मेरी मोहब्बत का हर रंग सिर्फ तुम हो
जिसकी मुझे तलाश थी क्या वो तुम हो?
जब भी मैं तुम्हें सोचता हूँ,
दिल खुद-ब-खुद मुस्कुरा उठता है,
जैसे किसी ने मेरी रूह पर
हल्के से प्यार रख दिया हो।
तुम्हारा नाम आते ही
मेरे भीतर कुछ खिल जाता है,
कुछ जग जाता है,
जैसे दिल कह रहा हो,
“ये वही है,
जिसका इंतज़ार था।”
तुम नहीं जानती,
पर तुम्हारा ख्याल भी
मेरी दुनिया को
इतना खूबसूरत बना देता है
जितना कोई सुबह की पहली धूप।
कभी-कभी सोचता हूँ,
कैसे बताऊँ तुम्हें
कि तुम्हारी यादें भी
मेरे लिए एक मोहब्बत है,
क्योंकि तुम्हारी याद
मेरी सबसे प्यारी आदत बन चुकी है।
तुम्हारी हंसी, तुम्हारी बातें,
तुम्हारा अंदाज़,
सब कुछ दिल में ऐसे बस गया है
जैसे तुम मेरे नहीं,
मेरी साँसों के लिए बनी हो।
सच कहूँ,
मैं तुम्हें सिर्फ याद नहीं करता,
मैं तुम्हें महसूस करता हूँ।
हवा छूती है तो तुम लगती हो,
बारिश गिरती है तो तुम,
रात की ख़ामोशी भी
तेरी आवाज़ जैसी लगती है।
कभी-कभी दिल चाहता है
कि तुम मेरे पास होती,
और मैं तुम्हारा हाथ पकड़कर
धीरे से कहता,
“देखो, ये दिल, ये रूह,
दोनों तुम्हारे हैं।”
मैं प्यार जताना नहीं जानता,
पर तुमसे प्यार करना
मेरे लिए सांस लेने जैसा है,
बस हो जाता है, रुकता नहीं।
काश तुम जान पाती
कि मैं कितनी मोहब्बत
तेरे हिस्से रखता हूँ,
इतनी कि पूरे आसमान में भी
समा न पाए।
तुम हो तो सब कुछ है,
वरना दुनिया भी
बस एक शोर लगती है।
शायद हम भटके हुए मिले है
तेरे लिए सोचना मेरा सबब बन गया
मोहब्बत तो अब करके देखेंगे तुझसे ही
तुम मिलो या तुम्हारी यादें, दोनों कबूल है,
मैं एक पागल सा लड़का था
तेरे इश्क़ ने बीमार कर दिया
अब अपनों से क्या शिकवा करे
दर्द भी तुम, दवा भी तुम
दिल भी तुम, धड़कन भी तुम!