Free Gujarati Book-Review Quotes by Jinal Vora | 111757781

Jinal Vora લિખિત વાર્તા "જીવનશૈલી - 1" માતૃભારતી
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अब ला इलाज हो गए है देव बाबू 7 months ago

अश्क जाया हो रहे थे देख कर रोता ना था जिस जगह बनता था रोना उधर मैं रोता ना था सिर्फ तेरी चुपी ने गाल गीले कर दिए मैं तो वो हु जो किसी की मौत पर भी रोया न था....

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