाते हैं।
छोटे-छोटे रोमांच, शरारतें और नोक-झोंक रिश्ते में मिठास और मज़ा जोड़ते हैं।
प्यार केवल रोमांस नहीं, बल्कि विश्वास, सहयोग और हर पल एक-दूसरे के साथ होने का अनुभव भी है।
बिकाश और माया अब न केवल पहले प्यार के साथी थे, बल्कि सच्चे दोस्त, भरोसेमंद साथी और हर रोमांच में एक-दूसरे के लिए खड़े रहने वाले साथी भी बन चुके थे।