Quotes by Ishani in Bitesapp read free

Ishani

Ishani Matrubharti Verified

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गले लिपट कर राज साझा करने का वो दौर बीत चुका है जनाब ..आखिर में एहसास होता है और खुद ही सम्भल जाते हैं...❤️‍🩹

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इंसान तारों को तब देखता है,जब अंदर कोई सन्नाटा उतरता है, दिन में चेहरों की भीड़ रहती है,
रात को सच दिल से गुजरता है............

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चेहरे से पता नहीं चलता दिल के गहरे ज़ख्मों का,
ये मुस्कान तो बस एक तरीका है दर्द छुपाने का।
आँखों में अक्सर ठहरा रहता है खामोश सा समंदर, हर किसी को हुनर नहीं होता ग़म पहचान पाने का।कोई साहिल पर खड़े होकर क्या समझे लहरों का दर्द,उसे क्या पता बोझ क्या होता है अंदर डूब जाने का।
हम भी हँसते हैं महफ़िल में सबके साथ मगर,
अंदर चलता रहता है सिलसिला टूटते जाने का।
हर शख्स यहाँ पूरा नहीं होता जैसा दिखता है,
किसी को शौक नहीं होता यूँ अंदर से बिखर जाने का। कुछ ज़ख्म आवाज़ नहीं करते, बस चुपचाप रहते हैं, फिर भी वक़्त लगता है दिल को फिर से संभल जाने का।

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Beshak sabr ke baad sab sambhal jata hai, Lekin sabr karne se sabr aajane tak ke safar me kai baar insaan bikhar jaata hai".

सरल नहीं है किसी से,यूँ प्रेम कर पाना
किसी का प्रेम समझ पाना,प्रेम का मान रख पाना,आप अनजाने में अनेक बार,वे फूल कुचल डालते हैं.......
आप प्रेम तो चाहते हैं मगर,देने का मात्र भ्रम पालते हैं,सरल नहीं है किसी हृदय के,फूलों को सींच पाना,सरल नहीं है स्वयं को,इस समर्पण पर खींच लाना...💗😌

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खर्च कर तुम पर अपना सारा सुकून,
थोड़ी सी मैंने बेचैनी खरीदी है,
तुम्हारे ख्वाबों में उलझ कर रह गयी हूं मैं,
अपनी नींद भी तुम पर उधारी दी है।
हर लम्हा तन्हा बीता तेरे इंतज़ार में,
और हर खुशी तेरे नाम पर कुर्बानी दी है,
ये इश्क़ कोई सौदा नहीं था शायद,
पर फिर भी मैंने हर खुशी तुम्हारी खुशी में दी है।

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अजीब ज़ुल्म करती हैं तेरी ये यादें,
जो पलकों पे उतरें तो नींदें भी रूठ जाएं,
हर सांस में बसे हो तूम, हर लम्हा तेरा नाम हो जैसे,
जैसे धड़कनों की ज़ुबां बन गई हो तेरी बातें।
सोचूं तुझे तो ख्वाबों की कश्ती डूबने लगे,
ना सोचूं तो ये खाली दिल किसी किनारे को तरसे।
राहों में तेरा अक्स इस तरह बिखरा है जैसे तू हवा बनकर मुझे छू जाता है,
और हवाओं में तेरा असर कुछ इस कदर है कि तेरे बिना सांस भी अजनबी सी लगती है।
छूटे भी कैसे तुझसे — तू कोई रिश्ता नहीं, फिर भी सबसे करीब है,
तू ही तो है मेरा सफर, मेरी मंज़िल, मेरा रास्ता, और हर कदम पे मेरी तन्हाई की ताबीर भी तू ही है।"🌿🌿🌿

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हर लम्हा नया इक ख्वाब सजाया हमने,
अंधेरों में भी उजालों को पाया हमने।
मौत दरवाज़े तक आई तो क्या हुआ,
हर सुबह को फिर मुस्कुराया हमने।

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लहर कितनी भी दूर चली जाए होती समुंदर की ही है.....❤️😌

Good morning ☕