Free Hindi Thought Quotes by सनातनी_जितेंद्र मन | 111765882

ये जरुरतें नादान हैं,
कुछ समय की ही मेहमान हैं।
गिरगिट की तरह घटती-बढ़तीं,
सब इच्छाओं की खान हैं।
बेवजह पाल

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