Free Hindi Poem Quotes by Darshita Babubhai Shah | 111807575

मैं और मेरे अह्सास

जहां पे रिस्तों मे ख़ुदाई बरसती है l
सुनो होते है चर्चा में आफ़रीन रिश्ते ll

फ़क़त रूह से अमीर इंसान ही सदा l
दिल से जुड़े रहने को तल्लीन रिश्ते ll

सखी
दर्शिता बाबूभाई शाह

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