Free Hindi Poem Quotes by Darshita Babubhai Shah | 111833594


मैं और मेरे अह्सास

प्यार दोबारा हो नहीं सकता l
कहने से हमारा हो नहीं सकता ll

वो जो रुठ के जा रहे हैं फ़िर उनसे l
दिलों का मिलाना हो नहीं सकता ll

मुहब्बत ही इबादत जिसकी l
आशिक लुटेरा हो नहीं सकता ll

सखी
दर्शिता बाबूभाई शाह